Corruption Free India News : खनन माफिया, ओवरलोडिंग और सूखता भूजल, संगठन ने प्रशासन को सौंपाज्ञापन, बिल्डरों पर गंभीर आरोप, जल संकट और अवैध गतिविधियों पर जताई चिंता

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे । ग्रेटर नोएडा में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और भूजल दोहन जैसे गंभीर मुद्दों को लेकरअब विरोध की आवाज़ तेज हो गई है। इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर करप्शन फ्री इंडिया संगठनने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन संगठन के जिला अध्यक्ष (विधि प्रकोष्ठ) लीलू चेची के नेतृत्व में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अनुरागसारस्वत को सौंपा गया।
“डेल्टा-2 में अवैध खनन और ओवरलोडिंग से बढ़ी परेशानी”
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-2 क्षेत्र में कई बिल्डरों द्वारा कमर्शियल प्रोजेक्ट केनाम पर अवैध खनन और ओवरलोडिंग का काम किया जा रहा है।
चौधरी प्रवीण भारतीय ने आरोप लगाया कि—निर्माण कार्य की आड़ में अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया जा रहाहै
ओवरलोड वाहनों से सड़कों की स्थिति खराब हो रही है
रात के समय भी भारी मशीनों के साथ काम जारी रहता है
इन गतिविधियों के कारण स्थानीय निवासियों को शोर, धूल और ट्रैफिक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़रहा है।
“सेक्टर 151-153 में भूजल दोहन—भविष्य का बड़ा संकट”
ज्ञापन में नोएडा के सेक्टर 151 से 153 तक लगातार हो रहे भूजल दोहन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
चौधरी प्रवीण भारतीय और आलोक नागर ने बताया कि पिछले दो वर्षों से कई बिल्डर लगातार भूजल काअत्यधिक दोहन कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने विशेष रूप से ACE बिल्डर पर आरोप लगाया कि सेक्टर-153 में बार–बार शिकायतों के बावजूद भूजलदोहन जारी है।
“शिकायतें हुईं, कमेटी बनी—लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं”
संगठन का कहना है कि इस मामले में कई बार शिकायतें की गईं और यहां तक कि जांच के लिए कमेटी का गठनभी हुआ, लेकिन अब तक कोई ठोस और सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
यह प्रशासनिक ढिलाई अब लोगों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है।
“पानी की हर बूंद के लिए तरसेंगे लोग—चेतावनी”
संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधाननहीं किया गया, तो आने वाले समय में क्षेत्र के लोग पानी की एक–एक बूंद के लिए तरस सकते हैं। “समाधाननहीं तो आंदोलन—संगठन ने दी चेतावनी”
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही अवैध खनन, ओवरलोडिंग और भूजल दोहन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वेअनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।
यह चेतावनी प्रशासन के लिए एक गंभीर संकेत मानी जा रही है कि अब जन समस्याओं को नजरअंदाज करनाआसान नहीं होगा।
पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन जरूरी”
ग्रेटर नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में जहां एक ओर निर्माण और विकास जरूरी है, वहीं दूसरी ओरपर्यावरण संरक्षण और संसाधनों का संतुलित उपयोग भी उतना ही आवश्यक है।
अवैध खनन और भूजल दोहन जैसी गतिविधियां न केवल वर्तमान को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि भविष्य के लिएभी खतरे की घंटी हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ज्ञापन पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है औरक्या इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकल पाता है या नहीं।



