Greater Noida Authority News : स्वच्छता की अलख, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में चलाया गया स्वास्थ्य विभाग का जागरूकता अभियान!, प्राधिकरण की पहल, जनता का साथ – मिलकर बनेगा 'स्वच्छ ग्रेटर नोएडा वेस्ट', सीईओ NG रवि कुमार का स्पष्ट निर्देश स्वास्थ विभाग की टीम को जागरूकता अभियान स्वच्छता चलाओ

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गंदगी, कूड़ा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को लेकर अब प्रशासन बेहद गंभीर होता नज़र आ रहा है। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के स्पष्ट निर्देश पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक ज़ोरदार स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया।
इस अभियान का नेतृत्व ओएसडी गुंजा सिंह ने किया, जिसमें ग्राउंड पर जाकर न सिर्फ सफाई व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई, बल्कि स्थानीय निवासियों के साथ सीधा संवाद भी स्थापित किया गया। यह पूरी पहल ‘सुनवाई नहीं, अब सफाई की सच्चाई’ की तर्ज पर आगे बढ़ी।
सेक्टर दर सेक्टर चला सफाई का कारवां
इस स्वच्छता अभियान के तहत जिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग सक्रिय रहा, वे हैं –
सेक्टर-12
सेक्टर-10
टेकजोन-4
ईकोटेक-12
इन सभी क्षेत्रों में टीमों ने फुट पेट्रोलिंग की, स्थानीय नागरिकों से संपर्क साधा और साफ-सफाई को लेकर उनकी सुझाव व समस्याएं जानीं।
जनता फ्लैट्स पर विशेष फोकस – सेक्टर-10 बना केंद्र बिंदु
स्वास्थ्य विभाग ने सेक्टर-10 के जनता फ्लैट्स में विशेष निरीक्षण किया। यहां
डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन,
मैनुअल स्वीपिंग,
और कूड़ा निष्पादन प्रक्रिया की विस्तृत जांच की गई।
अधिकारियों ने यहां रहने वाले निवासियों के साथ फीडबैक सेशन भी आयोजित किया जिसमें नागरिकों ने अपनी चिंता और सुझाव दोनों साझा किए।
हैंड माइक बना संचार का पुल, जागरूकता बनी मुख्यधारा
टेकजोन-4 और सेक्टर-10 में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हैंड माइक के ज़रिए सीधा संवाद स्थापित किया। खुले में कूड़ा फेंकने से न सिर्फ इलाके की सुंदरता बिगड़ती है, बल्कि यह बीमारियों को भी न्योता देता है – इस बात को अधिकारियों ने हर नागरिक तक पहुंचाया।
संदेश था सीधा और सरल:
“खुले में कूड़ा न फेंकें, अपने डस्टबिन का करें सही इस्तेमाल।”
प्रशासन और जनता का तालमेल ही स्वच्छता की असली ताक़त
स्वास्थ्य विभाग का ये अभियान केवल सरकारी पहल नहीं रहा, बल्कि स्थानीय निवासियों ने भी इसे खुले मन से सराहा और सहयोग किया। कई सेक्टरवासियों ने खुद आगे आकर बताया कि वे अपने मोहल्लों में नियमित सफाई अभियान चलाने को तैयार हैं, बस प्राधिकरण से नियमित वेस्ट कलेक्शन सुनिश्चित हो।
प्रमुख नागरिकों ने क्या कहा?
नीलम चौधरी (सेक्टर-12 निवासी):
“अगर हर हफ्ते इस तरह का निरीक्षण हो, तो हमारी सोसाइटी स्वर्ग बन जाए।”
अंकुर त्यागी (टेकजोन-4):
“यह अभियान बहुत जरूरी था। हम खुद प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जब प्राधिकरण भी साथ आए, तो सफाई का असर दोगुना होता है।”
रेखा राणा (जनता फ्लैट्स):
“पहली बार ऐसा लगा कि कोई अधिकारी हमारी गली में आया और हमारी बातें सुनीं। यह बदलाव की शुरुआत है।”
अभियान की निरंतरता होगी सुनिश्चित – स्वास्थ्य विभाग
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई एक दिवसीय ड्राइव नहीं है। ऐसे जागरूकता अभियानों को हर हफ्ते एक नए सेक्टर में चलाया जाएगा। अगले चरण में सेक्टर-16, 1 और 4 को जोड़ा जाएगा।
स्थानीय बच्चों और युवाओं ने भी दिखाया उत्साह
इस अभियान में स्थानीय स्कूलों के बच्चों, एनजीओ कार्यकर्ताओं और सोसाइटी वॉलंटियर्स ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों ने पोस्टर बनाकर “स्वच्छ भारत, सुंदर भारत” के नारे लगाए।
अभी भी कई चुनौतियां बाकी
हालांकि इस अभियान से सफाई व्यवस्था को गति मिली है, लेकिन कुछ समस्याएं अब भी बनी हुई हैं जैसे:
कुछ सेक्टरों में डस्टबिन की कमी
वेस्ट कलेक्शन का अनियमित समय
खुले प्लॉटों में अनाधिकृत कूड़ा निपटान
इन समस्याओं पर भी प्राधिकरण ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
मुख्य बिंदु – एक नजर में
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रमुख सेक्टरों में स्वास्थ्य विभाग की स्वच्छता जांच
जनता फ्लैट्स में सफाई व्यवस्था पर विशेष फोकस
हैंड माइक से सीधी अपील – खुले में कूड़ा न फेंकें
स्थानीय नागरिकों से संवाद और सुझाव
बच्चों, महिलाओं और युवा संगठनों की भागीदारी
अभियान की निरंतरता पर विशेष जोर
एक कदम स्वच्छता की ओर – तभी बनेगा सुंदर शहर का सपना साकार!
ग्रेटर नोएडा वेस्ट को स्वच्छ और रोगमुक्त बनाना केवल प्रशासन का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग की यह मुहिम एक प्रेरणा है, जिसे हर सोसाइटी, हर कॉलोनी तक पहुंचाना ज़रूरी है।
आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें –
“स्वच्छता मेरी ज़िम्मेदारी है!”



