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Greater Noida Authority Board Meeting: “ग्रेटर नोएडा में विकास का महाकुंभ मेट्रो–रेलवे कनेक्टिविटी से लेकर बिल्डरों पर सर्जिकल स्ट्राइक तक!, प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक में लिए गए 9 बड़े फैसलों से बदल जाएगा शहर का भविष्य”, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब होगा मेट्रो से कनेक्ट — 105 मीटर रोड पर 1.8 KM एलिवेटेड रूट

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा का शनिवार विकास की दृष्टि से ऐतिहासिक रहा। प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक को शहर के मास्टर प्लान 2041 के ‘गेमचेंजर चैप्टर’ के रूप में देखा जा रहा है। मेट्रो लाइन और डीएफसीसी रेलवे लिंक से जुड़े मेगा फैसलों के साथ-साथ बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई, युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, ई-साइकिल प्रोजेक्ट, काबिजदारों को मालिकाना हक, नई फ्लैट स्कीम, कॉरपस फंड और सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देने वाले कई प्रस्तावों पर बोर्ड की मुहर लग चुकी है। यह बैठक ना सिर्फ ग्रेटर नोएडा के अगले 20–25 साल की दिशा तय करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि शहर को आधुनिक, सुविधाओं से भरपूर और निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनाने का रोडमैप पूरी तरह तैयार हो चुका है।

मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब होगा मेट्रो से कनेक्ट — 105 मीटर रोड पर 1.8 KM एलिवेटेड रूट

बोर्ड बैठक का सबसे बड़ा और चर्चित फैसला रहा मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब का मेट्रो से सीधा कनेक्ट होना।
ग्रेटर नोएडा डिपो से 1.8 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मेट्रो रूट बनाया जाएगा। यह रूट 105 मीटर रोड के कॉरिडोर से होकर गुजरेगा।

यह क्यों है बड़ा फैसला?

यात्रियों को नोएडा, दिल्ली और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच seamless connectivity मिलेगी।

भविष्य में यहां से ट्रेनें, बसें और मेट्रो एक ही कैंपस के भीतर उपलब्ध होंगी।

यह क्षेत्र NCR का सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट जंक्शन बन सकता है।

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब डीएफसीसी की नई रेलवे लाइन से जुड़ेगा

बोड़ाकी क्षेत्र के पास बनने वाले लॉजिस्टिक हब को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जोड़ने के लिए 3 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन के अलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है।

क्या बदलेगा?

मुंबई–कोलकाता इंडस्ट्रियल बेल्ट के बीच माल ढुलाई तेज होगी।

नोएडा–ग्रेनो–यीडा इंडस्ट्रियल सेक्टर को विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी।

वेयरहाउसिंग, ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर निवेश बढ़ेगा।

12 बिल्डरों पर प्राधिकरण की ‘सख़्ती मोड ऑन’ — रियायतें वापस

प्राधिकरण ने उन बिल्डरों पर सीधे मोर्चा खोल दिया है, जिन्होंने न रजिस्ट्री शुरू की और न बकाया चुकाया।

इनमें शामिल—
AVJ Developers, MSX Realtech, Jyotirmay Infracon, Antariksh Engineering, Elegant Infracon आदि।

बोर्ड का साफ संदेश “अब कोई अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा।”

“यदि काम नहीं, तो रियायत वापस।”

खरीदारों के हित सर्वोपरि।

इस निर्णय का सीधा असर हजारों फ्लैट खरीदारों पर पड़ेगा। बिल्डरों की लापरवाही पर अब सीधे कार्यवाही होगी।

युवाओं के लिए खुशखबरी — सेक्टर Ecotech-8 में टूल रूम जल्द तैयार

भारत सरकार के MSME मंत्रालय के सहयोग से बन रहा टूल रूम युवाओं के रोजगार के लिए नई क्रांति साबित होगा।

इसमें क्या होगा?

हर साल 8,000–10,000 युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण।

ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनिंग, डिजाइनिंग जैसी नई पीढ़ी की ट्रेनिंग।

उद्योगों से सीधे प्लेसमेंट के अवसर।

निर्माण पूरा करने के लिए बोर्ड ने समय विस्तार पर मुहर लगा दी है।

काबिजदारों को भी मिलेगा मालिकाना हक — रजिस्ट्री पर लगी मुहर

कई आवासीय समितियों में वर्षों से पावर ऑफ अटॉर्नी पर खरीद–फरोख्त होती रही, लेकिन रजिस्ट्री के अभाव में लोग मालिकाना हक से वंचित थे। अब बोर्ड ने “सब्सीक्वेंट मेंबर” के नाम रजिस्ट्री की अनुमति दे दी है।

इससे लाभ सीनियर सिटीजन सोसाइटी

एयरफोर्स–नेवल हाउसिंग बोर्ड

कई अन्य आवासीय समितियाँ

अब इन संपत्तियों की बाजार कीमत बढ़ेगी, कागजी अड़चनें खत्म होंगी, और लोगों को कानूनी अधिकार मिलेंगे।

ओमीक्रॉन वन के बने फ्लैट अब ई-ऑक्शन से मिलेंगे

सेक्टर Omicron-1 में बने बहुमंजिला फ्लैटों के लिए नई स्कीम जल्द लॉन्च होगी।
बोर्ड ने ब्रोशर और नियम-शर्तों को मंजूरी दे दी है।

खास बातें:

ऑनलाइन आवेदन

ई-ऑक्शन से पारदर्शी आवंटन

आधुनिक सुविधाओं से लैस टॉवर

शहर के रखरखाव के लिए बनेगा विशेष कॉरपस फंड

ग्रेटर नोएडा की पहचान उसकी चौड़ी सड़कें, हरियाली और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर है।
इसे बनाए रखने के लिए एक बड़ी योजना—“कॉरपस फंड”—बोर्ड से मंजूर हो गई।

पैसा कहा से आएगा?

