GNIOT College News : जीएनआईओटी एमबीए कॉलेज में 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' अभियान, छात्रों ने ली नशामुक्ति की शपथ, एमबीए कॉलेज में संस्थान के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ IQAC के तत्वावधान में नशामुक्ति जागरूकता एवं प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने भाग लिया
जीएनआईओटी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता एवं उपाध्यक्ष श्री गौरव गुप्ता ने ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के नैतिक, सामाजिक और चारित्रिक विकास के लिए भी समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। भारत सरकार के ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत नॉलेज पार्क-2 स्थित जीएनआईओटी एमबीए कॉलेज में संस्थान के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में नशामुक्ति जागरूकता एवं प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी गई। अंत में सभी विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ लेते हुए स्वयं किसी भी प्रकार का नशा न करने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती बीके सिस्टर ललिता, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं आध्यात्मिक अध्यापिका, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति और भविष्य हैं। यदि युवा नशे की गिरफ्त में आते हैं तो उनका भविष्य ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि नशा केवल शरीर को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि व्यक्ति की सोच, परिवार और सामाजिक जीवन को भी कमजोर कर देता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे राजयोग मेडिटेशन, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उनके अनुसार मानसिक तनाव, अकेलापन और गलत संगति अक्सर युवाओं को नशे की ओर ले जाती है। यदि युवा आत्मिक शक्ति को पहचानें और अच्छे विचारों तथा सकारात्मक गतिविधियों से जुड़े रहें तो वे आसानी से नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सकते हैं।
संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का युवा स्वस्थ, शिक्षित और नशामुक्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे शिक्षा, खेल, शोध और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी समाज में बदलाव का वाहक बन सकता है और छोटी-छोटी सकारात्मक पहल भी बड़े परिवर्तन का आधार बनती हैं।
जीएनआईओटी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता एवं उपाध्यक्ष श्री गौरव गुप्ता ने ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों के नैतिक, सामाजिक और चारित्रिक विकास के लिए भी समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत के समर्थन में अपने विचार भी साझा किए और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प व्यक्त किया। पूरे आयोजन में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला।



