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Panchsheel Society News : “6 साल का इंतज़ार खत्म!, पंचशील ग्रीन-1 के F1-F2 टावरों को मिली बड़ी राहत—हाईकोर्ट का सख्त आदेश, 90 दिन में रजिस्ट्री पूरी करने का निर्देश”, “नेफोमा की पहल—कोर्ट तक पहुंचा मामला, अब मिली राहत”, “सिर्फ रजिस्ट्री नहीं, अधिकारों की भी लड़ाई थी”

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। लंबे समय से रजिस्ट्री की आस लगाए बैठे फ्लैट खरीदारों के लिए आखिरकार बड़ी राहत की खबर सामने आई है। Panchsheel Green 1 सोसाइटी के F1 और F2 टावरों की रजिस्ट्री का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है, क्योंकि Allahabad High Court ने सख्त रुख अपनाते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को 90 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने का आदेश दिया है।यह फैसला उन सैकड़ों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जो पिछले करीब 6 वर्षों से अपने ही घर की रजिस्ट्री के लिए संघर्ष कर रहे थे।

“18 में से 16 टावरों की रजिस्ट्री पहले, F1-F2 के लोग ही क्यों रहे पीछे?”

जानकारी के अनुसार, सोसाइटी में कुल 18 टावर मौजूद हैं, जिनमें से 16 टावरों के फ्लैट्स की रजिस्ट्री पहले ही पूरी हो चुकी थी।लेकिन F1 और F2 टावरों के निवासी लगातार प्राधिकरण और बिल्डर के बीच चल रही खींचतान का शिकार बने रहे।इस असमान स्थिति ने न केवल निवासियों को परेशान किया, बल्कि उनके अधिकारों और सुविधाओं पर भी असर डाला।

“नेफोमा की पहल—कोर्ट तक पहुंचा मामला, अब मिली राहत”

इस गंभीर समस्या को लेकर NEFOMA (नेफोमा) के मुख्य सलाहकार Deepak Dubey के नेतृत्व में मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचाया गया।कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखने के बाद आखिरकार निवासियों को राहत मिली।दीपक दूबे ने कहा कि सोसाइटी के सभी निवासी एक परिवार की तरह हैं और जो भी लोग इस समस्या से जूझ रहे थे, उनके साथ हर स्तर पर सहयोग किया जाएगा।“सिर्फ रजिस्ट्री नहीं, अधिकारों की भी लड़ाई थी”सोसाइटी निवासी Akhileshwar ने बताया कि समस्या केवल रजिस्ट्री तक सीमित नहीं थी।उन्होंने कहा कि F1 और F2 टावरों के निवासियों को AOA (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) में मतदान का अधिकार तक नहीं दिया गया था।इसके अलावा, सफाई व्यवस्था भी केवल 16 टावरों तक सीमित थी, जिससे इन टावरों के लोग खुद को भेदभाव का शिकार महसूस कर रहे थे।

“सिर्फ रजिस्ट्री नहीं, अधिकारों की भी लड़ाई थी”
सोसाइटी निवासी Akhileshwar ने बताया कि समस्या केवल रजिस्ट्री तक सीमित नहीं थी। उन्होंने कहा कि F1 और F2 टावरों के निवासियों को AOA (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) में मतदान का अधिकार तक नहीं दिया गया था। इसके अलावा, सफाई व्यवस्था भी केवल 16 टावरों तक सीमित थी, जिससे इन टावरों के लोग खुद को भेदभाव का शिकार महसूस कर रहे थे।


“पूरे ग्रेटर नोएडा वेस्ट की समस्या—कई सोसाइटियां जूझ रहीं हैं ऐसे मामलों से”
Annu Khan, नेफोमा अध्यक्ष ने कहा कि यह समस्या सिर्फ एक सोसाइटी तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसाइटियां इसी तरह की परेशानियों से गुजर रही हैं। उन्होंने बताया कि बिल्डर और प्राधिकरण के बीच विवाद के कारण रजिस्ट्री अटक जाती है, जिससे खरीदारों को वर्षों तक मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
नेफोमा इस तरह के मामलों के स्थायी समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

“फैसले के बाद जश्न—निवासियों ने बांटी मिठाइयां”
जैसे ही कोर्ट का फैसला सामने आया, सोसाइटी में खुशी की लहर दौड़ गई। निवासियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस फैसले का स्वागत किया और इसे अपने लंबे संघर्ष की जीत बताया।
इस मौके पर अभिषेक, हरप्रीत सिंह, अखिलेश दीक्षित, संदीप, करुणेश, जी.सी. पंत, रमेश मिश्रा, राहुल और आदित्य सहित कई निवासी मौजूद रहे।


“ न्याय की जीत, उम्मीदों को मिली नई उड़ान”
Allahabad High Court के इस आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि नागरिक अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाते हैं, तो न्याय जरूर मिलता है।
Panchsheel Green 1 के F1 और F2 टावरों के निवासियों के लिए यह फैसला सिर्फ रजिस्ट्री का नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकारों की बहाली का प्रतीक है।
अब सबकी नजरें आने वाले 90 दिनों पर टिकी हैं, जब यह आदेश जमीन पर पूरी तरह लागू होगा और वर्षों से लंबित सपना हकीकत में बदलेगा।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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