Greater Noida : गैस की किल्लत से पलायन करने को मजबूर मजदूरों के लिए IEA की पहल, IOCL और MSME के साथमिलकर शुरू किया राहत अभियान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के सामने इन दिनों एक गंभीर संकट खड़ा होगया। इस समस्या ने हालात इतने बिगाड़ दिए कि कई कर्मचारी मजबूरी में अपनी नौकरियां छोड़कर अपने गृहनगर लौटने लगे।
ऐसे संवेदनशील समय में Industrial Entrepreneurs Association (IEA) ने आगे आकर एक राहत भरीपहल की, जिसने श्रमिकों के चेहरे पर फिर से उम्मीद की किरण जगा दी।
“गैस नहीं तो काम नहीं—संकट ने इंडस्ट्री की रफ्तार पर लगाया ब्रेक”
ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में काम करने वाले श्रमिक छोटे 5 किलो गैस सिलेंडर पर ही अपनीरोजमर्रा की जरूरतें पूरी करते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से बाजार में इन सिलेंडरों की उपलब्धता बेहद कम होगई, जिससे श्रमिकों के सामने खाना बनाने तक की समस्या खड़ी हो गई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कईकर्मचारियों ने काम छोड़कर अपने गांव लौटने का फैसला कर लिया, जिससे उद्योगों की उत्पादन क्षमता पर भीअसर पड़ने लगा।
“IEA की पहल—IOCL और MSME के साथ मिलकर शुरू किया राहत अभियान”
इस संकट को गंभीरता से लेते हुए Industrial Entrepreneurs Association ने Indian Oil Corporation Limited और MSME (ओखला कार्यालय) के सहयोग से 5 किलो एलपीजी सिलेंडर के नए कनेक्शन वितरितकरने का विशेष अभियान शुरू किया। इस पहल का उद्देश्य साफ था—श्रमिकों को तुरंत राहत देना औरऔद्योगिक गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाना।
IEA के अध्यक्ष Sanjeev Sharma ने बताया कि सीमित उपलब्धता के कारण कई श्रमिकों को अभी भी इंतजारकरना पड़ा और कुछ को खाली हाथ लौटना पड़ा। हालांकि, यह पहल संकट के बीच एक महत्वपूर्ण राहत साबितहुई।
“100 सिलेंडर बांटे गए, मांग 200 की, कुछ श्रमिक फिर भी रह गए खाली हाथ”
इस वितरण अभियान के तहत लगभग 100 गैस सिलेंडर कर्मचारियों को उपलब्ध कराए गए, जबकि IEA द्वाराकुल 200 सिलेंडरों की मांग की गई थी।
“अभियान जारी रहेगा—अगले दिन भी वितरण की योजना”
IEA के प्रतिनिधि Mahipal Chauhan ने जानकारी दी कि यह वितरण अभियान अगले दिन भी जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों तक गैस कनेक्शन पहुंचाया जा सके।
इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी जरूरतमंद कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
“चंडी गैस एजेंसी और IOCL टीम का सहयोग—जमीनी स्तर पर दिखा समन्वय”
यह पूरा शिविर Shri Chandi Gas Agency के सहयोग से आयोजित किया गया, जहां मौके पर Indian Oil Corporation Limited से Nitin Tiwari और गैस एजेंसी से Sanchit Kumar मौजूद रहे। इसके अलावाउद्योग जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग जैसे नरेंद्र सोम, पी के तिवारी, सुशील कुमार, अनिल सिंह, एम पी शुक्ला, एचएन शुक्ला, विवेक पाठक, महेंद्र शुक्ला, लक्ष्मण प्रसाद और संजय अग्रवाल भी इस अभियान में सक्रिय रूप सेशामिल रहे।
छोटी पहल, बड़ा असर—संकट में सहारा बनी IEA”
ग्रेटर नोएडा में 5 किलो गैस सिलेंडर की कमी ने यह दिखा दिया कि बुनियादी सुविधाओं की कमी किस तरह बड़ेऔद्योगिक ढांचे को भी प्रभावित कर सकती है। ऐसे में Industrial Entrepreneurs Association की यहपहल एक संकटमोचक कदम बनकर सामने आई है, जिसने श्रमिकों और उद्योग दोनों को राहत दी है।
भविष्य में भी इस तरह के प्रयास जारी रहने से उम्मीद है कि औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों कोजरूरी सुविधाएं समय पर मिलती रहेंगी।



