Sharda University News : आपदा में मानसिक संबल की दिशा में बड़ा कदम, शारदा विश्वविद्यालय में ISPN का 4वां अंतरराष्ट्रीय एवं 25वां वार्षिक सम्मेलन शुरू, डिजिटल मेंटल हेल्थ मिशन के अनुरूप पहल, देश-विदेश के विशेषज्ञों की भागीदारी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे | मानसिक स्वास्थ्य और मनोचिकित्सा नर्सिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में Sharda University में इंडियन सोसाइटी ऑफ साइकियाट्रिक नर्सेज (ISPN इंडिया) का 4वां अंतरराष्ट्रीय एवं 25वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह सम्मेलन 23 से 25 फरवरी तक चलेगा और इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
इस वर्ष सम्मेलन की थीम है — “सेवाओं तक पहुंच: आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य – नर्सों को सशक्त बनाना।”
यह विषय वर्तमान समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर चुना गया है, जब प्राकृतिक आपदाएं, महामारी और अन्य आपात परिस्थितियां लगातार बढ़ रही हैं।
आपदा के समय मानसिक स्वास्थ्य की अहमियत
आज के दौर में केवल शारीरिक उपचार ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। आपदा और संकट के समय मानसिक स्वास्थ्य नर्सें अग्रिम पंक्ति में खड़ी होकर लोगों को भावनात्मक सहारा देती हैं, उन्हें आघात से उबरने में मदद करती हैं और सामान्य जीवन की ओर लौटने का मार्ग प्रशस्त करती हैं।
सम्मेलन का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य नर्सों को आधुनिक तकनीकों, शोध और व्यावहारिक अनुभवों से सशक्त बनाना है, ताकि वे आपात परिस्थितियों में प्रभावी और संवेदनशील सेवा प्रदान कर सकें।
देश-विदेश के विशेषज्ञों की भागीदारी
इस सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं, जिनमें
National Institute of Mental Health and Neurosciences (निमहांस),
All India Institute of Medical Sciences (एम्स)
और Institute of Human Behaviour and Allied Sciences (आईएचबीएएस) जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं।
मुख्य वक्ताओं में डॉ. राधाकृष्णन (निमहांस, बेंगलुरु), डॉ. राजेश सागर (एम्स), डॉ. सुजाता सतपथी (एम्स), डॉ. संध्या गुप्ता (एनएचआरसी, भारत सरकार), कर्नल केका चटर्जी (मिलिट्री नर्सिंग सर्विस, आर्मी हॉस्पिटल) तथा डॉ. जी. बालामुरुगन (टेली मानस, निमहांस) शामिल हैं।
ये सभी विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, डिजिटल माध्यमों की भूमिका और आपदा प्रबंधन में नर्सों की सक्रिय भागीदारी पर अपने विचार साझा कर रहे हैं।

डिजिटल मेंटल हेल्थ मिशन के अनुरूप पहल
यह सम्मेलन डिजिटल मेंटल हेल्थ मिशन के अनुरूप आयोजित किया गया है। इसमें टेली-मेडिसिन, ई-काउंसलिंग और ऑनलाइन सपोर्ट सिस्टम जैसे आधुनिक उपायों पर विशेष चर्चा की जा रही है।
सम्मेलन विचारों के आदान-प्रदान, शोध प्रस्तुतियों, कार्यशालाओं और सहयोगात्मक प्रयासों का एक सशक्त मंच बन रहा है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार की दिशा तय की जा सके।
नेतृत्व के विचार
शारदा विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर श्री वाई.के. गुप्ता ने कहा कि आपदा और आपातकाल के समय मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। मानसिक स्वास्थ्य नर्सें संकट की घड़ी में लोगों को भावनात्मक सहारा प्रदान करती हैं और उन्हें सामान्य जीवन में लौटने में मदद करती हैं।
आईएसपीएन के संरक्षक एवं इंडियन नर्सिंग काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. टी. दिलीप कुमार ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं, बल्कि एक व्यापक पहल है। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को आपदा प्रबंधन का अभिन्न हिस्सा बनाना और नर्सों को सशक्त करना है ताकि वे हर आपात स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
अकादमिक सहभागिता
कार्यक्रम में नर्सिंग स्कूल के डीन प्रोफेसर श्री राजा, डॉ. किरण सहित फैकल्टी मेंबर्स, स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
ISPN का यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। यह न केवल ज्ञान और अनुभव साझा करने का मंच है, बल्कि आपदा प्रबंधन में मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का सशक्त संदेश भी देता है।



