Surajpur Barahi Mella News : “रागनियों की गूंज, नृत्य की थिरकन और जनसैलाब का उत्साह, बाराही मेला 2026 ने रचा सांस्कृतिक इतिहास का सुनहरा अध्याय!”, रविवार को उमड़ा जनसागर, लोकसंस्कृति के रंगों में डूबा सूरजपुर—हर प्रस्तुति बनी यादगार, “रविवार बना ‘महा-रविवार’, हर ओर दिखा उत्सव का जश्न”

सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे । ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में आयोजित प्राचीन एवं ऐतिहासिक बाराही मेला–2026 ने रविवार को ऐसा रंग जमाया कि हर तरफ बस उत्साह, उमंग और संस्कृति की झलक दिखाई दी। साप्ताहिक अवकाश के चलते मेले में भारी भीड़ उमड़ी और पूरा मेला परिसर जनसैलाब से भर गया।
बच्चों की खिलखिलाहट, महिलाओं की उत्सुकता और बुजुर्गों की पारंपरिक भागीदारी ने इस आयोजन को जीवंत बना दिया। हर गली, हर स्टॉल और हर मंच पर रौनक का आलम था, मानो पूरा क्षेत्र एक साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों का उत्सव मना रहा हो।
“रविवार बना ‘महा-रविवार’, हर ओर दिखा उत्सव का जश्न”
रविवार के दिन मेले में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि बाराही मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं से जुड़ा एक उत्सव है।
मेले में आए लोगों ने झूलों, खान-पान के स्टॉल और पारंपरिक दुकानों का भरपूर आनंद लिया। बच्चों के चेहरे पर खुशी और बड़ों के चेहरों पर संतोष इस बात का प्रमाण थे कि यह मेला हर आयु वर्ग के लिए खास बन चुका है।
“रागनी की गूंज से झूम उठा पंडाल”
सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। हरियाणवी और राजस्थानी लोकसंस्कृति की झलक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रसिद्ध रागनी गायक संतराज नागर ने अपनी दमदार आवाज में महाभारत के द्रौपदी चीर हरण प्रसंग पर आधारित रागनी—
“दुर्योधन बढ़-बढ़ के बोले, सब खामोश पति जी…”
प्रस्तुत कर पूरे माहौल को भावुक बना दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पंडाल तालियों की गूंज से गूंज उठा।

“नन्हीं प्रतिभा से लेकर अनुभवी कलाकारों तक—हर किसी ने जीता दिल”
कार्यक्रम में उभरती बाल प्रतिभा कुमारी खुशी ने अपनी मधुर आवाज और आत्मविश्वास से सभी का दिल जीत लिया। उनकी प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि लोकसंस्कृति की जड़ें नई पीढ़ी में भी उतनी ही मजबूत हैं।
वहीं, कुमारी सक्कू राजस्थानी ने अपनी प्रभावशाली रागनियों के माध्यम से कर्म और भाग्य जैसे विषयों को बेहद सहज अंदाज में प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि जीवन के मूल्यों का संदेश भी दिया।
“हंसी-मजाक और नृत्य ने बढ़ाया उत्साह का स्तर”
माहौल को और अधिक रंगीन बनाते हुए मित्रपाल भड़ाना और बेबी मुस्कान ने सवाल-जवाब और नोकझोंक की शैली में रागनी प्रस्तुत कर दर्शकों को खूब हंसाया।
इसके बाद बेबी मुस्कान और मन्नू चौधरी के ऊर्जावान नृत्य ने पूरे पंडाल में जोश भर दिया। दर्शक खुद को झूमने से रोक नहीं पाए और माहौल चरम उत्साह में बदल गया।
“विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी ने बढ़ाई शोभा”
इस आयोजन में कई गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें नवीन शर्मा (शिक्षक एवं मोटिवेटर), नेहा नागर (GST असिस्टेंट कमिश्नर), निधि नागर, प्रमुख समाजसेवी एवं बिल्डर के.पी. कसाना, जगबीर भाटी, सविंद्र भाटी अन्य प्रमुख लोग शामिल रहे।
सभी अतिथियों ने बाराही मेले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

“समिति के प्रयासों से सफल आयोजन”
शिव मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मपाल भाटी, महासचिव ओमवीर बैसला और अन्य पदाधिकारियों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों और अतिथियों को सम्मानित किया गया, जिससे आयोजन का समापन गरिमामय माहौल में हुआ।
“सिर्फ मेला नहीं, सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक”
बाराही मेला–2026 लगातार यह साबित कर रहा है कि यह सिर्फ एक मेला नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।
यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त मंच भी बन चुका है।



