UP CM News : सीएम योगी की सख्त चेतावनी – "गोरखपुर में विकास परियोजनाओं में खामी मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई, गुणवत्ता और समय सीमा से न हो समझौता", अमृत योजना और एसटीपी प्रोजेक्ट, मेडिकल माफिया पर सख्त रुख

गोरखपुर, रफ़्तार टुडे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को दो-टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हर परियोजना समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरी होनी चाहिए। यदि कहीं भी लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विकास परियोजनाओं से गोरखपुर की पहचान न सिर्फ पूर्वांचल बल्कि पूरे देश में बनी है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या खामी स्वीकार्य नहीं होगी।
गोरखपुर में चल रही विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि विकास कार्यों से गोरखपुर के प्रति पूरे देश में मजबूत सकारात्मक धारणा बनी है। विकास कार्यों में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वह हर विकास परियोजना की प्रगति की जानकारी उस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी से खुद लेते रहें। सीएम ने पीएसी महिला बटालियन, खजांची बाजार, पादरी बाजार, बरगदवा, गोरखनाथ, पैडलेगंज-नौसढ़ फ्लाईओवर, भोपा बाजार ओवरब्रिज सहित सभी बड़ी विकास परियोजनाओं में तेजी लाते हुए निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
बीमारियों से बचाव को चलाएं जागरूकता अभियान
*समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पूर्वांचल के लिए अभिशाप रहे इंसेफेलाइटिस (जेई और एईएस)को नियंत्रित कर लिया गया है। पर, सतत सावधानी की जरूरत है। इसी तरह डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जनता को जागरूक करते रहना होगा। इसके लिए लोगों के बीच जागरूकता और स्वच्छता से जुड़े अभियान चलाए जाएं। जागरूकता को लेकर प्रचार-प्रसार को बढ़ाया जाए। यह कार्य सभी नगर निकायों में हो।पनपने न दें मेडिकल माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में माफियाराज को ध्वस्त कर दिया गया है। मेडिकल पेशे में कभी-कभी एम्बुलेंस माफिया या मरीजों को भर्ती कराने में बिचौलियों के खेल की शिकायतें आती हैं। इस पर सतत सख्ती जरूरी है। ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे मेडिकल फील्ड में कोई माफिया पनपने न पाए।
विकास परियोजनाओं पर सीएम का फोकस
सीएम योगी ने एनेक्सी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान गोरखपुर की सभी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इनमें
पीएसी महिला बटालियन,
खजांची बाजार,
पादरी बाजार,
बरगदवा,
गोरखनाथ,
पैडलेगंज-नौसढ़ फ्लाईओवर,
भोपा बाजार ओवरब्रिज
सहित कई बड़ी परियोजनाएँ शामिल रहीं।
उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि हर प्रोजेक्ट के लिए नोडल अधिकारी तय करें और प्रगति रिपोर्ट सीधे उनसे प्राप्त करें।
बीमारियों से बचाव और जागरूकता अभियान पर जोर
सीएम योगी ने स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी अधिकारियों को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि कभी पूर्वांचल के लिए इंसेफेलाइटिस (JE और AES) बड़ी चुनौती रहा है। आज यह रोग नियंत्रित हो चुका है, लेकिन सतत जागरूकता और सावधानी आवश्यक है।
इसी तरह डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान और स्वच्छता ड्राइव चलाने के निर्देश दिए। नगर निकायों को आदेश दिया गया कि वे प्रचार-प्रसार और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
मेडिकल माफिया पर सख्त रुख
सीएम ने कहा कि गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में माफियाराज को समाप्त किया जा चुका है। लेकिन मेडिकल क्षेत्र में कभी-कभी एम्बुलेंस माफिया या मरीजों को भर्ती कराने में बिचौलियों की शिकायतें सामने आती हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि मेडिकल सेक्टर में कोई भी माफिया न पनपे।
यातायात और स्ट्रीट वेंडर्स पर व्यवस्था
गोरखपुर की तुलना अब बड़े स्मार्ट शहरों से की जा रही है। इस पर सीएम योगी ने कहा कि शहर में कहीं भी जाम की समस्या नहीं होनी चाहिए।यातायात पुलिस और नगर निगम को मिलकर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए।
सड़क किनारे ठेले-खोमचे हटाने और स्ट्रीट वेंडर्स का व्यवस्थित पुनर्वास सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
न लगने पाए जाम, स्ट्रीट वेंडर्स का करें व्यवस्थित पुनर्वास
सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर की प्रतिस्पर्धा बड़े स्मार्ट शहरों से हो रही है। ऐसे में सुगम यातायात अपरिहार्य है। यातायात पुलिस और नगर निगम मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे शहर में कहीं जाम न लगने पाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित हो कि सड़क पर ठेले-खोमचे न लगें। इसके लिए स्ट्रीट वेंडर्स का व्यवस्थित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।
सरकारी स्कूलों में बच्चों की यूनिफॉर्म अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के मुद्दे पर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते, मोज़े और बैग के लिए धनराशि सरकार सीधे अभिभावकों के खाते में भेजती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह पैसा केवल बच्चों की यूनिफॉर्म पर खर्च होना चाहिए। स्कूलों में निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि सभी बच्चे यूनिफॉर्म में ही आएं। इससे बच्चों में अनुशासन और समन्वय का माहौल बनेगा।
बाल वाटिका और प्रोजेक्ट अलंकार की समीक्षा
सीएम योगी ने जिले में बच्चों के लिए शुरू की गई बाल वाटिका योजना की भी जानकारी ली। उन्होंने इसे एक शानदार पहल बताया और कहा कि जनप्रतिनिधियों को बाल वाटिकाओं का भ्रमण कराया जाए, ताकि उनका सहयोग भी लिया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने माध्यमिक विद्यालयों के लिए संचालित प्रोजेक्ट अलंकार की समीक्षा की और कहा कि इसमें हो रहे निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।
गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट पर विशेष ध्यान
शहर में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए चल रहे गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट की भी समीक्षा हुई। सीएम ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में तेजी लाई जाए। अगर बरसात से कार्य प्रभावित हो रहा है, तो वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर इसे सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जाए।
अमृत योजना और एसटीपी प्रोजेक्ट
सीएम योगी ने अमृत योजना के तहत बन रहे एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण के बाद मेंटेनेंस भी उतना ही जरूरी है। निर्देश दिया गया कि एसटीपी बनाने वाली कंपनी से ही 10 साल का अनुरक्षण (मेंटेनेंस) का समझौता किया जाए।
पर्यावरण का भी रखा ध्यान
सीएम योगी ने कहा कि किसी भी विकास परियोजना के दौरान यदि पेड़ काटने की जरूरत पड़े, तो उसके बदले में नए पौधे लगाने की जिम्मेदारी तय की जाए।
इसके साथ ही हर पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाया जाए।
बैठक में शामिल जनप्रतिनिधि और अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख थे –
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री एवं बांसगांव सांसद कमलेश पासवान
गोरखपुर सांसद रविकिशन शुक्ल
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव
विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद
एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह
सीपी चंद सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी
सीएम योगी आदित्यनाथ का गोरखपुर समीक्षा दौरा केवल एक प्रशासनिक बैठक नहीं था, बल्कि यह सख्त संदेश भी था कि उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता विकास है और उसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने साफ कर दिया कि परियोजनाओं में समयबद्धता और गुणवत्ता अनिवार्य है, स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता है, यातायात, स्वच्छता और पर्यावरण को संतुलन के साथ आगे बढ़ाना होगा।



