Noida Authority News : “नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक, 10,290 करोड़ के बजट से लेकर आवंटियों को राहत तक, लिए गए बड़े फैसले”, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को मिलेगा नया रफ्तार”, “बिल्डर परियोजनाओं को राहत—अटके फ्लैट खरीदारों को मिलेगा फायदा”, हाईकोर्ट के आदेश पर 150% अतिरिक्त शुल्क खत्म”
“वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी—आवंटियों को बड़ी राहत”, “जल बिल पर ब्याज दरों में कमी—डिफॉल्टरों को मौका”, “अवैध निर्माण पर सख्ती—सीलिंग और ध्वस्तीकरण होगा तेज”

नोएडा, रफ़्तार टूडे। दिनांक 06 अप्रैल 2026 को नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के विकास, औद्योगिक निवेश, आवासीय योजनाओं और आवंटियों को राहत देने से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने की, जबकि मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. लोकेश एम., अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय खत्री समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से लेकर बिल्डर परियोजनाओं, आवंटियों की समस्याओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
“10,290 करोड़ का बजट पास—इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को मिलेगा नया रफ्तार”
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹10,290.76 करोड़ का बजट प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट को भी स्वीकृति दी गई। प्राधिकरण ने मार्च 2026 तक ₹9008.26 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹6899.35 करोड़ की प्राप्ति दर्ज की है। आने वाले वर्ष में इस बजट के जरिए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।
“बिल्डर परियोजनाओं को राहत—अटके फ्लैट खरीदारों को मिलेगा फायदा”
बैठक में नोएडा और ग्रेटर नोएडा की 77 बिल्डर परियोजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन परियोजनाओं में से 57 मामलों में 16 मार्च 2026 तक निर्णय लिया जा चुका है, जिनमें लगभग 36 परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से करीब 60% मामलों में समाधान निकल चुका है।
इसके तहत लगभग 4364 फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे लंबे समय से परेशान घर खरीदारों को राहत मिलेगी।
“नए औद्योगिक भूखंडों पर निर्माण नियमों में बदलाव”
नई औद्योगिक नीति के तहत आवंटित भूखंडों पर निर्माण संबंधी नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भी पास किया गया।
अब तक कई आवंटियों ने निर्माण नहीं किया था, जिसके चलते उनके आवंटन निरस्त होने की स्थिति बन रही थी। नए नियमों के तहत उन्हें राहत देते हुए संशोधित शर्तों के साथ निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
“वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी—आवंटियों को बड़ी राहत”
प्राधिकरण ने आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक श्रेणी के आवंटियों के लिए One Time Settlement (OTS) Policy-2026 लागू करने का निर्णय लिया है।
इस नीति के तहत बकाया राशि का निपटारा आसान शर्तों पर किया जा सकेगा, जिससे हजारों आवंटियों को वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद है।
हाईकोर्ट के आदेश पर 150% अतिरिक्त शुल्क खत्म”
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में भूखंडों पर लगाए जाने वाले 150% अतिरिक्त शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। यह फैसला विशेष रूप से उन आवंटियों के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से इस अतिरिक्त शुल्क के बोझ से परेशान थे।
“जल बिल पर ब्याज दरों में कमी—डिफॉल्टरों को मौका”
जल बकाया पर लगने वाले ब्याज में भी प्राधिकरण ने राहत दी है। 31 मार्च 2026 तक बकाया राशि जमा करने पर ब्याज में छूट दी जाएगी, जबकि 15 मई 2026 तक भुगतान करने पर आंशिक राहत मिलेगी।
इसके अलावा 30 जून 2026 तक एकमुश्त भुगतान करने वालों को विशेष छूट देने की योजना भी तैयार की गई है।
“मिश्रित उपयोग (Mixed Land Use) पर नई नीति”
आवासीय और औद्योगिक भूखंडों के मिश्रित उपयोग को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अब 50 मीटर चौड़ी सड़कों पर स्थित औद्योगिक भूखंडों के बेसमेंट का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा, हालांकि इसके लिए अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है।

“अवैध निर्माण पर सख्ती—सीलिंग और ध्वस्तीकरण होगा तेज”
प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और भूमि उपयोग में बदलाव पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गौतम बुद्ध नगर में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के मामलों में 154.42 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
इसके अलावा अवैध निर्माणों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान को और तेज करने का फैसला लिया गया है।
“ग्रीन वेस्ट प्लांट—कचरा प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा”
नोएडा में रोजाना निकलने वाले लगभग 100 टन ग्रीन वेस्ट के निस्तारण के लिए नए बायोगैस प्लांट की स्थापना की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए निजी एजेंसियों से Expression of Interest (EOI) आमंत्रित किए जाएंगे, जिससे शहर में कचरा प्रबंधन को और बेहतर बनाया जा सके।
“सड़कों के चौड़ीकरण और ड्रेनेज सिस्टम पर भी फोकस”
सेक्टर-95 समेत कई प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और सुधार कार्यों को भी स्वीकृति दी गई है।
साथ ही जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स पर भी काम शुरू किया जाएगा, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे।
“विकास, राहत और सख्ती—तीनों का संतुलन”
नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट है कि प्राधिकरण विकास, आवंटियों को राहत और अवैध गतिविधियों पर सख्ती—तीनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रहा है। इन फैसलों का सीधा लाभ शहर के निवासियों, निवेशकों और फ्लैट खरीदारों को मिलेगा, जिससे नोएडा के विकास को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।



