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Noida Authority News : नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही पर फिर उठे सवाल, खुले गड्ढे, अधूरी बैरिकेडिंग और अंधेरे का खतरा!, चिल्ला एलिवेटेड रोड निर्माण पर फिर उठे सवाल, नागरिक बोले—'पहले सुरक्षा, फिर विकास', नोएडा में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर विवादों में आ गई

यदि किसी निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका मानना है कि जवाबदेही तय होने से भविष्य में ऐसी लापरवाही पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी और अन्य परियोजनाओं में भी सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के सेक्टर-16 स्थित चिल्ला एलिवेटेड रोड निर्माण परियोजना एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर विवादों में आ गई है। निर्माण स्थल पर खुले गहरे गड्ढे, बाहर निकले लोहे के सरिए, कमजोर बैरिकेडिंग और रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के अभाव ने स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो यहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने नोएडा प्राधिकरण से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण एजेंसी को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की है।

चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना नोएडा की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है, जिससे भविष्य में यातायात का दबाव कम होने और लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि विकास कार्यों के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है। नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होंगे तो आम लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार निर्माण स्थल पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे खुले पड़े हुए हैं। इन गड्ढों के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं की गई है और कई जगहों पर लोहे के सरिए खुले हुए दिखाई देते हैं। दिन के समय तो लोग किसी तरह सावधानी बरत लेते हैं, लेकिन रात में रोशनी की कमी के कारण राहगीरों और वाहन चालकों के लिए स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। बरसात के मौसम में पानी भर जाने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से कई बार सुरक्षा संबंधी कमियों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है, लेकिन अभी तक अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी पर होगी।

एक्टिव सिटीजन टीम के सदस्य हरेंद्र भाटी ने कहा कि वह लंबे समय से शहर के विभिन्न निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में खुले गड्ढों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की अनदेखी के कारण कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं, लेकिन संबंधित एजेंसियां अब भी पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

हरेंद्र भाटी ने कहा, “निर्माण कार्य शहर के विकास के लिए आवश्यक हैं, लेकिन विकास की कीमत किसी नागरिक की जान नहीं हो सकती। यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी। प्रशासन को तत्काल सभी निर्माण स्थलों का सुरक्षा ऑडिट कराना चाहिए और जहां भी खामियां मिलें, वहां बिना देरी सुधारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।”

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चारों ओर मजबूत और सुरक्षित बैरिकेडिंग की जाए, रात के समय पर्याप्त हाई-मास्ट लाइट या अन्य प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए। उनका कहना है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।

क्षेत्रवासियों का यह भी कहना है कि यदि किसी निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका मानना है कि जवाबदेही तय होने से भविष्य में ऐसी लापरवाही पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी और अन्य परियोजनाओं में भी सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित होगा।

शहर के सामाजिक संगठनों का भी कहना है कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बड़ी निर्माण परियोजनाओं के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण स्थल पर उचित बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, पर्याप्त रोशनी और नियमित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएं किसी भी दुर्घटना को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

स्थानीय नागरिकों ने नोएडा प्राधिकरण से अपील की है कि चिल्ला एलिवेटेड रोड सहित शहर के सभी निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी कराई जाए और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि विकास तभी सार्थक होगा जब उसके साथ आम नागरिकों की सुरक्षा भी समान रूप से सुनिश्चित की जाए। लोगों को उम्मीद है कि प्राधिकरण इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द प्रभावी कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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