Yamuna Authority News : यमुना प्राधिकरण का बड़ा एक्शन टप्पल, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास जमीनों पर हो रहा था कब्जा, हामिदपुर, स्यारोल में 300 एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाया, ₹1200 करोड़ की भूमि कब्जा मुक्त, अवैध कॉलोनाइज़र पर कड़ी कार्रवाई, इन कॉलोनी” को किया गया ध्वस्त, CEO राकेश कुमार सिंह के सख्त निर्देशों पर चला अतिक्रमण विरोधी अभियान

अलीगढ़, टप्पल, यमुना प्राधिकरण, रफ़्तार टुडे।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा और निर्णायक अभियान चलाते हुए जनपद अलीगढ़ के टप्पल, हामिदपुर और स्यारोल गांवों में लगभग 300 एकड़ भूमि को कब्जामुक्त कराया। इस ज़मीन की बाजारू कीमत करीब ₹1200 करोड़ आंकी गई है।
यह अभियान मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के कड़े निर्देशों और ज़िलाधिकारी एवं एसएसपी अलीगढ़ के मार्गदर्शन में चलाया गया।
अभियान का नेतृत्व विशेष कार्याधिकारी (यीडा) शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया, जिन्होंने मौके पर पूरी टीम के साथ रहकर कार्रवाई की निगरानी की।
अवैध कॉलोनियों पर बुलडोज़र की गरज — “द ग्रैंड कॉलोनाइजर” और “वृंदावन कॉलोनी” पूरी तरह ध्वस्त
अभियान के दौरान प्राधिकरण की टीम ने टप्पल क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित हो रही “द ग्रैंड कॉलोनाइजर” और “वृंदावन कॉलोनी” जैसी बसी हुई अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया।
इन कॉलोनियों में प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और अवैध ढांचे तेजी से खड़े किए जा रहे थे।
प्राधिकरण की जेसीबी मशीनों ने सुबह से ही मोर्चा संभाला और देखते ही देखते अवैध निर्माणों को ढेर कर दिया गया।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई बेहद सख्ती और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
प्राधिकरण का सख्त संदेश — “अवैध कॉलोनाइज़रों को नहीं बख्शा जाएगा”
सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में हो रहे अवैध कब्जों और गैरकानूनी कॉलोनियों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा “अवैध कॉलोनाइज़र और भूमाफिया प्राधिकरण की अधिसूचित भूमि पर किसी भी प्रकार का कब्जा नहीं कर सकते। ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।”

सीईओ ने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति ऐसे कॉलोनाइज़रों से ज़मीन या प्लॉट खरीदने की सोच रहे हैं, वे पहले यह सुनिश्चित करें कि भूमि वैध रूप से स्वीकृत हो।
उन्होंने कहा कि “भोले-भाले खरीदारों को प्रॉपर्टी डीलरों के झांसे से सतर्क रहना चाहिए।”
प्रशासन और पुलिस की सक्रिय भागीदारी — कानून व्यवस्था पर कड़ी निगरानी
इस कार्रवाई में अलीगढ़ जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और यमुना प्राधिकरण की संयुक्त टीम शामिल रही।
अभियान के दौरान स्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मौके पर मौजूद प्रमुख अधिकारी:
शैलेंद्र कुमार सिंह – विशेष कार्याधिकारी, यीड़ा
शिवअवतार सिंह – विशेष कार्याधिकारी
अभिषेक शाही – विशेष कार्याधिकारी
कृष्ण गोपाल त्रिपाठी – विशेष कार्याधिकारी
महेश कुमार – पुलिस क्षेत्राधिकारी
धर्मेंद्र कुमार चौहान – पुलिस क्षेत्राधिकारी (यीडा)
साथ ही अलीगढ़ जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, और प्राधिकरण के परियोजना एवं भूलेख विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
स्थानीय लोगों में चर्चा — “अब यमुना सिटी क्षेत्र में होगा संगठित विकास”
अभियान की खबर फैलते ही टप्पल और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गया।
स्थानीय निवासियों ने प्राधिकरण की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में अनुशासित शहरी विकास का रास्ता खुलेगा और अवैध कॉलोनियों के फैलाव पर अंकुश लगेगा।
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में क्षेत्र में कई छोटे-बड़े कॉलोनाइज़र बिना अनुमति के प्लॉट काट रहे थे, जिससे भविष्य में अव्यवस्थित बस्तियों का खतरा बढ़ रहा था।
प्राधिकरण की इस सख्त कार्रवाई ने अब ऐसे लोगों में डर पैदा कर दिया है।
यीडा की योजना — पारदर्शी विकास, कानूनी भू-क्रय को मिलेगी प्राथमिकता
प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि आने वाले समय में संपूर्ण अधिसूचित क्षेत्र का सर्वे कराया जाएगा, ताकि किसी भी स्थान पर नए अवैध निर्माण को रोका जा सके।
साथ ही, कानूनी प्लॉटिंग, उद्योगों और आवासीय परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है।
विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा “हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि क्षेत्र को नियोजित विकास के रास्ते पर लाना है। जो लोग कानूनी तरीके से भूमि खरीदते हैं, उन्हें हर संभव सहयोग मिलेगा।”

प्राधिकरण की चेतावनी — सोशल मीडिया और अखबारों के ज़रिए दी जाएगी जागरूकता जानकारी
प्राधिकरण ने यह भी निर्णय लिया है कि अवैध कॉलोनाइज़ेशन के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत अखबारों, सोशल मीडिया और वेबसाइट्स के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि कौन-सी कॉलोनियां प्राधिकरण से स्वीकृत हैं और कौन-सी नहीं।
इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता किसी भी अवैध भू-व्यवसायी के जाल में न फंसे।
“नो टॉलरेंस” नीति पर अडिग प्राधिकरण — विकास की राह में अतिक्रमण अब नहीं चलेगा
सीईओ राकेश कुमार सिंह की “नो टॉलरेंस पॉलिसी” के तहत आने वाले महीनों में पूरे यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ऐसे और अभियान चलाए जाएंगे।
प्राधिकरण की मंशा स्पष्ट है “जहां विकास की योजना बनेगी, वहां अवैध कब्जे नहीं रहेंगे।”
इस कार्रवाई के बाद उम्मीद है कि क्षेत्र में अब नियोजित औद्योगिक और आवासीय निवेश को गति मिलेगी और यमुना सिटी से एयरपोर्ट तक का इलाका स्वच्छ, सुरक्षित और संगठित विकास का उदाहरण बनेगा।



