DM News : डीएम मेधा रूपम की सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप, 143 लापरवाह कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश, कई का वेतन रोका गया, चुनाव कार्य में बरती जा रही थी भारी लापरवाही!, डीएम ने किया स्पष्ट ऐलान — लापरवाही पर “जीरो टॉलरेंस” नीति

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रशासनिक सख्ती का बड़ा उदाहरण पेश करते हुए 143 कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कार्रवाई जिले में अब तक की सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई मानी जा रही है। मामला विधानसभा निर्वाचन कार्यों में हो रही गंभीर लापरवाही से जुड़ा है, जिस पर डीएम ने समीक्षा बैठक के दौरान सख्त रुख अपनाया।
समीक्षा बैठक में खुला बड़ा लापरवाही का मामला
सूत्रों के अनुसार, डीएम मेधा रूपम ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की प्रगति की समीक्षा की।
इस कार्यक्रम के तहत 1 जनवरी 2026 को पात्र मतदाताओं की संशोधित सूची प्रकाशित की जानी है, जिसके लिए 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक गणना प्रपत्रों का वितरण एवं प्राप्ति कार्य संचालित किया जा रहा है।
लेकिन समीक्षा में यह सामने आया कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी तहसील से गणना प्रपत्र प्राप्त करने में लापरवाही बरत रहे थे तथा निर्धारित समय पर कार्य प्रारंभ नहीं किया गया।
डीएम ने इसे “घोर लापरवाही और निर्वाचन आचार संहिता का उल्लंघन” मानते हुए तत्काल कठोर कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
143 कर्मचारियों पर FIR दर्ज करने का आदेश
डीएम मेधा रूपम ने कार्रवाई करते हुए निर्देश दिए कि 130 बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और 13 सुपरवाइजरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाए।
साथ ही, इन सभी कर्मचारियों का वेतन रोकने के भी आदेश जारी किए गए हैं।
इसी के साथ 3 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 12 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।
इनके खिलाफ वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है क्योंकि समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि उन्होंने निर्वाचन कार्य की प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं की।
डीएम ने दिखाई सख्ती, कहा — निर्वाचन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन कार्य सरकार और लोकतंत्र की रीढ़ है।
उन्होंने चेतावनी दी कि “जो भी कर्मचारी या अधिकारी निर्वाचन संबंधी कार्यों में लापरवाही करेगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी।”
डीएम ने बताया कि जिले में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करती है।
यदि इसमें देरी या त्रुटि होती है तो पूरे निर्वाचन की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। इसलिए, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह है निर्वाचन पुनरीक्षण की प्रक्रिया
भारत निर्वाचन आयोग ने 2026 के लिए मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की है। इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक बीएलओ को अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करने, मतदाता नाम जोड़ने या संशोधित करने का कार्य करना होता है।
प्रत्येक तहसील में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक अधिकारी को इसकी समीक्षा रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करनी होती है।
लेकिन कई क्षेत्रों में यह कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ। डीएम ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों ने न केवल अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफलता दिखाई, बल्कि जिले की प्रशासनिक छवि को भी नुकसान पहुंचाया है।
फोरेंसिक और निगरानी सेल भी करेगी जांच
डीएम ने यह भी आदेश दिया है कि जिले की निरीक्षण टीम और फोरेंसिक सेल लापरवाही से जुड़े मामलों की गहन जांच करें।
किस-किस कर्मचारी ने कब और कैसे कार्य में देरी की, इसकी पूर्ण रिपोर्ट 7 दिनों में मांगी गई है।
डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि वे निर्वाचन से जुड़े दैनिक कार्यों की निगरानी स्वयं करें और हर शाम समीक्षा रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजें।
कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप
डीएम की इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले भर के सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कई विभागों में अफसर अब अपने स्तर पर रिकॉर्ड और रिपोर्ट अपडेट करने में जुट गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि डीएम ने जो सख्ती दिखाई है, उससे आने वाले दिनों में जिले में निर्वाचन कार्यों की गति तेज़ होगी और अनुशासन स्थापित होगा।
डीएम की सख्ती से बढ़ेगी जवाबदेही
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से कर्मचारियों में जवाबदेही और अनुशासन की भावना मजबूत होगी। गौतमबुद्ध नगर में कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जब चुनाव से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण में गंभीर त्रुटियां रह गई थीं। अब डीएम मेधा रूपम की पहल से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची सटीक और समय पर पूरी हो।
डीएम ने किया स्पष्ट ऐलान — लापरवाही पर “जीरो टॉलरेंस” नीति
डीएम मेधा रूपम ने कहा कि जिले में प्रशासनिक कार्यों, विशेषकर निर्वाचन कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी ब्लॉक, तहसील और जोनल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित मॉनिटरिंग करें और यदि कोई भी अधिकारी कार्य से अनुपस्थित पाया गया तो तुरंत निलंबन की कार्रवाई होगी।
डीएम मेधा रूपम की यह कार्रवाई गौतमबुद्ध नगर प्रशासन में एक नया अनुशासन मॉडल पेश कर रही है।
इससे स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी जिम्मेदारियों में कोताही की कोई गुंजाइश नहीं है।
अब जिले में हर अधिकारी और कर्मचारी को यह समझना होगा कि निर्वाचन कार्य सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है।



