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Greater Noida News : गुरु गोरखनाथ की गूंज से गूंजा ग्रेटर नोएडा!, ‘जोगी महोत्सव 2026’ में भक्ति, संस्कृति और युवा शक्ति का ऐसा संगम, जिसे देखकर हर कोई बोला—यही है सनातन की असली ताकत, 1000 से अधिक लोगों की मौजूदगी ने बनाया ऐतिहासिक आयोजन

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा की पावन धरती उस समय आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक रंगों और लोक परंपराओं की दिव्य छटा से सराबोर हो उठी, जब ITS Engineering College परिसर में “जोगी महोत्सव 2026” का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन किया गया। श्री श्री महायोगी गुरु गोरखनाथ जी महाराज के प्राकट्य उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित इस विराट कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक चेतना को जागृत किया, बल्कि समाज में एकता, संस्कृति और युवा जागरूकता का भी शक्तिशाली संदेश दिया।
जोगी फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस महोत्सव में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि भारतीय संस्कृति और गुरु परंपरा आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही जीवित है, जितनी सदियों पहले थी। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में जब आयोजन स्थल पहुंचे तो पूरा वातावरण किसी आध्यात्मिक मेले की तरह दिखाई देने लगा।

भक्ति, संस्कृति और लोक परंपरा का अद्भुत संगम बना जोगी महोत्सव
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु गोरखनाथ जी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद पूरे परिसर में “जय गुरु गोरखनाथ” के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। मंच पर मौजूद संतों, समाजसेवियों और अतिथियों ने गुरु गोरखनाथ जी की शिक्षाओं को आज के समय में बेहद प्रासंगिक बताया।
वक्ताओं ने कहा कि गुरु गोरखनाथ जी ने समाज को त्याग, साधना, सेवा और अनुशासन का मार्ग दिखाया। उनकी शिक्षाएं केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना की भी प्रेरणा हैं। आज के समय में जब युवा अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजन उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

रितु नाथ जी की प्रस्तुति ने बांधा समां, भजनों पर झूम उठे श्रद्धालु
महोत्सव का सबसे आकर्षक और भावनात्मक क्षण वह रहा जब राजस्थान से पधारी सुप्रसिद्ध गायिका और कथा वाचिका रितु नाथ जी ने मंच संभाला। उनकी मधुर आवाज और भक्तिमय प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। जैसे ही उन्होंने गुरु गोरखनाथ जी की महिमा का वर्णन करते हुए भजन प्रस्तुत किए, श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे।
वहीं बुलंदशहर से आई भजन मंडली के प्रमुख योगी परमानंद जी ने अपने जोशीले भजनों से माहौल को पूरी तरह भक्तिरस में डुबो दिया। श्रद्धालु देर तक तालियों और जयकारों के साथ कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।

शिव तांडव और झांकियों ने जीता दिल, बच्चों ने दिखाई अद्भुत प्रतिभा
कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। खासतौर पर शिव तांडव नृत्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। बच्चों ने जिस ऊर्जा और भाव के साथ प्रस्तुति दी, उसने हर किसी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
इसके अलावा गुरु गोरखनाथ जी के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित झांकियों ने भी लोगों का मन मोह लिया। इन झांकियों के माध्यम से युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जोड़ने का संदेश दिया गया।

“जोगी समाज त्याग और सेवा का प्रतीक” — योगी तेजपाल
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अखिल भारतीय योगी नाथ उपाध्याय समाज सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी तेजपाल जी ने कहा कि जोगी नाथ संप्रदाय केवल एक समाज नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और सेवा की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होकर शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

राजकुमार भाटी बोले—गुरु गोरखनाथ की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक
विशिष्ट अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि गुरु गोरखनाथ जी की शिक्षाएं आज भी समाज को अनुशासन, समर्पण और सेवा का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवा इन सिद्धांतों को अपनाएं तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

मेधावी छात्रों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान
महोत्सव के दौरान शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में शिक्षा के प्रति प्रेरणा बढ़ी।
साथ ही समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को गुरु गोरखनाथ जी की प्रतिमा और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

1000 से अधिक लोगों की मौजूदगी ने बनाया ऐतिहासिक आयोजन
करीब 1000 से अधिक लोगों की उपस्थिति ने “जोगी महोत्सव 2026” को ऐतिहासिक बना दिया। आयोजन में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रोहित कुमार जोगी बोले—युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना ही उद्देश्य
जोगी फाउंडेशन के संस्थापक और कार्यक्रम संचालक रोहित कुमार जोगी ने कहा कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाना तथा गुरु गोरखनाथ जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह के आयोजन लगातार किए जाएंगे, ताकि समाज को नई दिशा और सकारात्मक ऊर्जा मिल सके।

पूरी टीम की मेहनत से बना यादगार आयोजन
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में जोगी फाउंडेशन की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में अध्यक्ष अमित विराट, देवेंद्र उपाध्याय, प्रदीप जोगी, रतन जोगी, मोहित विराट, कुलदीप योगी, अभिषेक गोस्वामी, सुधांशु विराट, पवन जोगी, एडवोकेट बृजमोहन, रेणु जोगी, डॉ. सुमित विराट, डॉ. अनिल कुमार और सत्यप्रकाश गोस्वामी सहित कई लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समापन अवसर पर सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए समाज को एकजुट रहने और संस्कृति संरक्षण का संकल्प दिलाया गया।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

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