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Breaking News : “10वीं के बाद क्या चुनें? ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करियर का ‘मास्टरक्लास’, नेकी का डिब्बा फाउंडेशन और Born to Win ने दिखाया सफलता का सही रास्ता!”, “स्ट्रीम नहीं, भविष्य का चुनाव—मुख्य वक्ता का प्रेरणादायक संदेश”, “हर स्ट्रीम में हैं अनगिनत मौके—विशेषज्ञों ने खोले करियर के नए आयाम”

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में 10वीं के बाद सही स्ट्रीम का चयन छात्रों के भविष्य की दिशा तय करता है। इसी अहम पड़ाव पर छात्रों को सही मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से नेकी का डिब्बा फाउंडेशन (नेकी की पाठशाला पहल) और Born to Win Learning Service के संयुक्त तत्वावधान में एक प्रभावशाली करियर काउंसलिंग एवं मोटिवेशनल सत्र का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू क्लब में आयोजित हुआ, जिसमें 10वीं बोर्ड परीक्षा पास कर चुके छात्रों और उनके अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को साइंस, कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज जैसे स्ट्रीम्स के चयन में स्पष्ट दिशा देना था।


“स्ट्रीम नहीं, भविष्य का चुनाव—मुख्य वक्ता का प्रेरणादायक संदेश”
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नरेंद्र पाल सिंह, पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी और Born to Win के CEO, ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि 10वीं के बाद लिया गया निर्णय केवल विषयों का चयन नहीं होता, बल्कि यह जीवन की मजबूत नींव रखने जैसा है।
उन्होंने छात्रों को आत्म-विश्लेषण (Self Analysis), निर्णय क्षमता (Decision Making) और नेतृत्व कौशल (Leadership Skills) विकसित करने के व्यावहारिक तरीके बताए। उनके अनुभवों और उदाहरणों ने छात्रों को न केवल प्रेरित किया बल्कि उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर भी बनाया।

“हर स्ट्रीम में हैं अनगिनत मौके—विशेषज्ञों ने खोले करियर के नए आयाम”
सत्र में श्याम एम. पटेल, डायरेक्टर टूरिश एकेडमी एवं मोटिवेशनल स्पीकर, ने विभिन्न स्ट्रीम्स में उपलब्ध करियर विकल्पों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि आज के समय में हर क्षेत्र—चाहे वह साइंस हो, कॉमर्स या ह्यूमैनिटीज—में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जरूरी है कि छात्र अपनी रुचि, क्षमता और दीर्घकालिक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें।
इस सत्र ने छात्रों के मन में मौजूद कई भ्रमों को दूर किया और उन्हें करियर के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण प्रदान किया।


“समाज के वंचित बच्चों को भी मिल रहा अवसर—नेकी की पाठशाला की सराहनीय पहल”
कार्यक्रम की सफलता में गिरीश चंद्र शुक्ला (संस्थापक एवं निदेशक), उर्वशी मसंद और कमल किशोर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस अवसर पर गिरीश चंद्र शुक्ला ने बताया कि ‘नेकी की पाठशाला’ पहल के तहत झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों के 74 बच्चों सहित वंचित वर्ग के छात्रों को शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि Born to Win के सहयोग से ऐसे करियर काउंसलिंग शिविर सरकारी और निजी स्कूलों तथा सोसाइटीज में लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिल सके।

“कार्यक्रम की खास झलकियां—सीख, संवाद और समाधान
इस करियर काउंसलिंग सत्र में कई महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें:
स्व-विश्लेषण (Self Assessment): छात्रों ने अपनी रुचि और क्षमता को पहचानने के तरीके सीखे।
भविष्य की संभावनाएं: विभिन्न विषयों में उभरते करियर विकल्पों पर गहन चर्चा की गई।
प्रश्नोत्तर सत्र: छात्रों और अभिभावकों ने अपने सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया।
इस इंटरएक्टिव सत्र ने छात्रों को न केवल जानकारी दी, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्णय लेने के लिए तैयार किया।


अभिभावकों ने सराहा—बोले, बच्चों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी पहल”
कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्र आज के समय में बेहद जरूरी हैं, क्योंकि सही मार्गदर्शन के अभाव में कई छात्र गलत स्ट्रीम चुन लेते हैं। उन्होंने आयोजकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

करियर काउंसलिंग से खुलेगा सफलता का रास्ता”
नेकी का डिब्बा फाउंडेशन और Born to Win Learning Service की यह संयुक्त पहल न केवल छात्रों को सही दिशा दिखाने में सफल रही, बल्कि समाज के वंचित वर्ग तक शिक्षा और मार्गदर्शन पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनी। इस तरह के प्रयास निश्चित रूप से आने वाले समय में हजारों छात्रों के जीवन को नई दिशा देंगे और उन्हें अपने सपनों को साकार करने में मदद करेंगे।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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