Big News : “गांव के स्कूल में डिजिटल क्रांति का शंखनाद”, कंप्यूटर लैब से बदलेगी बिरौंडी के बच्चों की तकदीर, खेल भवन के साथ शिक्षा का नया अध्याय हुआ शुरू, “500 से 700 का सफर”, अब बढ़ेगी नामांकन की रफ्तार, “CSR का सशक्त उदाहरण” समाज और उद्योग का सहयोग

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र स्थित बिरौंडी चक्रसेनपुर का प्राथमिक विद्यालय अब केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि आधुनिक शिक्षा और समग्र विकास का एक उभरता मॉडल बनता जा रहा है। 27 मार्च 2026 को यहां एक ऐसा ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जिसने गांव के बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने की मजबूत नींव रख दी। अजय पॉली लिमिटेड के निदेशक श्री अवनीश सिंह विसेन के कर-कमलों द्वारा नवनिर्मित अत्याधुनिक कंप्यूटर कक्ष और क्रीड़ा भवन का भव्य लोकार्पण किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक उद्घाटन समारोह नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा में “डिजिटल और फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर” के संतुलित विकास का प्रतीक बनकर सामने आया।
“चॉक-डस्ट से डिजिटल डेस्क तक”: गांव के बच्चों को मिला टेक्नोलॉजी का तोहफा
बिरौंडी के इस विद्यालय में अब बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे कंप्यूटर के माध्यम से नई दुनिया से जुड़ सकेंगे। अजय पॉली लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत तैयार किया गया यह कंप्यूटर कक्ष आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जहां छात्रों को डिजिटल शिक्षा का वास्तविक अनुभव मिलेगा। आज के समय में जब शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को तकनीकी संसाधनों से जोड़ना एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। यह पहल न केवल उनकी पढ़ाई को रोचक बनाएगी, बल्कि उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेगी।
“500 से 700 का सफर”: अब बढ़ेगी नामांकन की रफ्तार
विद्यालय में वर्तमान में 500 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन इस नई सुविधा के जुड़ने के बाद लगभग 200 नए विद्यार्थियों के नामांकन की उम्मीद जताई जा रही है। इसका मतलब साफ है कि यह स्कूल अब आसपास के गांवों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। ग्रामीण अभिभावक अब अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाओं के लिए दूर शहरों में भेजने के बजाय अपने ही क्षेत्र के इस सशक्त होते स्कूल को प्राथमिकता दे सकते हैं।
“खेल और शिक्षा का संगम”: क्रीड़ा भवन से निखरेगी प्रतिभा
इस कार्यक्रम की एक और खास उपलब्धि रहा—नवनिर्मित क्रीड़ा भवन का लोकार्पण। यह भवन छात्रों के शारीरिक विकास और खेल प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अब बच्चों को खेल-कूद के लिए बेहतर स्थान और संसाधन मिलेंगे, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। शिक्षा के साथ-साथ खेल को बढ़ावा देना इस पहल को और भी प्रभावशाली बनाता है।
“शिक्षा ही सबसे बड़ी ताकत”: अवनीश सिंह विसेन का प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में श्री अवनीश सिंह विसेन ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आज के डिजिटल युग में तकनीकी ज्ञान के बिना आगे बढ़ना संभव नहीं है। इसी सोच के साथ इस कंप्यूटर लैब की स्थापना की गई है, ताकि गांव के बच्चों को भी वही अवसर मिल सकें जो शहरों में उपलब्ध हैं। उनका यह संदेश छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, वहीं अभिभावकों के बीच भी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ।
“CSR का सशक्त उदाहरण”: समाज और उद्योग का सहयोग
अजय पॉली लिमिटेड की यह पहल केवल एक औपचारिक CSR गतिविधि नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश का संकेत है। कंपनी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्कूल के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत करने के लिए प्रयासरत रहेगी। इस प्रकार के प्रयास यह दर्शाते हैं कि जब निजी क्षेत्र और समाज मिलकर काम करते हैं, तो विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है।
“गणमान्य लोगों की उपस्थिति से बढ़ी गरिमा”
इस भव्य समारोह में कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी जैसे राहुल कुमार, अरुण उपाध्याय, अभिजीत मिराजकर, प्लांट हेड सुधीर कुमार, शिव पुजन, मुकेश साही, अशोक तोमर, अवेश नायक, अनुज कुमार राजपूत और विश्वजीत पाण्डे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इसके अलावा विद्यालय के शिक्षकगण, ग्रामीण नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल हुए। पूरे परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल देखने लायक था।
“बिरौंडी बना मिसाल”: अब दूसरे स्कूल भी लेंगे प्रेरणा
यह पहल केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है। इससे अन्य कंपनियों और संस्थाओं को भी शिक्षा क्षेत्र में योगदान देने की प्रेरणा मिलेगी।
बिरौंडी का यह स्कूल अब एक मॉडल स्कूल के रूप में उभर सकता है, जहां आधुनिक शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और खेल सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हों।
“भविष्य की ओर मजबूत कदम”: गांव से उठेगी नई उड़ान
कुल मिलाकर, यह लोकार्पण समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है—एक ऐसी शुरुआत जो ग्रामीण बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की ताकत देगी। कंप्यूटर लैब और क्रीड़ा भवन जैसे संसाधन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाएंगे और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करेंगे।
बिरौंडी चक्रसेनपुर का यह स्कूल अब शिक्षा, तकनीक और खेल का संगम बनकर एक नई कहानी लिखने के लिए तैयार है।



