Breaking News : "आखिर कब थमेगा 'लिफ्ट का डर'?, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कैपिटल एथिना में फिर अटकी जिंदगी, आधे घंटे तक बंद डिब्बे में कैद रहे दो लोग, दहशत में निवासी बोले—'अब हादसे का इंतजार क्यों?'"

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए लिफ्ट अब केवल सुविधा का साधन नहीं, बल्कि चिंता और डर का कारण बनती जा रही है। सोमवार रात सेक्टर-1 स्थित कैपिटल एथिना सोसाइटी में एक बार फिर लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई और उसमें सवार दो लोग करीब आधे घंटे तक अंदर फंसे रहे। इस घटना ने एक बार फिर सोसाइटी की लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात यह रही कि काफी प्रयासों के बाद दोनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इस दौरान उन्हें मानसिक तनाव और घबराहट का सामना करना पड़ा।
घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि पहले भी कई बार लिफ्ट बीच रास्ते में रुक चुकी है और तकनीकी खराबियों के कारण लोग फंस चुके हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है तो यह लापरवाही भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के समय लिफ्ट अचानक रुक गई। अंदर मौजूद लोगों ने इमरजेंसी अलार्म और अन्य माध्यमों से मदद मांगने की कोशिश की। कुछ समय बाद सोसाइटी के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि घटना में कोई शारीरिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन अंदर फंसे लोगों को लंबे समय तक घुटन और भय का सामना करना पड़ा।
निवासियों का कहना है कि हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए लिफ्ट का पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु होना बेहद आवश्यक है। यदि समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण, रखरखाव और आवश्यक मरम्मत नहीं की जाएगी तो इस प्रकार की घटनाएं लगातार होती रहेंगी। उनका कहना है कि हर लिफ्ट की नियमित हेल्थ ऑडिट कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी सुरक्षा उपकरण पूरी तरह कार्यरत हों।
सोसाइटी के लोगों ने यह भी मांग उठाई कि इमरजेंसी अलार्म, इंटरकॉम, ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD), बैकअप पावर सिस्टम और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की नियमित जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। कई निवासियों का कहना है कि आपात स्थिति में राहत पहुंचने में जितनी देर होती है, उतना ही अंदर फंसे लोगों की जान पर खतरा बढ़ जाता है।
घटना के बाद लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि केवल नोटिस जारी करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सभी हाईराइज सोसाइटियों की लिफ्टों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। जिन सोसाइटियों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
निवासियों का यह भी कहना है कि शहर में लगातार ऊंची-ऊंची इमारतें बन रही हैं, लेकिन यदि उनके रखरखाव और सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाएगा तो यह शहरी विकास की सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है। लोगों ने मांग की कि लिफ्ट सुरक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और समय-समय पर उनकी निगरानी भी की जाए।
फिलहाल इस मामले में कैपिटल एथिना सोसाइटी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि घटना ने एक बार फिर हाईराइज सोसाइटियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। अब सभी की निगाहें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और संबंधित विभागों पर हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था करते हैं।