लीज रेंट

एफएआर शुल्क

टाइम एक्सटेंशन चार्ज

रेस्टोरेशन चार्ज

इस फंड से भविष्य में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित रहेगा।

ग्रेटर नोएडा में ई-साइकिल की ओपन-ट्रैकिंग

बोर्ड ने ई-साइकिल प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। शहर में 25-25 वर्गमीटर के साइकिल स्टेशन बनाए जाएंगे।

इससे फायदा:

लास्ट-माइल कनेक्टिविटी आसान

पर्यावरण प्रदूषण में कमी

ट्रैफिक दबाव घटेगा

छात्रों और ऑफिस गोअर्स को राहत

सामाजिक कार्यों के लिए कम होगी बुकिंग फीस

सामूहिक विवाह, स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग दरों में छूट दी जाएगी।

बोर्ड चेयरमैन का विशेष निर्देश: छात्रों और वर्किंग महिलाओं के लिए हॉस्टल बनें

चेयरमैन दीपक कुमार ने नोएडा–ग्रेनो में आधुनिक सुविधाओं वाले छात्रावास

महिला हॉस्टल
बनाने के निर्देश दिए हैं।

इनमें लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, कॉन्फ्रेंस हॉल आदि शामिल होंगे।

युवाओं के लिए टूल रूम प्रोजेक्ट को अतिरिक्त समय

ग्रेटर नोएडा के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उद्योगों के अनुकूल तैयार करने के लिए बन रहा टूल रूम प्रोजेक्ट भी बैठक का बड़ा मुद्दा रहा। इसके निर्माण को पूरा करने के लिए समय विस्तार मंजूर किया गया। यह केंद्र 8–10 हजार युवाओं को हर वर्ष तकनीकी प्रशिक्षण देगा।

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ग्रेटर नोएडा में विकास का महाकुंभ मेट्रो–रेलवे कनेक्टिविटी से लेकर बिल्डरों पर सर्जिकल स्ट्राइक तक!, प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक में लिए गए 9 बड़े फैसलों से बदल जाएगा शहर का भविष्य”

सब्सीक्वेंट मेंबर को मिलेगी संपत्ति की रजिस्ट्री

लंबे समय से लंबित आवासीय समितियों के मामलों को हल करते हुए बोर्ड ने सब्सीक्वेंट मेंबर (काबिजदारों) के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री की अनुमति दे दी है। इससे कई सीनियर सिटीजन सोसाइटी और एयरफोर्स–नेवल हाउसिंग बोर्ड जैसी समितियों के निवासियों को मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

ओमीक्रॉन वन के फ्लैट ई-ऑक्शन से मिलेंगे

प्राधिकरण सेक्टर ओमीक्रॉन-1 स्थित बने फ्लैटों की नई आवासीय स्कीम लाने जा रहा है। इसके ब्रोशर और शर्तों पर भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इसमें सभी आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से होंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर रखरखाव के लिए बनेगा कॉरपस फंड

ग्रेटर नोएडा की सड़कें, सीवर, विद्युत, नाली और पार्कों के रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए प्राधिकरण ने कॉरपस फंड बनाने पर सहमति दी। यह फंड भविष्य में प्राधिकरण की आय कम होने की स्थिति में भी शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाए रखने में मदद करेगा।

ग्रेटर नोएडा में ई-साइकिल संचालन को मंजूरी

शहर में ई-साइकिल के संचालन के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है। बीओटी मॉडल पर चलने वाली इस सुविधा के तहत 25 वर्ग मीटर के छोटे-छोटे स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और पर्यावरण दोनों को लाभ होगा।

सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग शुल्क में छूट

सामूहिक विवाह और स्वास्थ्य शिविर जैसे सामाजिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग दरों में छूट देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई।

छात्रों और कार्यरत महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाने के निर्देश

चेयरमैन दीपक कुमार ने दोनों प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि छात्रों और वर्किंग वूमेन के लिए बेहतर हॉस्टल सुविधाएं विकसित की जाएं, जिनमें लाइब्रेरी, लैब, कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हों।

141वीं बोर्ड बैठक ने ग्रेनो के भविष्य की दिशा तय कर दी

यह बैठक सिर्फ कागज़ी मंजूरियों का संग्रह नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा को टेक्नोलॉजी, ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री, हाउसिंग और रोजगार का हब बनाने वाली “भविष्य की ब्लूप्रिंट मीटिंग” साबित हुई।

बोर्ड मीटिंग में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी

बैठक की अध्यक्षता आईडीसी एवं नोएडा–ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने की। इसमें अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, सीईओ एनजी रवि कुमार, ACEO सौम्य श्रीवास्तव, ACEO सुमित यादव, ACEO सुनील द्विवेदी, ACEO प्रेरणा सिंह, ACEO श्री लक्ष्मी, समेत कई एसीईओ और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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