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Greater Noida West Lift News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट के फ्यूज़न होम्स में लिफ्ट का कहर महिला और बच्चा फंसे, 5 लोगों की अटकी सांसें, निवासियों का गुस्सा फूटा,“मेंटेनेंस के नाम पर लूट, लेकिन सुरक्षा शून्य”

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित फ्यूज़न होम्स सोसाइटी में सोमवार शाम एक ऐसी घटना घटी जिसने एक बार फिर सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। दो अलग-अलग टावरों की लिफ्टों में एक साथ कुल पाँच लोग फंस गए, जिनमें एक महिला और एक मासूम बच्चा भी शामिल थे। अचानक बंद हुई लिफ्ट में फंसे लोगों ने घुटन, बेचैनी और डरावने मानसिक तनाव का सामना किया। इस घटना ने न सिर्फ पीड़ितों की सांसें रोक दीं, बल्कि पूरी सोसाइटी में भय और आक्रोश का माहौल बना दिया।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि हाईराइज सोसाइटीज़ में लिफ्ट सुरक्षा कोई छोटी बात नहीं है। हर दिन लाखों लोग लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अगर समय पर मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों का पालन न हो, तो यह एक मौत का जाल बन सकता है। फ्यूज़न होम्स की इस घटना ने न सिर्फ निवासियों की नींद उड़ाई है, बल्कि अब यह मुद्दा प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की मांग भी कर रहा है।

15वीं मंज़िल पर फंसी लिफ्ट – घंटों तक बंद रहे दरवाज़े

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हादसा तब हुआ जब एक लिफ्ट 15वीं मंज़िल की ओर जा रही थी और अचानक बिजली जाने के कारण बीच में ही अटक गई। सबसे गंभीर लापरवाही यह रही कि लिफ्ट का इमरजेंसी अलार्म बिल्कुल काम नहीं कर रहा था, वहीं सोसाइटी की हेल्पलाइन पर कॉल करने के बावजूद कोई मदद नहीं मिली।
इस दौरान लिफ्ट के भीतर फंसे लोग घबराहट, ऑक्सीजन की कमी और गर्मी से जूझते रहे। खासकर महिला और बच्चा तो लगातार रोने-चिल्लाने लगे, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।

निवासियों का गुस्सा: “मेंटेनेंस के नाम पर लूट, लेकिन सुरक्षा शून्य”

फंसे हुए लोगों को जब आखिरकार बाहर निकाला गया, तो सोसाइटी निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका आरोप है कि यह पहली बार नहीं है। पहले भी कई बार लिफ्टों में फंसने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी ने कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाए।
एक निवासी ने कहा –
“हर महीने मेंटेनेंस के नाम पर हजारों रुपये वसूले जाते हैं, लेकिन न तो लिफ्ट की नियमित जांच होती है और न ही बेसिक सुरक्षा मानकों का पालन। जब-तब लिफ्ट खराब हो जाती है और किसी की जान भी जा सकती है।”

सुरक्षा पर सवाल – बार-बार क्यों बिगड़ रही हैं लिफ्टें?

सोसाइटी में रहने वाले लोगों का कहना है कि:

लिफ्ट की AMC (Annual Maintenance Contract) सही से नहीं की जाती।

बिजली बैकअप और DG सेट अक्सर समय पर चालू नहीं होते।

इमरजेंसी अलार्म और हेल्पलाइन मात्र दिखावा हैं।
इन खामियों की वजह से हर बार लिफ्ट का उपयोग करना “जुआ खेलने जैसा” महसूस होता है।

निवासियों की मांग – “किसी हादसे से पहले सुधरे सिस्टम”

इस घटना के बाद निवासियों ने प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते लापरवाही पर रोक नहीं लगी, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मेंटेनेंस और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे सामूहिक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

प्रशासन और प्राधिकरण पर भी सवाल

निवासी यह भी पूछ रहे हैं कि आखिर इतनी शिकायतों के बावजूद प्राधिकरण और प्रशासन क्यों चुप है? क्या कोई बड़ा हादसा होने का इंतजार किया जा रहा है?
अब देखना होगा कि शिकायतों के बाद संबंधित विभाग और बिल्डर कितनी गंभीरता से इस मुद्दे को लेते हैं।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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