Noida Authority News : नोएडा को मिला इंटरनेशनल सम्मान, ‘वॉटर वॉरियर्स’ के रूप में चमका प्राधिकरण, जल पुनः उपयोग में रचा नया इतिहास, दिल्ली में हुआ भव्य सम्मान समारोह, वेस्ट से वेल्थ: सेक्टर-54 में बना आकर्षक वेटलैंड, भविष्य की योजना: 125 MLD उपयोग का लक्ष्य

नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश में बीते नौ वर्षों के दौरान विकास की नई इबारत लिखी गई है और इसी कड़ी में अब नोएडा प्राधिकरण ने जल प्रबंधन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। “वर्ल्ड वॉटर अवॉर्ड 2025-26” के तहत “म्युनिसिपल वाटर रीयूज इनिशिएटिव” श्रेणी में नोएडा प्राधिकरण को ‘वॉटर वॉरियर्स’ के रूप में विजेता चुना गया है। यह उपलब्धि न केवल नोएडा बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
दिल्ली में हुआ भव्य सम्मान समारोह
23 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित होटल ललित में आयोजित समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के माननीय मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर नोएडा प्राधिकरण की ओर से अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री सतीश पाल और महाप्रबंधक (जल) श्री आर.पी. सिंह अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे और यह प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रहण किया।
यह कार्यक्रम ‘वॉटर डाइजेस्ट वॉटर अवॉर्ड’ टीम द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के विभिन्न जल प्रबंधन प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन कर सर्वश्रेष्ठ पहल को सम्मानित किया गया।
जल पुनः उपयोग में नोएडा बना मिसाल
नोएडा प्राधिकरण को यह सम्मान “Municipal Water Reuse Initiative” के अंतर्गत जल के पुनः उपयोग (रीयूज) की उत्कृष्ट व्यवस्था के लिए दिया गया है। वर्तमान में नोएडा के विभिन्न ट्रीटमेंट प्लांट्स से कुल 260 MLD (मिलियन लीटर प्रति दिन) शुद्ध जल उपलब्ध कराया जा रहा है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
इस शुद्ध जल का लगभग 90 MLD उपयोग भूजल स्तर सुधारने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसके तहत हरित पट्टियों, पार्कों, गोल्फ कोर्स, वेटलैंड्स, निर्माण कार्यों, अग्निशमन और सड़कों पर छिड़काव जैसे कार्यों में इसका उपयोग किया जा रहा है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और जल संकट से निपटने की दिशा में एक ठोस कदम साबित हो रही है।
वेस्ट से वेल्थ: सेक्टर-54 में बना आकर्षक वेटलैंड
नोएडा के सेक्टर-54 में पहले एक परित्यक्त वेस्ट स्थल को पुनर्जीवित करते हुए वहां 20 MLD शुद्ध जल का उपयोग कर एक सुंदर और आकर्षक वेटलैंड विकसित किया गया है। यह वेटलैंड अब विभिन्न प्रकार के जलीय जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास बन चुका है, जो जैव विविधता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
यह पहल न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दिखाती है कि किस प्रकार अपशिष्ट को संसाधन में बदलकर सतत विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है।
भविष्य की योजना: 125 MLD उपयोग का लक्ष्य
नोएडा प्राधिकरण ने भविष्य में जल पुनः उपयोग को और अधिक बढ़ाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 125 MLD शुद्ध जल को विभिन्न कार्यों में उपयोग करने की योजना बनाई गई है। इससे न केवल जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि भूजल पर निर्भरता भी कम होगी।
प्रदेश की विकास यात्रा में एक और उपलब्धि
यह सम्मान उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों और बेहतर जल प्रबंधन रणनीतियों का परिणाम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के क्षेत्र में, बल्कि पर्यावरण और संसाधन प्रबंधन में भी उल्लेखनीय प्रगति की है।
नोएडा प्राधिकरण की यह उपलब्धि अन्य शहरों और प्राधिकरणों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगी, जिससे देशभर में जल संरक्षण और पुनः उपयोग की दिशा में नए प्रयासों को बल मिलेगा।
जल संकट के दौर में उम्मीद की किरण
आज जब देश के कई हिस्से जल संकट का सामना कर रहे हैं, ऐसे में नोएडा का यह मॉडल एक सस्टेनेबल और रिप्लिकेबल सॉल्यूशन के रूप में उभरकर सामने आया है। यह दिखाता है कि सही योजना, तकनीक और इच्छाशक्ति के साथ जल संकट जैसी बड़ी समस्या का समाधान संभव है।



