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Breaking News : एशियन पेंट्स डीलरशिप का ‘रंगीन’ झांसा!, 7.5 लाख उड़ाए, माल आया नहीं—शिकायतकर्ता की मेहनत रंग लाई, CEO समेत 5 पर FIR, सिक्योरिटी, ऑफर्स और ‘बंपर लाभ’—रकम बढ़ती गई…, ठगी का एहसास और कोर्ट की शरण

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। डीलरशिप का लालच, चमकदार ऑफ़र, आधिकारिक ईमेल, और टोल-फ्री नंबर—सबकुछ इतना असली लग रहा था कि किसी को भी भरोसा हो जाए। लेकिन ग्रेटर नोएडा की एक महिला व्यापारी के साथ जो हुआ, उसने साफ कर दिया कि डिजिटल युग में ठगी भी ‘कॉर्पोरेट स्टाइल’ में अपग्रेड हो चुकी है। एशियन पेंट्स जैसी दिग्गज कंपनी के नाम पर एक गिरोह ने महिला से 7.5 लाख रुपये से अधिक की रकम झटक ली। मामला कोर्ट पहुंचा तो सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने CEO, डायरेक्टर और मैनेजर समेत पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

टोल-फ्री नंबर ने रची ‘ठगी की पटकथा’

कहानी शुरू होती है एक फोन कॉल से…

सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के तिलपता निवासी राजकुमार की पत्नी कविता, जो कस्बा शॉप चलाती हैं, एशियन पेंट्स की डीलरशिप लेना चाहती थीं। उन्होंने कंपनी के टोल-फ्री नंबर पर कॉल किया—यहीं से कहानी में ‘ठगी का पहला रंग’ चढ़ना शुरू हुआ। फोन उठाने वाले प्रतिनिधि ने बेहद पेशेवर अंदाज़ में बात की, फिर ईमेल के जरिए आवेदन फॉर्म और डॉक्यूमेंट भेजने का निर्देश दिया। कविता ने 26 जनवरी को आवेदन और दस्तावेज भेज दिए। उन्हें क्या पता था कि यह एक लंबे चक्रव्यूह की शुरुआत थी।

49,999 रुपये की पहली मांग—‘आपका आवेदन स्वीकृत हो गया’

करीब ढाई महीने बाद, 8 अप्रैल को एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को रिलेशनशिप मैनेजर बताया और बड़ी ही सहजता से कहा—
“आपका आवेदन स्वीकार हो गया है, बस प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 49,999 रुपये जमा कर दीजिए।” कविता ने यह रकम कंपनी के दिए गए खाते में जमा कर दी। सबकुछ प्रोफेशनल लग रहा था, इसलिए उन्हें कोई शक भी नहीं हुआ।

सिक्योरिटी, ऑफर्स और ‘बंपर लाभ’—रकम बढ़ती गई…, ठगी का एहसास और कोर्ट की शरण

पहली रकम जमा करने के बाद ठगों का दूसरा ईमेल आया—इस बार कथित डायरेक्टर अमित सिंघल के नाम से।
ईमेल में लिखा था कि यदि कविता 4 लाख रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा कर देती हैं, तो उन्हें स्पेशल बेनिफिट्स और अतिरिक्त सप्लाई दी जाएगी।

कविता ने भरोसा कर यह रकम भी जमा कर दी।
इसके तुरंत बाद एक और शर्त आ गई—
“माल भेजने से पहले आपको 10 लाख रुपये और जमा कराने होंगे।”

कविता इतनी बड़ी रकम इकट्ठा नहीं कर सकीं, पर भरोसे में आकर 3 लाख रुपये और भेज दिए।
लेकिन— माल आया नहीं। रसीदें मिलीं नहीं। और मांगें रुकती नहीं। यहीं से महिला को खेल समझ में आने लगा—पैसा जा रहा था, माल नहीं आ रहा था।

ठगी का एहसास और कोर्ट की शरण

जब कविता ने कंपनी प्रतिनिधियों से दोबारा संपर्क किया, तो और रकम जमा कराने का दबाव बनाया गया। तभी उन्हें ठगी का पूरा शक हो गया। उन्होंने पूरे मामले की शिकायत अदालत में दर्ज कराई। कोर्ट ने पुलिस को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए।

CEO समेत पाँच पर रिपोर्ट दर्ज—पुलिस तलाश में जुटी

कोर्ट के आदेश पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने निम्नलिखित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है:

CEO – एशियन पेंट्स, कासना यूनिट

डायरेक्टर – अमित सिंघल

अज्ञात जनरल मैनेजर

मैनेजर – मयंक अग्रवाल

अन्य शामिल व्यक्ति – अमित कुमार एवं अन्य इन पर धारा 420 समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि अब पुलिस बैंक अकाउंट्स, ईमेल, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और भुगतान की जांच कर रही है। फोरेंसिक साइबर टीम भी मामले में जांच के लिए लगाई जा सकती है।

मामला क्यों है महत्वपूर्ण?

कॉर्पोरेट ब्रांड के नाम पर ठगी का बड़ा खुलासा

महिलाओं को डिजिटल ठगी से चेतावनी

कंपनियों के नाम पर फर्जी वेबसाइट, कॉल सेंटर और ईमेल बढ़ती चुनौती

पुलिस को भी साइबर जांच में और सतर्क रहने की जरूरत

डिजिटल युग में सतर्क रहें, क्योंकि ‘रंगों’ की दुनिया में ठग भी शेड बदल लेते हैं!

कविता के साथ हुई यह घटना बताती है कि बड़े ब्रांडों के नाम पर काम करने वाले गिरोह कितनी सफाई से लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। पुलिस का दावा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Raftar Today
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