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Noida Police News : “नोएडा में हाई-टेक धोखाधड़ी का धांसू खुलासा, ओटीटी पाइरेसी, विदेशी नागरिकों से डॉलर में ठगी और नकली सब्सक्रिप्शन का खेल, फेस-1 पुलिस की छापेमारी में पूरा गैंग धरा!”,पुलिस ने दिए साइबर जागरूकता सुझाव — सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा पुलिस ने एक ऐसी साइबर जालसाजी का पर्दाफाश किया है जिसे सुनकर बड़े-बड़ों के होश उड़ जाएं। सेक्टर-2 के एक लग्ज़री ऑफिस में चल रहा यह ‘अवैध कॉल सेंटर’ असल में एक हाई-टेक क्राइम लैब निकला, जहां बैठे ठग भारत, पाकिस्तान और विदेशों के OTT प्लेटफॉर्म का कंटेंट चुरा रहे थे और विदेशों में रह रहे भारतीयों को “सस्ता सब्सक्रिप्शन” का लालच देकर डॉलर में ठगी कर रहे थे। पुलिस ने छापेमारी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही एक पूरा साइबर क्राइम इंफ्रास्ट्रक्चर जब्त किया है।

छापेमारी की कार्रवाई — फेस-1 पुलिस और सर्विलांस टीम की जॉइंट रेड ने तोड़ा सारा खेल

11 दिसंबर 2025 की सुबह, जब ज्यादातर लोग अपनी ऑफिस डेस्क पर चाय घूंट रहे थे, उसी समय नोएडा पुलिस ने सेक्टर-2 की एक संदिग्ध बिल्डिंग पर धावा बोला। अंदर का नज़ारा किसी साइबर थ्रिलर मूवी से कम नहीं था—कंप्यूटरों की कतार, लगातार बजती इंटरनेट कॉल्स, नकली सब्सक्रिप्शन बेचते एजेंट और पीछे चलता हुआ अवैध OTT स्ट्रीमिंग सॉफ्टवेयर।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं तनिष्का (24 वर्ष), अनिल बघेल (28 वर्ष) मनीष त्रिपाठी (32 वर्ष), गौरव बघेल (23 वर्ष), राधा बल्लभ (30 वर्ष), योगेश बघेल (20 वर्ष)

इन सभी को मौके से हिरासत में लिया गया और तकनीकी उपकरण जब्त किए गए।

OTT पाइरेसी का हाई-टेक तरीका — कंटेंट चोरी, नकली प्लेटफॉर्म और डॉलर की बारिश

पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी लोग ‘WEBBIZ SERVICES LLC’ नाम की फर्जी विदेशी कंपनी के नाम पर OTT प्लेटफॉर्म के कंटेंट को बिना अनुमति के कैप्चर करते थे। इसके बाद एक खुद के बनाए सॉफ्टवेयर से उसे एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम कर देते थे। फिर शुरू होता था सपनों का सब्सक्रिप्शन!

वे विदेशी भारतीयों को बताते कि—
“हम वैध सब्सक्रिप्शन दे रहे हैं, आधी कीमत में… बस अभी पेमेंट करो!” सब्सक्रिप्शन 100 से 300 डॉलर तक बेचकर पैसे वसूले जाते थे। कुछ समय बाद ग्राहक के लिए स्ट्रीमिंग बंद कर दी जाती थी और फिर रिन्युअल के नाम पर दोबारा पैसे मांग लिए जाते थे। यानी एक बार फँसने के बाद ग्राहक हमेशा ‘रेवेन्यू मशीन’ बन जाता था।

पुलिस ने बरामद किए 20 मोबाइल, 05 CPU, 06 हेडफोन और पूरी साइबर लैब

छापे में बरामद हुए:
20 मोबाइल फ़ोन
05 CPU
05 मॉनिटर
01 लैपटॉप
06 हेडफोन
03 मोहरें

जांच अधिकारियों के अनुसार, इनके माध्यम से ठग रोज़ाना हजारों डॉलर का अवैध लेनदेन करते थे। यह नेटवर्क कई देशों में फैले ग्राहकों को टारगेट कर रहा था।

दर्ज हुआ बड़ा मुकदमा — BNS, IT Act व Telecommunication Act की गंभीर धाराएं

थाना फेस-1 में मुकदमा संख्या 525/2025 दर्ज हुआ है।
इसके तहत लगाई गई धाराएं:

भारतीय न्याय संहिता (BNS):

319(2)

318(4)

336(3)

340(2)

3(5)

IT Act:

66

66D

Telecommunication Act 2023:

धारा 42(3) यह केस अपने आप में बेहद गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल पाइरेसी, विदेशी नागरिकों से ठगी और OTT कंटेंट की अवैध स्ट्रीमिंग—तीनों शामिल हैं।

नोएडा पुलिस के इस खुलासे ने साफ कर दिया—OTT की दुनिया में हर सस्ता ऑफर असली नहीं होता!”

इस पूरे मामले ने एक बार फिर साबित किया है कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सुरक्षा है। पुलिस का यह कदम न सिर्फ साइबर अपराधियों के गिरोह को तोड़ने वाला है, बल्कि हजारों विदेशी भारतीयों को ठगी से बचाने वाला भी है।

पुलिस ने दिए साइबर जागरूकता सुझाव — सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी—
“कलर प्रेडिक्शन”, “मनी डबल” ऐप्स से दूर रहें
फर्जी OTT सब्सक्रिप्शन से बचें
संदिग्ध वेबसाइट्स पर कभी पैसा न लगाएँ
निजी दस्तावेज (आधार, पैन, बैंक डिटेल) किसी को न दें
साइबर शिकायत तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज करें

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