Paramount Golfmart News : ग्रेटर नोएडा में सनसनी: पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी की लिफ्ट में फंसे लोग, आधे घंटे तक दहशत का माहौल, रखरखाव पर उठे बड़े सवाल, प्रीमियम फैसिलिटीज मेंटेनेंस पर उठे सवाल

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र स्थित हाई-प्रोफाइल पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी में सोमवार शाम को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सोसाइटी की एक लिफ्ट अचानक चौथी मंज़िल पर रुक गई और उसमें सवार कई लोग करीब आधा घंटे तक फंसे रहे। इस दौरान लिफ्ट के अंदर फंसे यात्रियों की सांसें अटक गईं और बाहर खड़े लोगों की बेचैनी बढ़ती चली गई।
कैसे हुआ हादसा – अचानक रुक गई लिफ्ट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लिफ्ट सामान्य रूप से चल रही थी कि अचानक चौथी मंज़िल पर जाकर झटके के साथ रुक गई। लिफ्ट के अंदर मौजूद लोगों ने इमरजेंसी अलार्म बजाने और फोन कॉल के ज़रिए मदद मांगी। लेकिन तत्काल सहायता न मिलने से वहां चीख-पुकार और घबराहट का माहौल बन गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि लोग लिफ्ट में फंसे हुए हैं और बाहर से लोग दरवाज़ा खोलने का प्रयास कर रहे हैं। वीडियो ने सोसाइटी की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों की हालत – डर और घबराहट
करीब आधे घंटे तक फंसे रहने के कारण लिफ्ट में मौजूद लोग घबराहट और बेचैनी से जूझते रहे। गर्मी और ऑक्सीजन की कमी की वजह से उनकी हालत बिगड़ती नज़र आ रही थी। छोटे बच्चे और बुज़ुर्ग खासतौर पर परेशान दिखे। बाहर खड़े परिजनों और सोसाइटी निवासियों के चेहरे पर भी तनाव साफ झलक रहा था।
मेंटेनेंस टीम पर लापरवाही का आरोप
सोसाइटी निवासियों ने आरोप लगाया कि लिफ्ट में गड़बड़ी की जानकारी तुरंत मेंटेनेंस विभाग को दी गई, लेकिन उनकी तरफ से कोई भी त्वरित कार्रवाई नहीं की गई। निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते तकनीकी टीम पहुंच जाती तो लोगों को आधे घंटे तक इस डरावनी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
तकनीकी खराबी बनी वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ। हालांकि, निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में लिफ्ट की नियमित जांच और समय-समय पर सर्विसिंग नहीं की जाती। इस कारण पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए।
स्थानीय लोगों ने की मदद
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने लिफ्ट का दरवाज़ा खोलने का प्रयास किया और फंसे हुए लोगों का हौसला बढ़ाया। अंततः कड़ी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाज़ा खोला गया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
निवासियों की मांग – हो सख्त जांच
सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि यह घटना प्रबंधन और मेंटेनेंस विभाग की लापरवाही को उजागर करती है। उन्होंने मांग की है कि लिफ्ट की नियमित सुरक्षा जांच और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
निवासियों के मुताबिक, सोसाइटी में लिफ्ट खराब होने की घटनाएं नई नहीं हैं। पहले भी कई बार अचानक लिफ्ट रुकने या झटका देने की शिकायतें आई हैं। लेकिन हर बार मामले को हल्के में लिया गया और कोई ठोस सुधार नहीं किया गया।
हाई-प्रोफाइल सोसाइटी पर उठे सवाल
पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट जैसी हाई-प्रोफाइल सोसाइटी, जहां निवासी लाखों रुपये में फ्लैट खरीदते हैं और मोटा मेंटेनेंस चार्ज देते हैं, वहां इस तरह की घटनाएं होना कई सवाल खड़े करता है।
आखिर निवासियों की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन कितनी गंभीरता दिखा रहा है?
क्या सोसाइटी की लिफ्ट और अन्य सुविधाओं की नियमित जांच की जाती है? निवासियों को उनकी मेहनत की कमाई का सही मूल्य मिल रहा है या नहीं?
लोगों की राय – डर के साए में जीना मजबूरी
घटना के बाद एक निवासी ने कहा –
“हम यहां सुरक्षित और बेहतर जीवन की उम्मीद से आए थे, लेकिन अब हर बार लिफ्ट में बैठने से डर लगता है। बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए यह बेहद खतरनाक है। प्रबंधन को तुरंत कदम उठाना चाहिए।”
दूसरे निवासी ने कहा –
“मेंटेनेंस चार्ज हर महीने लिया जाता है, लेकिन सुरक्षा और सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। यह हमारी ज़िंदगी से खिलवाड़ है।”
संदेश साफ – सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं
यह घटना इस बात की गवाही देती है कि सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सोसाइटी प्रबंधन को चाहिए कि वह अपनी जिम्मेदारियों को समझे और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। साथ ही, लिफ्ट जैसी महत्वपूर्ण सुविधा की नियमित AMC (Annual Maintenance Contract) जांच को गंभीरता से लिया जाए।
पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी की यह घटना केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि बड़ा सबक है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। निवासियों की मांग वाजिब है – सुरक्षा, रखरखाव और जिम्मेदारी सुनिश्चित होनी ही चाहिए।



