Marwah Noida News : मीडिया शिक्षा के शिखर पर एक और उपलब्धि“कलम से कैमरे तक, क्लासरूम से राष्ट्रीय मंच तक” — डॉ. आदर्श कुमार को मिला NAI बेस्ट मीडिया एजुकेटर अवॉर्ड, 23 साल के अनुभव, 45+ अवॉर्ड और 8 पेटेंट्स के साथ देशभर में बनाई खास पहचान, टीवी एक्सपर्ट से लेकर दूरदर्शन तक पहचान

नोएडा ब्यूरो। भारतीय मीडिया शिक्षा जगत में नोएडा ने एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। मीडिया शिक्षा, शोध और प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रोफेसर डॉ. आदर्श कुमार को प्रतिष्ठित न्यूज़पेपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NAI) द्वारा “बेस्ट मीडिया एजुकेटर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें देशभर के शीर्ष मीडिया शिक्षकों की श्रेणी में स्थापित करता है।
यह भव्य सम्मान समारोह एनडीएफसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया, जहां उन्हें मारवाह स्टूडियो के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह और प्रसिद्ध फिल्म लेखक व राज्यसभा सांसद के.वी. विजयेंद्र प्रसाद (बाहुबली, बजरंगी भाईजान, RRR फेम) के करकमलों से यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में देशभर से मीडिया, सिनेमा, शिक्षा और साहित्य जगत की जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं।
23 वर्षों का मीडिया सफर, अनुभव का विशाल संसार
डॉ. आदर्श कुमार का मीडिया सफर लगभग 23 वर्षों का है, जिसमें उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस, ऑल इंडिया रेडियो (AIR), आज तक, स्टार न्यूज़–एबीपी न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में सेवाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी सहित कई शिक्षण संस्थानों में मीडिया शिक्षा को नई दिशा दी।
पत्रकारिता के व्यावहारिक अनुभव और अकादमिक समझ का यह अनोखा संगम ही उन्हें एक उत्कृष्ट मीडिया शिक्षक बनाता है। उनके मार्गदर्शन में सैकड़ों छात्र आज देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों में अपनी पहचान बना रहे हैं।
45 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान, उपलब्धियों की लंबी सूची
डॉ. आदर्श कुमार UGC-NET क्वालिफाइड हैं और उनके नाम अब तक 45 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार दर्ज हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
हिंदी अकादमी–दिल्ली विश्वविद्यालय बेस्ट स्टूडेंट अवॉर्ड
एबीपी न्यूज़ लॉन्ग एसोसिएशन अवॉर्ड
मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया बेस्ट मीडिया एजुकेटर
टाइम साइबर मीडिया आइकॉन ऑफ इंडिया
सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस (विभिन्न संस्थानों द्वारा)
शामिल हैं। यह सम्मान उनके सतत योगदान और मीडिया शिक्षा में नवाचार का प्रमाण हैं।
6 किताबें, 50 शोध पत्र और 8 पेटेंट—शोध में भी अग्रणी
मीडिया शिक्षा के साथ-साथ शोध और नवाचार में भी डॉ. आदर्श कुमार की मजबूत पकड़ है। अब तक उनकी—
6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं
50 से अधिक शोध पत्र
स्कोपस
यूजीसी केयर
वेब ऑफ साइंस
जैसे प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।
इतना ही नहीं, उनके नाम 8 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट भी दर्ज हैं, जो मीडिया और कम्युनिकेशन स्टडीज़ में उनके नवाचार को दर्शाते हैं।
टीवी एक्सपर्ट से लेकर दूरदर्शन तक पहचान
डॉ. आदर्श कुमार मीडिया की दुनिया में सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं रहे। वे—इंडिया न्यूज़, एमएचवन न्यूज़, खबरफास्ट, टीवी100, एपीएन न्यूज़ सहित 10 से अधिक न्यूज़ चैनलों पर बतौर टीवी एक्सपर्ट प्राइम टाइम डिबेट्स में भाग ले चुके हैं। इसके अलावा दूरदर्शन के ज्ञान दर्शन चैनल पर भी वे कई लाइव सेशनों में विशेषज्ञ के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।
देशभर की यूनिवर्सिटीज़ में विशिष्ट वक्ता
डॉ. आदर्श कुमार को देश की कई प्रतिष्ठित संस्थाओं ने गेस्ट ऑफ ऑनर और विशिष्ट वक्ता के रूप में आमंत्रित किया है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी (भीमराव अंबेडकर कॉलेज)
महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, बिहार
ब्रह्माकुमारीज़ नेशनल मीडिया कॉन्फ्रेंस
प्रमुख हैं। उनके व्याख्यान छात्रों और मीडिया प्रोफेशनल्स को नई दिशा देने वाले माने जाते हैं।
राष्ट्रीय कवि के रूप में भी पहचान
मीडिया शिक्षक होने के साथ-साथ डॉ. आदर्श कुमार एक राष्ट्रीय कवि के रूप में भी ख्याति प्राप्त कर चुके हैं।
उनकी कविताएं—
लाल किला राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में सराही गईं
जापान सहित कई देशों में लोकप्रिय हुईं
उनकी रचनाओं में सामाजिक सरोकार, राष्ट्रबोध और मानवीय संवेदनाओं की गहरी झलक मिलती है।
वंदना मीडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के आयोजक
डॉ. आदर्श कुमार देश के प्रतिष्ठित मीडिया कार्यक्रम “वंदना मीडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एवं अवॉर्ड सेरेमनी” के आयोजक भी रहे हैं।
यह कार्यक्रम जेएनयू और दिल्ली यूनिवर्सिटी परिसरों में सफलतापूर्वक आयोजित किया जाता रहा है और मीडिया जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।
डॉ. आदर्श कुमार को मिला NAI बेस्ट मीडिया एजुकेटर अवॉर्ड न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि नोएडा और पूरे एनसीआर क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि शिक्षा, शोध, मीडिया और साहित्य—चारों क्षेत्रों में उत्कृष्टता एक साथ संभव है।



