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Yamuna Authority News : यमुना प्राधिकरण की मेजर रोड पर तेज़ी से बढ़ेगा विकास — सीईओ राकेश कुमार सिंह ने किया 60 मीटर रोड का स्थलीय निरीक्षण, मार्च 2026 तक सबोटा तक कनेक्टिविटी पूरी करने के दिए सख्त निर्देश, “विकास की रफ्तार से जुड़ेंगे नए सपने”, अधूरे हिस्सों को मार्च तक जोड़ने की तय समयसीमा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने शनिवार को क्षेत्रीय विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी 60 मीटर मेजर रोड परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश कुमार सिंह ने अधिकारियों की टीम के साथ इस रोड का दौरा किया और मौके पर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा “यह रोड केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की विकास रेखा है। इसे हर हाल में मार्च 2026 तक सबोटा गांव तक जोड़ दिया जाए।”

निरीक्षण में दिखी प्रगति और अधूरे हिस्सों की हकीकत

निरीक्षण के दौरान सीईओ सिंह ने पाया कि यह 60 मीटर चौड़ी मेजर रोड कई जगहों पर अधूरी पड़ी हुई है।
महाप्रबंधक (परियोजना) राजेंद्र भाटी ने सीईओ को विस्तृत जानकारी दी कि सलारपुर अंडरपास से पहले ग्राम दनकौर के आस-पास कुछ हिस्सों पर किसानों की सहमति मिल चुकी है और एफिडेविट प्राप्त कर लिए गए हैं।

इन हिस्सों का टेंडर जल्द जारी कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। वहीं सेक्टर-20 और सेक्टर-21 के बीच रुके हुए पैच की सहमति भी किसानों से मिल गई है और निर्माण शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि अगले एक माह में इस हिस्से को ब्लैकटॉप कर दिया जाएगा, जिससे सड़क सुगमता से जुड़ सकेगी।

सेक्टर 29 तक बनेगा निर्बाध मार्ग — जल्द फ्लोट होगा 3 किलोमीटर का टेंडर

राजेंद्र भाटी ने बताया कि इन सभी हिस्सों के जुड़ जाने के बाद ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की सीमा से लेकर सेक्टर-29 तक यह मेजर रोड पूरी तरह जुड़ जाएगी।
इसके आगे सेक्टर-21 से एयरपोर्ट लिंक रोड तक लगभग तीन किलोमीटर का हिस्सा भी किसानों की सहमति से चिन्हित कर लिया गया है।
इस हिस्से का सर्वे कार्य तेज़ी से चल रहा है और टेंडर फ्लोट करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा चुकी है।

सीईओ ने दिए सख्त निर्देश — मार्च 2026 तक हर हाल में सबोटा तक कनेक्टिविटी पूरी हो

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जेवर के सबोटा गांव तक इस 60 मीटर रोड की पूर्ण कनेक्टिविटी मार्च 2026 तक सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि शेष तीन किलोमीटर के खसरों की खरीद प्राथमिकता पर की जाए और किसानों से बातचीत का कार्य जल्द पूर्ण किया जाए।
इसके साथ उन्होंने यह भी आदेश दिया कि दयानतपुर के पास इस रोड को एयरपोर्ट इंटरचेंज से जोड़ने के लिए एक लूप तैयार किया जाए, ताकि एयरपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आवागमन और सुगम हो सके।

एयरपोर्ट कार्गो हब तक एनएचएआई रोड का निरीक्षण — 130 मीटर मास्टर प्लान रोड को जोड़ने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान सीईओ राकेश सिंह ने एयरपोर्ट फेरीफेरी क्षेत्र में एनएचएआई द्वारा बनाई जा रही 30 मीटर चौड़ी रोड का भी जायजा लिया।
उन्होंने परियोजना एवं भूलेख विभागों को निर्देश दिया कि —

एयरपोर्ट कार्गो हब के बाद प्राधिकरण की 130 मीटर मास्टर प्लान रोड को सेक्टर-8D तक जोड़ने का सर्वे कराया जाए।

इसमें आने वाले खसरा नंबरों की सूची प्राथमिकता से तैयार की जाए।

भूमि क्रय की कार्रवाई जल्द शुरू की जाए ताकि एयरपोर्ट लिंक रोड तक निर्बाध मार्ग तैयार हो सके।
सीईओ ने यह भी कहा कि इस परियोजना को एनएचएआई के माध्यम से करवाने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए, जिससे कार्य गुणवत्ता और गति दोनों बनी रहे।

सीईओ राकेश सिंह ने जताया अतिक्रमण पर असंतोष — तुरंत हटाने के निर्देश

वापसी के दौरान जब सीईओ का काफिला सेक्टर-22D के चपारगढ़ गांव से गुज़रा, तो उन्होंने वहां 30 मीटर रोड और ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण देखा।
इस पर उन्होंने गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि “अवैध निर्माण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए, अतिक्रमण हटाया जाए और रोड निर्माण में कोई बाधा न रहे।”
उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विकास के नए युग की ओर — औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास को मिलेगी गति

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि 60 मीटर और 30 मीटर दोनों ही सड़कें यमुना सिटी से लेकर एयरपोर्ट लिंक रोड तक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का मेरुदंड बनेंगी।
इन सड़कों के पूरा होने से —

औद्योगिक क्षेत्रों में परिवहन और लॉजिस्टिक्स की सुविधा बढ़ेगी। आवासीय और वाणिज्यिक सेक्टरों तक पहुंच आसान होगी। और सबसे अहम, जेवर एयरपोर्ट से यमुना सिटी तक निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास बल्कि रोज़गार, निवेश और पर्यावरणीय संतुलन तीनों मोर्चों पर प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

स्थानीय निवासियों और किसानों में बढ़ी उम्मीदें

सीईओ के दौरे और सख्त निर्देशों से स्थानीय किसानों और निवासियों में उम्मीद की लहर दौड़ गई है।
ग्राम दनकौर, सलारपुर और सबोटा के किसानों ने बताया कि प्राधिकरण के साथ उनकी बातचीत रफ्तार पकड़ रही है और वे इस विकास यात्रा में सहयोग को तैयार हैं।
एक किसान ने कहा “अगर यह रोड समय पर बन जाती है, तो हमारे क्षेत्र का व्यापार, रोजगार और संपत्ति मूल्य तीनों बढ़ जाएंगे। यह सड़क हमारे गांवों की किस्मत बदल देगी।”

प्राधिकरण का लक्ष्य — 2026 तक हर सेक्टर को जोड़ेगा मजबूत नेटवर्क

यमुना प्राधिकरण ने स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है कि 2026 तक सभी प्रमुख सेक्टरों को एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल हब से जोड़ने वाला सड़कों का जाल तैयार किया जाएगा।
इसमें 60 मीटर, 130 मीटर और 30 मीटर रोड नेटवर्क प्रमुख भूमिका निभाएंगे।
सीईओ ने यह भी कहा कि हर परियोजना की मॉनिटरिंग डिजिटल सर्वे और ड्रोन रिपोर्टिंग सिस्टम के माध्यम से की जाएगी, ताकि कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे।

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकास की “नई स्पीड” तय करने को तैयार

सीईओ राकेश कुमार सिंह के इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यमुना प्राधिकरण अब इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा।
उनकी इस पहल से यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर विकसित हो रही 60 मीटर मेजर रोड परियोजना अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।
मार्च 2026 तक सबोटा तक इस रोड के जुड़ जाने से नोएडा, यमुना सिटी और जेवर एयरपोर्ट के बीच एक नई विकास रेखा खिंच जाएगी।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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