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Greater Noida Authority News : रूस से आया निवेश का कारवां, ग्रेटर नोएडा बना आकर्षण का केंद्र, इंडस्ट्रियल टाउनशिप के इंफ्रास्ट्रक्चर ने किया प्रभावित, भारत-रूस रिश्तों में नई ऊर्जा, उद्योग और तकनीक की नई संभावनाओं पर फोकस, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव व एसीईओ प्रेरणा सिंह के साथ की बैठक

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा इन दिनों अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की नज़रों में चमक रहा है। मंगलवार को रूस की लगभग 30 प्रतिष्ठित कंपनियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल ग्रेटर नोएडा पहुंचा। यह दौरा महज एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि भारत और रूस के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और आईआईटीजीएनएल (Integrated Industrial Township Greater Noida Limited) के इंफ्रास्ट्रक्चर को नजदीक से देखा और यहाँ निवेश की गहरी इच्छा ज़ाहिर की।

रूसी प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा केवल एक विज़िट नहीं, बल्कि भविष्य की निवेश योजनाओं का आधार साबित हो सकता है। जिस तरह से प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल टाउनशिप की सराहना की है, उससे साफ है कि आने वाले समय में यहां बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश देखने को मिलेगा। यह न सिर्फ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा।

रूसी प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत और शहर का अवलोकन

सुबह जैसे ही रूस से आए 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का काफिला ग्रेटर नोएडा पहुंचा, प्राधिकरण के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल में कई बड़ी कंपनियों के अधिकारी और संभावित निवेशक शामिल थे। सबसे पहले उन्हें ग्रेटर नोएडा के विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी परिदृश्य का अवलोकन कराया गया। चौड़ी सड़कों, हरित पट्टियों, वर्ल्ड क्लास कनेक्टिविटी और योजनाबद्ध विकास ने उन्हें खासा प्रभावित किया।

आईआईटीजीएनएल की इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का दौरा

प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम का सबसे अहम हिस्सा रहा आईआईटीजीएनएल की इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का दौरा। यह टाउनशिप आधुनिकता और तकनीक का बेहतरीन संगम मानी जाती है। यहाँ प्लग एंड प्ले सिस्टम, अत्याधुनिक विद्युत सब-स्टेशन, ऑटोमेटेड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और चौकस सुरक्षा व्यवस्था ने विदेशी मेहमानों को प्रभावित किया।

आईआईटीजीएनएल की प्रीति शर्मा और महावीर सजवान ने प्रतिनिधिमंडल को विस्तार से पूरी टाउनशिप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां निवेशकों के लिए ऐसी सुविधाएं पहले से विकसित कर दी गई हैं, जिससे किसी भी उद्योग को खड़ा करने में समय बर्बाद न हो।

प्राधिकरण के साथ अहम बैठकें और प्रस्तुतिकरण

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव और प्रेरणा सिंह ने प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने विस्तृत प्रस्तुतिकरण (Presentation) के जरिए शहर की इंडस्ट्रियल और बिजनेस फ्रेंडली पॉलिसी की जानकारी दी।

सौम्य श्रीवास्तव ने बताया कि इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप भारत की सबसे स्मार्ट टाउनशिप्स में गिनी जाती है।

यह पूरी तरह प्लग एंड प्ले सिस्टम पर आधारित है।

निवेशकों को बेहद कम समय में भूखंड आवंटित किए जाएंगे।

उद्योग लगाने के लिए आवश्यक सभी आधारभूत सुविधाएं पहले से मौजूद हैं।

रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी इसे दिल्ली-एनसीआर ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत का सबसे आकर्षक औद्योगिक केंद्र बनाती है।

वहीं प्रेरणा सिंह ने मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब (MMLH) और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये प्रोजेक्ट शीघ्र ही शुरू होने जा रहे हैं और ग्रेटर नोएडा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देंगे।

उद्योग और तकनीक की नई संभावनाओं पर फोकस

प्रतिनिधिमंडल ने टाउनशिप के अलावा हायर कंपनी का भी दौरा किया। वहां की आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं को देखकर रूसी निवेशकों ने कहा कि ग्रेटर नोएडा वास्तव में उद्योगों और तकनीकी निवेश का हब बनने की पूरी क्षमता रखता है।

रूस के निवेशकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे यहां मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स और आईटी सेक्टर में निवेश करने की संभावनाओं को तलाशना चाहते हैं।

भारत-रूस रिश्तों में नई ऊर्जा

यह दौरा भारत और रूस के बीच मजबूत होते कारोबारी रिश्तों की झलक है। रूस पहले ही भारत के रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश करता रहा है, लेकिन अब उद्योग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी साझेदारी के नए रास्ते खुल रहे हैं। ग्रेटर नोएडा इस दिशा में एक आदर्श गंतव्य बनकर उभर रहा है।

क्यों आकर्षित कर रहा है ग्रेटर नोएडा?

ग्रेटर नोएडा निवेशकों की पहली पसंद क्यों बन रहा है, इसकी कई वजहें हैं दिल्ली से नज़दीकी और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का निर्माण।

चौड़ी सड़कें और बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी।

आधुनिक इंडस्ट्रियल टाउनशिप्स और लॉजिस्टिक हब।

उत्तर प्रदेश सरकार की निवेशक-हितैषी नीतियां। तैयार आधारभूत ढांचा और कम समय में उद्योग स्थापित करने की सुविधा।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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