Corruption Free India News : “भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे गांवों को अब मिलेगा नया पहरेदार!”, करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने अजय चौधरी को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, किसानों-मजदूरों के हक की लड़ाई गांव-गांव तक पहुंचाने का ऐलान, “किसानों की मजबूरी को दलाल बना रहे कमाई का जरिया”
तहसील से ब्लॉक तक भ्रष्टाचार पर ‘सीधा वार’, सिकंदराबाद में गरजी करप्शन फ्री इंडिया संगठन की सभा, बोले नेता—“दलालों और भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ अब होगा जनआंदोलन”

सिकंदराबाद, रफ़्तार टूडे। जनपद बुलंदशहर के सिकंदराबाद क्षेत्र में बढ़ते भ्रष्टाचार, किसानों के शोषण और सरकारी तंत्र में फैली अनियमितताओं के खिलाफ अब गांवों से आवाज उठने लगी है। इसी कड़ी में गांव पीर बिवयानी में आयोजित करप्शन फ्री इंडिया संगठन की एक महत्वपूर्ण सभा ने पूरे क्षेत्र में नई चर्चा छेड़ दी। सभा में ग्रामीणों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक करते हुए संगठन ने गांव स्तर पर अपनी ताकत बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया और गांव पीर बिवयानी निवासी अजय चौधरी को संगठन का ग्राम अध्यक्ष नियुक्त किया।
सभा का आयोजन करप्शन फ्री India संगठन के जिला अध्यक्ष सुशील प्रधान के नेतृत्व में चौधरी ताराचंद सिंह के आवास पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, मजदूर और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने भ्रष्टाचार को “राक्षस रूपी व्यवस्था” बताते हुए कहा कि यदि गांव का आम आदमी अब भी नहीं जागा, तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
“किसानों की मजबूरी को दलाल बना रहे कमाई का जरिया”
सभा को संबोधित करते हुए करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और वरिष्ठ पदाधिकारी प्रेमराज भाटी ने कहा कि सिकंदराबाद तहसील और ब्लॉक क्षेत्र में भ्रष्टाचार तेजी से पैर पसार चुका है। सरकारी दफ्तरों में आम आदमी का काम बिना दलालों और रिश्वत के नहीं हो रहा, जिससे किसान और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा परेशान है।
उन्होंने कहा कि तहसील में जमीन, खतौनी, नामांतरण, प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी कार्यों के नाम पर लोगों को गुमराह किया जाता है। गांवों से आने वाले भोले-भाले किसानों को अलग-अलग प्रकार के लालच और झूठे वादों में फंसाकर आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
प्रेमराज भाटी ने कहा— “तहसील और ब्लॉक स्तर पर पारदर्शिता की भारी कमी है। दलालों और कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से किसानों का लगातार शोषण हो रहा है। यह व्यवस्था अब बदलनी ही होगी।”
ग्राम विकास योजनाओं में भी गड़बड़ियों का आरोप
सभा में वक्ताओं ने केवल तहसील व्यवस्था ही नहीं, बल्कि गांवों में चल रहे विकास कार्यों पर भी गंभीर सवाल उठाए। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों और ब्लॉक स्तर पर विकास योजनाओं में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। उनका कहना था कि— गांवों में बनने वाली सड़कें और नालियां घटिया गुणवत्ता की बन रही हैं
विकास योजनाओं का पैसा सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा
कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं
ग्रामीणों को जानकारी दिए बिना फाइलों में काम पूरा दिखा दिया जाता है
नेताओं ने कहा कि यदि विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं लाई गई, तो ग्रामीण क्षेत्रों का वास्तविक विकास कभी संभव नहीं हो पाएगा।
“अब गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान”
करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने साफ कहा कि अब भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। संगठन ने बड़े स्तर पर जन जागरूकता आंदोलन चलाने की घोषणा की है।
संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा—
“हम गांवों में जाकर लोगों को उनके अधिकार बताएंगे। सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ कानूनी तरीके से लड़ाई लड़ेंगे। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था को खत्म करना है।”
अजय चौधरी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
सभा के दौरान संगठन विस्तार अभियान के तहत गांव पीर बिवयानी निवासी अजय चौधरी को ग्राम अध्यक्ष नियुक्त किया गया। संगठन के नेताओं ने कहा कि अजय चौधरी गांव स्तर पर लोगों की समस्याओं को उठाने, भ्रष्टाचार के मामलों की जानकारी जुटाने और संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। नियुक्ति के बाद अजय चौधरी ने कहा कि वे ग्रामीणों की आवाज बनकर काम करेंगे और गांव में किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय या भ्रष्टाचार होने पर उसके खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे।
ग्रामीणों ने भी जताई नाराजगी
सभा में मौजूद ग्रामीणों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए उन्हें कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार बिना पैसे दिए फाइलें आगे नहीं बढ़तीं। ग्रामीणों ने कहा कि यदि संगठन गांव स्तर पर मजबूत होता है तो आम लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
गांवों से उठ रही भ्रष्टाचार के खिलाफ नई आवाज
सिकंदराबाद क्षेत्र में आयोजित यह सभा अब केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे गांवों में बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ उभरती नई जनचेतना के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में करप्शन फ्री इंडिया संगठन का यह अभियान कितना प्रभावी साबित होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
इन लोगों की रही मौजूदगी
इस दौरान सभा में चौधरी प्रेमराज भाटी, सुशील प्रधान, मलखान सिंह यादव, दया प्रधान, चौधरी अनिल सिंह, चौधरी झम्मन सिंह, राजकुमार पीलवान, सतीश खटाना, विजय प्रधान, सूबेदार गजेंद्र सिंह, तेज सिंह, मेहर चंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।



