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Breaking News : “माफिया मुक्त से मेगा डेवलपमेंट तक”, यूपी के 9 साल का रिपोर्ट कार्ड जारी, गौतमबुद्धनगर बना विकास की तेज़ रफ्तार का गवाह, बीमारू” से “बूमिंग स्टेट” तक का सफर, कानून-व्यवस्था में बड़ा बदलाव, किसान, महिला और युवा—तीनों पर फोकस, इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट तक विकास की उड़ान

गौतमबुद्धनगर, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गौतमबुद्धनगर में आयोजित प्रेस वार्ता एक तरह से विकास, सुशासन और परिवर्तन की कहानी का सार्वजनिक मंच बन गई। कलेक्ट्रेट सभागार में प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए “नवनिर्माण के 09 वर्ष” पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हुए व्यापक बदलावों को विस्तार से रखा गया। कार्यक्रम में धीरेंद्र सिंह, तेजपाल नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी और भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


बीमारू” से “बूमिंग स्टेट” तक का सफर
प्रभारी मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की छवि एक “बीमारू राज्य” की थी, लेकिन बीते 9 वर्षों में प्रदेश ने न केवल अपनी पहचान बदली, बल्कि विकास के नए मानक स्थापित किए। उन्होंने इसे “अराजकता से व्यवस्था, निराशा से विश्वास और ठहराव से प्रगति” की यात्रा बताया।
सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और जनकल्याण योजनाओं पर केंद्रित रही है, जिसके परिणाम आज हर जिले में दिखाई दे रहे हैं—और गौतमबुद्धनगर इसका प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है।


कानून-व्यवस्था में बड़ा बदलाव
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार ने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई।
4000 करोड़ रुपये से अधिक की माफिया संपत्ति जब्त या ध्वस्त की गई
53 बड़े आपराधिक गिरोहों का खात्मा
977 अपराधियों पर NSA के तहत कार्रवाई
इसके साथ ही पुलिस बल को मजबूत करने के लिए 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई और यूपी-112 की प्रतिक्रिया समय को एक घंटे से घटाकर मात्र 6 मिनट तक लाया गया।
यह बदलाव आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने वाला साबित हुआ है।

गरीब कल्याण और स्वास्थ्य सुरक्षा का विस्तार
सरकार की योजनाओं का सबसे बड़ा प्रभाव गरीब और जरूरतमंद वर्ग पर देखने को मिला है।
करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन
5.60 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी
9 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा
इसके अलावा वृद्ध, निराश्रित और दिव्यांगजनों के लिए पेंशन योजना को और मजबूत किया गया। सरकार अब इसे बढ़ाकर 1500 रुपये करने की दिशा में काम कर रही है।


किसान, महिला और युवा—तीनों पर फोकस
कृषि क्षेत्र में उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है—
खाद्यान्न उत्पादन 557 से बढ़कर 737 लाख मीट्रिक टन
गन्ना किसानों को 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में:
1.06 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं
18 लाख “लखपति दीदी” बनीं
युवाओं के लिए:
9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां
49.86 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन
स्वरोजगार योजनाओं के तहत बिना गारंटी ऋण

इंफ्रास्ट्रक्चर: एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट तक विकास की उड़ान
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है:
2017 में 2 एक्सप्रेसवे → अब 22 एक्सप्रेसवे पर काम
2 एयरपोर्ट → अब 16 संचालित और 8 निर्माणाधीन
7 शहरों में मेट्रो सेवा
इसके अलावा दिल्ली-मेरठ के बीच नमो भारत रैपिड रेल का संचालन भी शुरू हो चुका है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम दे रहा है।


पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को मिला वैश्विक मंच
प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया गया है।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या के विकास कार्यों के चलते रिकॉर्ड 156 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे।
साथ ही महाकुंभ 2025 जैसे आयोजनों ने प्रदेश को वैश्विक पहचान दिलाई।

अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल
आर्थिक मोर्चे पर भी उत्तर प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है:
GSDP 13 लाख करोड़ से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये
प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि
देश की अर्थव्यवस्था में 9.1% योगदान
प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य 2029-30 तक निर्धारित किया गया है।


गौतमबुद्धनगर: विकास की कहानी का “ग्राउंड जीरो”
गौतमबुद्धनगर, खासकर नोएडा और ग्रेटर नोएडा, इस विकास यात्रा का केंद्र बनकर उभरे हैं। यहां इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, इंडस्ट्रियल ग्रोथ और रोजगार के अवसरों में लगातार वृद्धि हो रही है।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में यह जनपद न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के आर्थिक इंजन के रूप में उभरेगा।

“विकास ही पहचान” — आगे की राह
प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कृषि और कौशल विकास पर और तेजी से काम किया जाएगा, ताकि उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन सके।

9 साल—सिर्फ आंकड़े नहीं, बदलाव की कहानी
उत्तर प्रदेश के ये 9 साल केवल योजनाओं और आंकड़ों का संग्रह नहीं हैं, बल्कि यह बदलाव, विश्वास और विकास की एक मजबूत कहानी है।
आज प्रदेश “माफिया मुक्त” छवि से आगे बढ़कर “मेगा डेवलपमेंट मॉडल” के रूप में स्थापित हो चुका है—और गौतमबुद्धनगर इस परिवर्तन का जीवंत उदाहरण है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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