धार्मिकगौतमबुद्ध नगरग्रेटर नोएडाताजातरीनसूरजपुर जिला कोर्ट

Surajpur Ramlila News : सूरजपुर की रामलीला महोत्सव 2025 गणेश पूजन से लेकर नारद मोह तक, आस्था और उत्सव का भव्य संगम, मंचन में जीवंत हुआ शिव-पार्वती संवाद और नारद मोह प्रसंग, हजारों लोगों की उमड़ी भीड़, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम

सूरजपुर, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में चल रहा श्री आदर्श रामलीला महोत्सव 2025 मंगलवार 23 सितंबर को भक्तिमय माहौल और धार्मिक उल्लास के बीच आरंभ हुआ। इस अवसर पर गणेश पूजन, रामायण पूजन और महालक्ष्मी पूजन विधिवत संपन्न हुए। मंचन के पहले ही दिन दर्शकों ने भगवान शिव-पार्वती संवाद और नारद मोह के प्रसंग का आनंद लिया। आस्था, भक्ति और मनोरंजन के इस संगम ने सूरजपुर की धरती को दिव्यता से सराबोर कर दिया। श्री आदर्श रामलीला सूरजपुर का यह आयोजन सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति, उत्सव और सामूहिकता का प्रतीक है। गणेश पूजन से लेकर नारद मोह के मंचन तक हर दृश्य ने यह संदेश दिया कि धर्म और संस्कृति समाज को जोड़ने का सबसे मजबूत धागा हैं।

यह आयोजन आने वाले दिनों में और भी कई रोचक प्रसंगों के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा। सूरजपुर की धरती पर चल रही इस रामलीला ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हमारी परंपराएँ और सांस्कृतिक धरोहर आज भी उतनी ही प्रासंगिक और

गणेश पूजन और रामायण वंदना से हुआ शुभारंभ

हर शुभ कार्य की शुरुआत की तरह इस भव्य आयोजन का आगाज़ भी विघ्नहर्ता गणेश जी की वंदना से किया गया। ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार की गूंज ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद रामायण जी का पूजन और महालक्ष्मी पूजन हुआ। इस क्रम ने यह संदेश दिया कि धर्म, समृद्धि और कल्याण एक साथ मिलकर ही समाज को प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।

मंचन में जीवंत हुआ शिव-पार्वती संवाद और नारद मोह प्रसंग

रामलीला के पहले दिन मंच पर शिव-पार्वती संवाद और नारद मोह की महिमा प्रस्तुत की गई। कलाकारों ने अपने अभिनय और संवाद अदायगी से ऐसा माहौल बनाया कि दर्शक भावविभोर हो उठे। नारद मोह के दृश्य में जहां भगवान नारद के अहंकार और मोहजाल का चित्रण हुआ, वहीं शिव-पार्वती संवाद ने पारिवारिक जीवन और धर्मनीति का गहरा संदेश दिया।

रामलीला समिति के अध्यक्ष सतवीर सिंह भाटी ने कहा कि सूरजपुर की रामलीला वर्षों से धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक रही है। यहां के कलाकार अपने अभिनय से दर्शकों को ऐसा अनुभव कराते हैं जैसे स्वयं त्रेतायुग साक्षात हो गया हो।

विजय महोत्सव मेला: खरीदारी और मनोरंजन का हॉटस्पॉट

रामलीला मंचन के साथ-साथ सूरजपुर का विजय महोत्सव मेला भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले में—

बच्चों के लिए खिलौनों और कपड़ों की दुकानें,

मिठाई और व्यंजन की रंग-बिरंगी स्टॉल्स,

झूले और रोमांचक झूला-झूलनियाँ,
लोगों के बीच खूब लोकप्रिय हो रहे हैं।

मेले का वातावरण परिवारों के लिए उत्सव जैसा अनुभव प्रदान कर रहा है। बच्चे झूलों पर मस्ती कर रहे हैं, तो महिलाएँ शॉपिंग में व्यस्त हैं। वहीं युवाओं के लिए यह सेल्फी और यादगार पलों का मौका बन गया है।

दर्शकों के लिए पार्किंग और सुविधाओं का पुख्ता इंतज़ाम

इतने बड़े आयोजन में भीड़भाड़ को देखते हुए रामलीला समिति के कार्यकर्ताओं ने पार्किंग की विशेष व्यवस्था की है। आयोजन स्थल पर आने वाले हजारों लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्वयंसेवक लगातार सक्रिय दिखाई दिए। साफ-सफाई, सुरक्षा और मार्गदर्शन की व्यवस्था भी उल्लेखनीय रही।

मुख्य अतिथि और विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति

रामलीला मंचन और मेले में कई गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें मूलचंद शर्मा, भूदेव शर्मा, लक्ष्मण सिंघल, रघुवीर (जेसीबी वाले), विनोद पंडित, सुभाष शर्मा, कर्मवीर आर्य, भगत सिंह आर्य, सचिन जिंदल और बीरपाल भगत जी शामिल थे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और भी बढ़ा दिया।

हजारों लोगों की उमड़ी भीड़, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम

आयोजन स्थल पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका और हजारों दर्शकों की उपस्थिति ने इसे एक ऐतिहासिक आयोजन बना दिया। परिवार, बच्चे, बुजुर्ग और युवा—सभी ने रामलीला मंचन का आनंद लिया। लोगों के चेहरों पर श्रद्धा और आनंद का मिश्रण साफ देखा जा सकता था।

सूरजपुर की रामलीला की खासियत

सूरजपुर की रामलीला न केवल धार्मिक मंचन का उत्सव है, बल्कि यह समाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। यहाँ—

कलाकार मंच पर धार्मिक प्रसंगों को जीवंत करते हैं,

दर्शक हर दृश्य में आध्यात्मिक संदेश तलाशते हैं,

मेले में समाज का हर वर्ग एक साथ जुड़ता है।

यही वजह है कि सूरजपुर की रामलीला पूरे क्षेत्र की पहचान बन चुकी है।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button