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Society Breaking News : “जब लिफ्ट बन गई डर का दरवाजा, तो रेडिकॉन वेदांतम में उठी आवाज़”, मूलभूत सुविधाओं की कमी और लापरवाही पर फूटा गुस्सा, बिल्डर ऑफिस के बाहर हुआ जोरदार प्रदर्शन


ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे।
कभी अपने शांत वातावरण और सुविधाओं के दावों के कारण आकर्षण का केंद्र रही रेडिकॉन वेदांतम सोसाइटी अब अपने ही निवासियों के लिए डर और असुविधा का पर्याय बनती जा रही है। शनिवार को सोसाइटी के सैकड़ों निवासियों ने बिल्डर ऑफिस के सामने एक शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त विरोध प्रदर्शन किया और खुले शब्दों में कहा – “अब बस! अब नहीं सहेंगे लापरवाही का बोझ।”


लिफ्ट बनी जानलेवा, सुरक्षा सिस्टम ठप – कौन है ज़िम्मेदार?

निवासियों ने बताया कि सोसाइटी की लिफ्टें बार-बार खराब होती हैं, जिनमें बुज़ुर्गों और बच्चों के फंसने की घटनाएं आम हो गई हैं। एक महिला ने बताया कि बीते सप्ताह उनकी दो साल की बेटी लिफ्ट में पांच मिनट तक फंसी रही, लेकिन कोई टेक्निकल स्टाफ समय पर मौजूद नहीं था।

सिक्योरिटी कैमरे बंद हैं, गेट पर गार्ड्स की संख्या घटा दी गई है और डॉग बाइट की घटनाएं बढ़ गई हैं।

“क्या हम करोड़ों खर्च कर डर में जीने के लिए फ्लैट लेते हैं?” — यह सवाल हर प्रदर्शनकारी के चेहरे पर साफ नजर आ रहा था।


बिल्डर के वादे – कागज़ों पर सीमित, ज़मीनी हकीकत हैरान करने वाली

रेडिकॉन वेदांतम में जब लोगों ने फ्लैट बुक किए थे, तो उन्हें क्लबहाउस, स्विमिंग पूल, 24 घंटे बिजली-पानी, DG बैकअप और हाई सिक्योरिटी जैसे वादे किए गए थे। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी इन वादों में से अधिकांश पूरे नहीं किए गए।

सोसाइटी निवासी प्रतीक चौधरी बताते हैं:

“फ्लैट बुकिंग के वक्त दिखाया गया सपना अब बुरे सपने में बदल गया है। क्लेम किया गया क्लब हाउस अब भी अधूरा है, और बच्चों को खेलने के लिए जगह तक नहीं दी जा रही है।”


बिल्डर नहीं मिलते, मैनेजर देते हैं धमकियाँ

सबसे चिंता की बात यह है कि जब भी निवासी समस्या लेकर बिल्डर या प्रबंधन से मिलने जाते हैं, उन्हें मिलने नहीं दिया जाता। जो मैनेजर हैं वो उल्टा निवासियों को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हैं।

नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया:

“रेडिकॉन वेदांतम बिल्डर पिछले 5 वर्षों से किसी भी फ्लैट ओनर से सीधी बातचीत नहीं कर रहा। और अब उनकी ओर से धमकियों का सहारा लिया जा रहा है, जो पूरी तरह से निंदनीय और असंवैधानिक है।”


निवासियों की समस्याएं – एक नज़र में

🔹 लिफ्ट की बार-बार खराबी और जानलेवा स्थिति
🔹 CCTV कैमरों का बंद होना और सुरक्षा में चूक
🔹 अवारा कुत्तों का डर – डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं
🔹 DG बैकअप में मनमाने कटौती, बिजली की अनियमित आपूर्ति
🔹 पानी की सप्लाई में गंदगी और प्रेशर की समस्या
🔹 मेंटेनेंस फीस में बढ़ोत्तरी, लेकिन सुविधा शून्य
🔹 क्लब हाउस और अन्य सुविधाओं का अधूरा निर्माण
🔹 शिकायत पर धमकी – “कानूनी कार्रवाई झेलो”


थाने में दी गई शिकायत, न्याय की उम्मीद के साथ

प्रदर्शन के बाद, निवासियों का प्रतिनिधिमंडल स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचा और बिल्डर रेडिकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवाई।

निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द बिल्डर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो और रेरा या अथॉरिटी के माध्यम से हस्तक्षेप कराया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी बिल्डर इस तरह मनमानी न कर सके।

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रेडिकॉन वेदांतम में उठी आवाज़”, मूलभूत सुविधाओं की कमी और लापरवाही पर फूटा गुस्सा

मीडिया पहुंची मौके पर, दिखाया नागरिकों का दर्द

प्रदर्शन की खबर मिलते ही कई स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया चैनल मौके पर पहुंचे और निवासियों की व्यथा को कवर किया। सीनियर सिटीज़न, महिलाएं और छोटे बच्चों के माता-पिता अपने अनुभव साझा करते हुए भावुक हो गए।

एक महिला ने कहा:

“हम अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लिफ्ट की खराबी हो या डॉग बाइट – डर हर कोने में है।”


“अबकी बार आर-पार की लड़ाई” – बोले प्रदर्शनकारी

निवासियों ने यह साफ कर दिया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और बड़ा होगा।

“अबकी बार आर-पार की लड़ाई होगी। हम बिल्डर को चैन से नहीं बैठने देंगे, जब तक वो हमारी बुनियादी समस्याएं नहीं सुलझाता।” — प्रदर्शन में शामिल वरिष्ठ नागरिक


क्या कहता है रेरा और कानून?

उत्तर प्रदेश रेरा (UP RERA) के नियमों के मुताबिक, बिल्डर को तय समय में फ्लैट हैंडओवर करना, सभी वादे पूरे करना, और बिना AOA को हैंडओवर किए मेंटेनेंस वसूलना अवैध माना जाता है।

रेडिकॉन वेदांतम में अब तक AOA का गठन नहीं हुआ है, और मेंटेनेंस फीस का कोई पारदर्शी हिसाब नहीं दिया जा रहा।


आगे की राह: नेफोमा का साथ और न्यायिक कार्रवाई

नेफोमा (NEFOMA) अध्यक्ष अन्नू खान ने एलान किया है कि यदि बिल्डर जल्द समस्याओं का समाधान नहीं करता, तो रेरा में कलेक्टिव याचिका दाखिल की जाएगी और प्रशासन से प्रोजेक्ट पर नियंत्रण की मांग की जाएगी।


प्रदर्शन की झलक:

  • महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर खड़ी रहीं: “हमारे बच्चों को सुरक्षित लिफ्ट दो”
  • बुजुर्गों ने कहा: “4 मंज़िल चढ़ना अब हमारे बस की बात नहीं”
  • बच्चों ने नारा लगाया: “हमें खेल का मैदान चाहिए, ना कि डर का माहौल”

निवासियों की एकता – असली ताकत

इस आंदोलन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब नागरिक एकजुट होते हैं, तो आवाज़ बुलंद होती है। सोसाइटी के लोग अब वीकली मीटिंग के ज़रिए आने वाली रणनीति तैयार कर रहे हैं।

“यह लड़ाई किसी एक फ्लैट की नहीं, पूरे समाज की है” — एक प्रदर्शनकारी ने कहा।


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क्या आप रेडिकॉन वेदांतम के निवासी हैं? अपने अनुभव या शिकायत हमें भेजें – हम आपकी आवाज़ को और बुलंद करेंगे। ✊


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