Vardhaman Builder News : वर्धमान बिल्डर के ‘रॉयल वॉकवे’ प्रोजेक्ट में पजेशन न मिलने से भड़के खरीदार, नेफोमा के नेतृत्व में किया प्रदर्शन, 500 से अधिक खरीदारों के साथ वादा खिलाफी का आरोप, 40 करोड़ रुपये बकाया, OC और CC अटकी

ग्रेटर नोएडा | रफ़्तार टुडे ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा के गामा-1 सेक्टर में स्थित वर्धमान इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के चर्चित ‘रॉयल वॉकवे’ कमर्शियल प्रोजेक्ट में पजेशन न मिलने से नाराज़ खरीददारों ने शनिवार को साइट पर जोरदार प्रदर्शन किया। नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों खरीदारों ने बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय की मांग की।
500 से अधिक खरीदारों के साथ वादा खिलाफी का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वर्धमान बिल्डर ने विधि इंफ्रा बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को विकसित किया था, जिसमें करीब 500 से ज्यादा कमर्शियल शॉप खरीदारों ने निवेश किया है।
खरीदारों का कहना है कि प्रोजेक्ट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अधिकांश ने पूरा भुगतान भी कर दिया है, बावजूद इसके उन्हें अभी तक पजेशन नहीं दिया गया है। कई लोग वर्षों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
40 करोड़ रुपये बकाया, OC और CC अटकी
नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि बिल्डर पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का लगभग ₹40 करोड़ का बकाया है, जिसकी वजह से ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (OC) और कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (CC) जारी नहीं हो पा रहा है।
“बिल्डर की गलती का खामियाजा वे लोग भुगत रहे हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी भर की पूंजी इस प्रोजेक्ट में लगा दी। हम जल्द ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलकर समाधान की मांग करेंगे,” – अन्नू खान, अध्यक्ष, नेफोमा
खरीदारों की आवाज
निश्चल जैन, एक खरीददार, ने बताया,
“हमें पजेशन का इंतजार करते हुए कई साल हो चुके हैं। लाखों रुपये लगा दिए लेकिन अब तक कुछ हासिल नहीं हुआ। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो हमें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ेगा।”
खरीदार चहल सिंह ने बताया कि वर्धमान बिल्डर के डायरेक्टर्स से संपर्क करने की कई कोशिशें नाकाम रहीं।
“वे न तो फोन उठाते हैं, न ही मीटिंग के लिए तैयार होते हैं। वहीं कंस्ट्रक्शन से जुड़ी कंपनी विधि इंफ्रा के डायरेक्टर विपुल शर्मा और पी.के. शर्मा भी बातचीत से बच रहे हैं।”
“रॉयल वॉकवे में पजेशन न मिलने पर खरीददारों का हल्ला—सैकड़ों निवेशकों ने गरजते हुए प्राधिकरण से मांगा न्याय”
वर्धमान इंफ्रा बिल्ड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जगत फार्म, सेक्टर‑Gama‑1 में विकसित रॉयल वॉकवे प्रोजेक्ट में दुकानें खरीदी गईं, लेकिन अब तक ग्राहकों को पजेशन नहीं मिला। खरीदारों ने अपने पूर्ण भुगतान के बावजूद keys न मिलने पर निष्पक्ष न्याय की गुहार लगाई।
लागत तो दी पूरी, लेकिन दुकानें अभी तक अधर में
500 से अधिक खरीददारों ने करोड़ों रुपये निवेश करने के बाद भी पजेशन नहीं मिला है। प्रोजेक्ट पूरी तरह बन चुका है, लेकिन OC/CC नहीं मिला, क्योंकि प्राधिकरण के पास बिल्डर पर करोड़ों रुपये का बकाया है।
खरीदारों ने नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान से मिलकर आश्वासन लिया कि शीघ्र प्राधिकरण से मुद्दा सुलझाया जाएगा। आज कई तरह के आश्वासन मिलने के बावजूद ठोस हल नहीं मिला है।
बिल्डर से कोई संपर्क संभव नहीं, खरीदारों ने लिया रुख कड़ा
वर्धमान बिल्डर के डायरेक्टर सरोकार से दूर हैं – कॉल नहीं उठाते, मिलना नामुमकिन है। विधि इंफ्रा बिल्ड के डायरेक्टर विपुल शर्मा और पीके शर्मा भी किसी तरह की बातचीत से बच रहे हैं। यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया खरीदारों को न्याय खोजने पर मजबूर कर रहा है।
खरीदारों का कहना है – करोड़ों का झटका और जिंदगीभर की पूंजी दांव पर लगी है। अगर जल्द से जल्द पजेशन नहीं मिला, तो न्यायालय विभाग की शरण लेने पर विचार करेंगे।
प्रमुख शिकायतें व आगे की राह:
मुद्दा स्थिति
पूरी तरह बन चुका प्रोजेक्ट सभी प्लॉट तैयार हैं, लेकिन keys नहीं दी जा रही
पूर्ण भुगतान भुगतान मालिकों ने पूरा किया लेकिन OC/CC न होने से पजेशन अटक गया
प्रशासनिक दबाव AUTHORITY बकाया राशि के कारण दस्तावेज़ निर्गम नहीं कर रही
खरीदारों की मांग जल्द हस्तांतरण, पजेशन और कानूनी हस्तक्षेप सुरक्षित
भविष्य की योजना यदि समाधान नहीं मिला, तो न्यायालय तक जाने की तैयारियाँ
निष्कर्ष: आर्थिक आघात और न्याय की आस
यह मामला साफ़ दिखाता है कि कैसे कुछ प्रोजेक्ट्स में पूरी तरह भुगतान के बाद भी पजेशन न मिलने की स्थिति सैंकड़ों निवेशकों को निराश करती है। जहाँ प्रॉपर्टी खरीदारों ने अपनी जीवनभर की बचत लगा दी है, वहीं बिल्डर और प्राधिकरण के बीच अनुचित विवादों की वजह से उनकी उम्मीदें टूट चुकी हैं।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी को चाहिए कि वह खरीददारों की आवाज़ सुने, ओसी/सीसी प्रक्रिया में आरंभ करें, और पारदर्शी कार्रवाई के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाएँ।
क्या है रॉयल वॉकवे मामला?
- लोकेशन: सेक्टर गामा-1, ग्रेटर नोएडा, जगत फार्म के पास
- प्रोजेक्ट: वर्धमान रॉयल वॉकवे



