Corruption Free India News : “पानी की हर बूंद पर मचा घमासान!”, नोएडा में भूजल दोहन पर भड़का जनाक्रोश, अब ‘अनिश्चितकालीन आंदोलन’ की चेतावनी, “दो साल से लगातार दोहन”—शिकायतों के बावजूद नहीं रुका खेल, “सैकड़ों पंपों से पानी की बर्बादी”—जमीन के नीचे का जलस्तर खतरे में

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के सेक्टर 151-153 में लगातार हो रहे भूजल दोहन को लेकर अब मामला गर्माता जा रहा है। पिछले दो वर्षों से बिल्डरों द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन के नीचे से पानी निकालने का आरोप है, और प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है।
स्थिति अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि सामाजिक संगठन करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने साफ चेतावनी दे दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध भूजल दोहन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे।
“दो साल से लगातार दोहन”—शिकायतों के बावजूद नहीं रुका खेल
नोएडा के सेक्टर 151 और 153 में बिल्डरों द्वारा बड़े स्तर पर भूजल निकासी का आरोप लगाया गया है। संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि पिछले दो वर्षों से लगातार जारी है।
इस संबंध में कई बार भूजल विभाग, जिला प्रशासन और जनपद के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विभागीय स्तर पर साठ-गांठ के कारण इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज किया जा रहा है।
“सैकड़ों पंपों से पानी की बर्बादी”—जमीन के नीचे का जलस्तर खतरे में
संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने बताया कि सेक्टर 151 में एनपीएस बिल्डिंग के पीछे सैकड़ों पंपों के जरिए 24 घंटे भूजल निकाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पानी निकालना नहीं, बल्कि स्वच्छ जल की खुलेआम बर्बादी है, जिससे आने वाले समय में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है।
सेक्टर 153 में भी इसी तरह का दोहन पिछले दो वर्षों से जारी है, जो यह दर्शाता है कि समस्या अब एक बड़े संकट का रूप ले चुकी है।
“प्रशासन पर सवाल”—शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
संगठन ने 10 दिन पहले ही इस मामले को लेकर प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह से शिकायत की थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
इससे स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी समस्या पर प्रशासनिक चुप्पी क्यों?
कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो नोएडा जैसे विकसित शहर में भी पानी की किल्लत गंभीर रूप ले सकती है।
“अब आंदोलन ही विकल्प”—अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि तत्काल प्रभाव से भूजल दोहन बंद नहीं किया गया, तो संगठन जिला मुख्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेगा। यह आंदोलन केवल विरोध नहीं होगा, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए एक बड़ा जनआंदोलन बनने की संभावना भी जताई जा रही है।
“जनसमर्थन बढ़ता हुआ”—कई कार्यकर्ता आए साथ
इस विरोध प्रदर्शन में नीरज भाटी, आकाश नागर, धर्मेंद्र भाटी, बॉबी गुर्जर, सुनील नागर और हबीब सैफी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। इन सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
“जल संकट की आहट”—भविष्य के लिए खतरे की घंटी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह भूजल का दोहन जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में जल स्तर तेजी से गिर सकता है, जिससे पीने के पानी की समस्या गंभीर हो सकती है।
यह मामला सिर्फ एक इलाके का नहीं, बल्कि पूरे शहर के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
“अब फैसला प्रशासन के हाथ में”
नोएडा में भूजल दोहन का यह मुद्दा अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि वह समय रहते कार्रवाई करे और इस समस्या का समाधान निकाले।
अगर ऐसा नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन न सिर्फ नोएडा बल्कि पूरे एनसीआर में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।



