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GL Bajaj College News : शोध, नवाचार और पेटेंट की दुनिया में जीएल बजाज का बड़ा कदम! 6 दिन तक चलेगा ज्ञान का महाकुंभ, देश-विदेश के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ देंगे सफलता का मंत्र, देश के शीर्ष वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की मौजूदगी बनी आकर्षण का केंद्र

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे ग्रेटर नोएडा के प्रतिष्ठित जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (GLBITM) ने एक बार फिर अकादमिक जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। संस्थान के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल द्वारा आयोजित छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का भव्य शुभारंभ किया गया। “रिसर्च पेपर, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) एवं प्रोजेक्ट प्रपोजल लेखन” विषय पर केंद्रित यह कार्यक्रम 1 जून से 6 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश और विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक, शिक्षाविद और शोध विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
यह कार्यक्रम केवल एक प्रशिक्षण सत्र नहीं, बल्कि शोध, नवाचार और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला एक ऐसा मंच बनकर उभरा है, जहां शिक्षक और शोधकर्ता आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों को समझने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।

ज्ञान और अनुसंधान को नई ऊंचाई देने की पहल
आज के समय में केवल पढ़ाना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि शिक्षकों और शोधकर्ताओं का अनुसंधान में सक्रिय योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जीएल बजाज संस्थान ने इस विशेष फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम की शुरुआत की है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और शोधकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्र तैयार करने, पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकारों की समझ विकसित करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के लिए प्रभावी प्रोजेक्ट प्रस्ताव तैयार करने में दक्ष बनाना है।

देश के शीर्ष वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की मौजूदगी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कई प्रतिष्ठित संस्थानों और सरकारी संगठनों से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में श्री अनिल सी. रणवीर, निदेशक एवं प्रभागाध्यक्ष (आर एंड डी), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शोध और नवाचार केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि समाज और उद्योग की वास्तविक समस्याओं के समाधान का माध्यम बनने चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और पर्यावरणीय चुनौतियों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संदीप सिंघल, साइंटिस्ट-एफ एवं ग्रुप हेड, रिसर्च प्लानिंग एंड बिजनेस डेवलपमेंट डिवीजन, CSIR-AMPRI तथा डॉ. ज़ेडज़िस्लाव पोल्कोव्स्की, प्रोफेसर, WSG यूनिवर्सिटी, पोलैंड ने भी अपने विचार रखे। दोनों विशेषज्ञों ने अंतरराष्ट्रीय शोध मानकों, नवाचार संस्कृति और वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

संस्थान नेतृत्व ने बताया अनुसंधान का महत्व
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) मानस कुमार मिश्रा और डीन (रिसर्च) प्रो. (डॉ.) रोहित शर्मा की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की पहचान केवल उसके परिणामों से नहीं, बल्कि उसके शोध और नवाचार की गुणवत्ता से भी होती है।

रिसर्च पेपर से लेकर पेटेंट तक मिलेगी विशेषज्ञ जानकारी
छह दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें शोध पत्र लेखन की आधुनिक तकनीक, प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशन की प्रक्रिया, साहित्य समीक्षा, शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के उपाय, पेटेंट फाइलिंग, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क और अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों के लिए प्रभावी प्रोजेक्ट प्रस्ताव तैयार करने की बारीकियों को भी समझाया जाएगा, जिससे शोधकर्ताओं को अपने अनुसंधान कार्यों के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने में मदद मिल सके।

वैश्विक सहयोग और नवाचार संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल शिक्षकों के ज्ञान और कौशल को विकसित करते हैं बल्कि संस्थानों के बीच सहयोग और नेटवर्किंग को भी मजबूत बनाते हैं। विदेशी विशेषज्ञों की भागीदारी से प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय शोध मानकों और वैश्विक अवसरों की जानकारी भी मिल रही है। जीएल बजाज संस्थान का यह प्रयास दर्शाता है कि वह केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।


शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में मजबूत कदम
यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम जीएल बजाज संस्थान की उस दूरदर्शी सोच का प्रतीक है, जिसके तहत शिक्षकों और शोधकर्ताओं को विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कार्यक्रम के माध्यम से संस्थान अनुसंधान संस्कृति को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक सहयोग के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

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Raftar Today
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