Noida Society News : बहन से मिलने आया भाई, कुछ ही देर में पसरा मातम!, नोएडा की पॉश सोसाइटी के स्विमिंग पूल में दर्दनाक मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक की आशंका, सुरक्षा मानकों के पालन की जरूरत
नोएडा और ग्रेटर नोएडा की विभिन्न सोसाइटियों तथा वाटर पार्कों में पिछले कुछ समय के दौरान स्विमिंग के दौरान तबीयत बिगड़ने और डूबने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट किया है कि केवल स्विमिंग पूल का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन भी उतना ही आवश्यक है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हैमलेट (ATS One Hamlet) सोसाइटी में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। अपनी बहन के घर मिलने आए एक व्यक्ति की स्विमिंग पूल में नहाने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि उन्हें पूल में उतरने के दौरान कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) आया, जिसके बाद वह पानी में डूब गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण डूबना बताया गया है, जबकि कार्डियक अरेस्ट को संभावित वजह माना जा रहा है। घटना के बाद सोसाइटी में शोक का माहौल है और एक बार फिर आवासीय सोसाइटियों के स्विमिंग पूल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बहन के घर आए थे, अचानक हुआ दर्दनाक हादसा
पुलिस के अनुसार मृतक अपनी बहन से मिलने के लिए सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हैमलेट सोसाइटी आए हुए थे। रविवार सुबह वह नियमित रूप से स्विमिंग करने के लिए सोसाइटी के स्विमिंग पूल पहुंचे। कुछ देर तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन अचानक वह पानी में अचेत हो गए।
जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड की नजर उन पर पड़ी। गार्ड ने तुरंत अन्य लोगों को सूचना दी और उन्हें बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक की आशंका
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि व्यक्ति को स्विमिंग के दौरान अचानक कार्डियक अरेस्ट आया होगा। संतुलन बिगड़ने के कारण वह पानी में गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है। शरीर पर किसी प्रकार की गंभीर चोट के निशान नहीं मिले हैं। केवल मामूली खरोंचें मिली हैं, जिन्हें पानी में संघर्ष करने के दौरान लगी चोट माना जा रहा है। परिजनों ने किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई है, इसलिए पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर मामले को जांच के दायरे में रखा है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद आवासीय सोसाइटियों में संचालित स्विमिंग पूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रत्येक स्विमिंग पूल पर प्रशिक्षित लाइफगार्ड, सीपीआर (CPR) का प्रशिक्षण प्राप्त स्टाफ, प्राथमिक उपचार (First Aid) की व्यवस्था और आपातकालीन मेडिकल रिस्पॉन्स सिस्टम अनिवार्य होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो जाए तो शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय रहते सीपीआर और चिकित्सकीय सहायता मिलने पर कई मामलों में जान बचाई जा सकती है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
नोएडा और ग्रेटर नोएडा की विभिन्न सोसाइटियों तथा वाटर पार्कों में पिछले कुछ समय के दौरान स्विमिंग के दौरान तबीयत बिगड़ने और डूबने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट किया है कि केवल स्विमिंग पूल का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन भी उतना ही आवश्यक है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जिन लोगों को हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें स्विमिंग से पहले चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
सुरक्षा मानकों के पालन की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि सभी आवासीय सोसाइटियों को नियमित स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ऑडिट कराना चाहिए। स्विमिंग पूल परिसर में लाइफ सेविंग उपकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED), प्रशिक्षित स्टाफ और आपातकालीन एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह हादसा केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि सभी आवासीय सोसाइटियों और प्रबंधन समितियों के लिए एक चेतावनी भी है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकती है। समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना ही ऐसे दर्दनाक हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।



