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ATS Society News : “5KW का सपना, 5 मिनट की बिजली भी नहीं!”, ATS Dolce में अंधेरा, लिफ्ट में फंसे लोग, गर्मी से बेहाल बच्चे-बुजुर्ग; पावर बैकअप के नाम पर लाखों वसूलने पर भड़के 1200 परिवार, ग्रेटर नोएडा की हाईटेक सोसायटी में ‘ब्लैकआउट ड्रामा’, महिलाओं समेत 100 से ज्यादा लोग पहुंचे पुलिस चौकी, लिफ्ट में फंसे लोग, अंधेरे में गुजरी रात

बिजली गई तो खुल गई सिस्टम की पोल; महिलाएं पहुंचीं पुलिस चौकी, बिल्डर के खिलाफ बड़े आंदोलन की चेतावनी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा की चर्चित हाईराइज सोसायटियों में शामिल एटीएस डोल्से में गुरुवार शाम ऐसा बिजली संकट खड़ा हुआ कि पूरी सोसायटी में अफरा-तफरी और गुस्से का माहौल बन गया। करीब 1200 परिवारों वाली इस आलीशान सोसायटी में अचानक शुरू हुई बिजली ट्रिपिंग ने लोगों की जिंदगी को घंटों के लिए अस्त-व्यस्त कर दिया। शाम करीब 8 बजे से शुरू हुआ संकट देर रात तक जारी रहा और इस दौरान कई बार बिजली आने-जाने से लोग परेशान होते रहे। सबसे ज्यादा दिक्कत उन लोगों को हुई जो लिफ्ट में फंस गए, जबकि भीषण गर्मी में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बेहाल नजर आए।
रेजिडेंट्स का आरोप है कि बिल्डर ने फ्लैट खरीदते समय पावर बैकअप के नाम पर लाखों रुपये वसूले, लेकिन जब वास्तविक जरूरत पड़ी तो पूरा सिस्टम धराशायी हो गया। लोगों का कहना है कि जिस हाईटेक और लग्जरी जीवनशैली का सपना दिखाकर फ्लैट बेचे गए थे, अब वही सोसायटी बिजली संकट और बदइंतजामी का प्रतीक बनती जा रही है।

लाखों रुपये लिए, फिर भी DG सिस्टम फेल!
निवासियों के अनुसार, हर फ्लैट मालिक से रजिस्ट्री के समय लगभग एक लाख रुपये पावर बैकअप सुविधा के नाम पर लिए गए थे। दावा किया गया था कि प्रत्येक फ्लैट को कम से कम 5 किलोवाट बिजली कनेक्शन मिलेगा और किसी भी आपात स्थिति में मजबूत डीजी बैकअप उपलब्ध रहेगा।
लेकिन गुरुवार शाम जो हुआ, उसने इन दावों की पूरी हकीकत सामने ला दी। लोगों का आरोप है कि प्रीपेड मीटर के जरिए हर दिन 20 रुपये फिक्स चार्ज और 10 रुपये डीजी चार्ज अलग से वसूले जा रहे हैं, इसके बावजूद बैकअप सिस्टम जरूरत के समय काम नहीं कर रहा।
रेजिडेंट्स का कहना है कि बार-बार बिजली ट्रिप होने से पूरा सिस्टम अस्थिर हो गया और कई टावरों में घंटों तक बिजली नहीं रही। इससे लोगों में भारी नाराजगी फैल गई।

लिफ्ट में फंसे लोग, अंधेरे में गुजरी रात
बिजली संकट का सबसे भयावह असर लिफ्टों पर पड़ा। कई बार बिजली जाने से लिफ्ट बीच में रुक गईं और कई निवासी अंदर फंस गए। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें काफी देर तक कोई मदद नहीं मिली। भीषण गर्मी के बीच फ्लैटों में एसी, पंखे और कूलर बंद हो गए। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जबकि बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी। कई परिवार अंधेरे में मोबाइल टॉर्च के सहारे बैठे रहे। लोगों का कहना है कि हाईराइज सोसायटी में इस तरह का संकट किसी बड़े हादसे का संकेत हो सकता है।

महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब होने का डर
लगातार बिजली आने-जाने से निवासियों को अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का डर भी सताने लगा। कई लोगों ने बताया कि उनके टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और एसी बार-बार ट्रिपिंग की वजह से प्रभावित हुए।
रेजिडेंट्स का कहना है कि यदि इसी तरह वोल्टेज फ्लक्चुएशन चलता रहा तो लाखों रुपये के उपकरण फुंक सकते हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि जब इतनी भारी रकम मेंटेनेंस और बैकअप के नाम पर ली जा रही है, तो फिर मूलभूत बिजली व्यवस्था भी क्यों नहीं संभल पा रही?

मेंटेनेंस टीम पर गंभीर आरोप
स्थिति तब और बिगड़ गई जब लोगों ने मेंटेनेंस विभाग से संपर्क करने की कोशिश की। आरोप है कि एटीएस के मेंटेनेंस मैनेजर बभीश कुमार ने लोगों के फोन उठाने बंद कर दिए। वहीं बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारी भी जवाब देने से बचते रहे। निवासियों का कहना है कि कंट्रोल रूम पहुंचने पर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। बड़ी संख्या में निवासी एकजुट होकर सोसायटी में रहने वाले एटीएस के करीबी माने जाने वाले डॉ. सुदर्शन कुमार के फ्लैट तक पहुंच गए। लोगों को उम्मीद थी कि वह मामले में हस्तक्षेप करेंगे, लेकिन आरोप है कि उन्होंने दरवाजा नहीं खोला।

महिलाओं समेत 100 से ज्यादा लोग पहुंचे पुलिस चौकी
जब घंटों तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो महिलाओं समेत 100 से अधिक निवासी एसीई प्लेटिनम पुलिस चौकी पहुंच गए। वहां लोगों ने बिजली संकट और बिल्डर की लापरवाही को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
चौकी इंचार्ज मुकुल यादव ने लोगों की समस्याएं सुनीं और तुरंत बिल्डर के जीएम से फोन पर बात की। उन्होंने जल्द समाधान के निर्देश दिए और रेजिडेंट्स को कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक शिकायत की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी।

“अब चुप नहीं बैठेंगे” — आंदोलन की तैयारी
सोसायटी के लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। निवासियों का कहना है कि वे अब इस मामले को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, विद्युत विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय तक ले जाएंगे। लोगों का कहना है कि हाईराइज सोसायटियों में सुरक्षा और बिजली व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि इतनी बड़ी सोसायटी में बैकअप सिस्टम ही फेल हो जाए, तो किसी भी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।

हाईटेक शहर की हाईराइज सोसायटी में बुनियादी संकट
ग्रेटर नोएडा लगातार आधुनिक और हाईटेक शहर के रूप में विकसित हो रहा है। हजारों लोग बेहतर सुविधाओं और सुरक्षित जीवन की उम्मीद में हाईराइज सोसायटियों में निवेश कर रहे हैं। लेकिन ATS Dolce जैसी घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या बिल्डर्स केवल चमकदार वादों और भारी मेंटेनेंस शुल्क के सहारे लोगों को भ्रमित कर रहे हैं?

रफ़्तार टूडे की न्यूज

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