Fortis Hospital News : “6-6 दवाइयां भी हुईं बेअसर, तब फोर्टिस ग्रेटर नोएडा ने दिखाई नई उम्मीद!”, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट फेलियर से जूझ रहे मरीजों पर एडवांस ‘रीनल डीनर्वेशन’ प्रक्रिया सफल, बिना बड़े ऑपरेशन के मिला नया जीवन, दिल और ब्लड प्रेशर की बीमारी क्यों बन रही है बड़ा खतरा?

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। तेजी से बदलती जीवनशैली, तनाव, गलत खानपान और लगातार बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच हाई ब्लड प्रेशर आज एक “साइलेंट किलर” बन चुका है। लेकिन जब यही ब्लड प्रेशर तमाम दवाइयों के बावजूद नियंत्रण में न आए और मरीज हार्ट फेलियर जैसी गंभीर स्थिति तक पहुंच जाए, तब इलाज की राह बेहद मुश्किल हो जाती है। ऐसे ही जटिल और जोखिम भरे मामलों में फोर्टिस हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा ने एक बड़ी चिकित्सा उपलब्धि हासिल करते हुए दो गंभीर मरीजों पर एडवांस “रीनल डीनर्वेशन” प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।
इस अत्याधुनिक मिनीमली इन्वेसिव थेरेपी ने उन मरीजों के लिए नई उम्मीद जगाई है, जिनका ब्लड प्रेशर कई प्रकार की दवाइयों के बावजूद लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ था। खास बात यह रही कि इनमें एक मरीज हाइपरटेंसिव हार्ट फेलियर जैसी गंभीर स्थिति से भी जूझ रहा था। फोर्टिस ग्रेटर नोएडा की कार्डियोलॉजी टीम ने इस चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को सफल बनाकर आधुनिक चिकित्सा तकनीक की ताकत का शानदार उदाहरण पेश किया है।
क्या होता है रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन?
विशेषज्ञों के अनुसार रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन यानी ऐसा उच्च रक्तचाप, जो कई तरह की दवाइयां लेने के बावजूद नियंत्रण में नहीं आता। आमतौर पर मरीजों को तीन से छह प्रकार की ब्लड प्रेशर की दवाइयां दी जाती हैं, लेकिन इसके बाद भी यदि ब्लड प्रेशर 180-200 mmHg तक बना रहे, तो स्थिति बेहद खतरनाक मानी जाती है।
ऐसे मरीजों को— हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर, हार्ट फेल, अचानक कार्डियक डेथ जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
68 वर्षीय महिला मरीज बनीं एडवांस थेरेपी की मिसाल
फोर्टिस ग्रेटर नोएडा में इलाज कराने आई 68 वर्षीय महिला कई वर्षों से गंभीर रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन से पीड़ित थीं। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें छह एंटीहाइपरटेंसिव दवाओं की अधिकतम सहनीय डोज दी जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद उनका ब्लड प्रेशर लगातार 180 से 200 mmHg के बीच बना हुआ था। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि मरीज को बार-बार हाइपरटेंसिव हार्ट फेलियर के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ रहा था। लगातार बढ़ते कार्डियोवैस्कुलर रिस्क के चलते डॉक्टरों की टीम ने विस्तृत जांच के बाद एडवांस रीनल डीनर्वेशन प्रक्रिया का फैसला लिया।
कैसे काम करती है रीनल डीनर्वेशन तकनीक?
रीनल डीनर्वेशन एक आधुनिक कैथेटर-आधारित मिनीमली इन्वेसिव प्रक्रिया है। इसमें गुर्दे की धमनियों के आसपास मौजूद उन अतिसक्रिय नसों (सिंपेथेटिक नर्व्स) को निष्क्रिय किया जाता है, जो लगातार ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का काम करती हैं। यह प्रक्रिया बिना बड़े ऑपरेशन के की जाती है और मरीज को अपेक्षाकृत कम समय में राहत मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में गंभीर हाई ब्लड प्रेशर मरीजों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।
“यह सिर्फ इलाज नहीं, मरीजों को नया जीवन देने की दिशा”
फोर्टिस ग्रेटर नोएडा के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हरनीश सिंह भाटिया ने बताया— “रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन सबसे खतरनाक लेकिन कम समझी जाने वाली कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं में से एक है। हमारे दोनों मरीज कई प्रकार की दवाइयों पर थे, लेकिन उनका ब्लड प्रेशर लगातार अनियंत्रित बना हुआ था। रीनल डीनर्वेशन प्रक्रिया सीधे समस्या की जड़ यानी सिंपेथेटिक ओवरएक्टिविटी को टारगेट करती है। यह तकनीक उन मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है, जिन पर पारंपरिक इलाज असर नहीं कर रहा।”। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया न केवल ब्लड प्रेशर नियंत्रण में मदद करती है, बल्कि भविष्य में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर जैसी गंभीर जटिलताओं के जोखिम को भी कम करती है।
फोर्टिस की कार्डियोलॉजी टीम की बड़ी उपलब्धि
फोर्टिस ग्रेटर नोएडा के फैसिलिटी डायरेक्टर सिद्धार्थ निगम ने इस उपलब्धि को अस्पताल की उन्नत चिकित्सा क्षमताओं का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा— “इन सफल प्रक्रियाओं ने यह साबित किया है कि फोर्टिस ग्रेटर नोएडा जटिल कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों के इलाज में अत्याधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ पूरी तरह सक्षम है। हमारा लक्ष्य हर मरीज को विश्वस्तरीय और संवेदनशील चिकित्सा सेवा प्रदान करना है।”
दिल और ब्लड प्रेशर की बीमारी क्यों बन रही है बड़ा खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार आज के दौर में— तनाव, अनियमित दिनचर्या, जंक फूड, शारीरिक गतिविधि की कमी, मोटापा, डायबिटीज जैसी समस्याएं हाई ब्लड प्रेशर के मामलों को तेजी से बढ़ा रही हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि कई लोग लंबे समय तक इस बीमारी को नजरअंदाज करते रहते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।
ग्रेटर नोएडा में एडवांस हेल्थकेयर का बढ़ता दायरा
फोर्टिस ग्रेटर नोएडा की इस सफलता को क्षेत्र में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है। मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि अब ग्रेटर नोएडा और एनसीआर के मरीजों को जटिल कार्डियक प्रक्रियाओं के लिए बड़े महानगरों की ओर भागने की जरूरत कम होती जा रही है।
मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण
रीनल डीनर्वेशन जैसी एडवांस तकनीकें उन मरीजों के लिए उम्मीद लेकर आई हैं, जो वर्षों से अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर के कारण परेशान हैं। डॉक्टरों का मानना है कि सही समय पर जांच और विशेषज्ञ इलाज से हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है।



