Greater Noida Authority ACEO News : ग्रेटर नोएडा में सड़कों और चौराहों को अतिक्रमण से मुक्त करने का अभियान तेज – एसीईओ प्रेरणा सिंह ने दिए सख्त निर्देश, अर्बन सर्विसेज विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा, अतिक्रमण का असर, पैदल चलने वालों और वाहन चालकों दोनों के लिए परेशानी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
शहर की सड़कों पर सुगम यातायात और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अतिक्रमण हटाने के अभियान को और सख्त करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को प्राधिकरण के अर्बन सर्विसेज विभाग की समीक्षा बैठक में एसीईओ प्रेरणा सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गोलचक्कर, चौराहे और मुख्य मार्गों को रेहड़ी-पटरी व अन्य अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त रखा जाए।
बैठक में चर्चा – यातायात सुरक्षा सर्वोपरि
बैठक के दौरान एसीईओ ने कहा कि शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर रेहड़ी-पटरी वालों के कारण यातायात बाधित होता है, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ निरंतर और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
अर्बन सर्विसेज विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा
बैठक में मौजूद ओएसडी मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा पहले से ही कई इलाकों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है।
- सड़कों के किनारे लगने वाली अवैध रेहड़ियां हटाई जा रही हैं।
- बार-बार अतिक्रमण करने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जा रहा है।
- प्रमुख गोलचक्करों और चौराहों पर नियमित निरीक्षण दल भेजे जा रहे हैं।
अतिक्रमण का असर – पैदल चलने वालों और वाहन चालकों दोनों के लिए परेशानी
शहर के कई हिस्सों में देखा गया है कि रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ पर फैले दुकानों के कारण पैदल यात्रियों को सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। वहीं, सड़कों के किनारे अनधिकृत ढंग से लगाई गई दुकानों से ट्रैफिक का प्रवाह बाधित होता है।
मीटिंग में मौजूद अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ प्रबंधक सन्नी यादव, वरिष्ठ प्रबंधक रामकुमार, प्रबंधक अभिषेक सिंह, शुभांगी तिवारी और चंद्रदीप सिंह सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर शहर को साफ, सुरक्षित और यातायात के लिहाज से सुगम बनाने की रणनीति पर चर्चा की।
निरंतर निगरानी और फीडबैक सिस्टम
एसीईओ ने कहा कि केवल एक बार की कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए निरंतर निगरानी और फीडबैक सिस्टम जरूरी है।
- हर क्षेत्र का जिम्मा अलग-अलग टीमों को सौंपा जाएगा।
- साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
- जहां भी दोबारा अतिक्रमण पाया जाए, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
सिर्फ हटाना ही नहीं, वैकल्पिक व्यवस्था भी जरूरी
अधिकारी वर्ग ने इस बात पर भी जोर दिया कि रेहड़ी-पटरी वालों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि उनकी आजीविका पर असर न पड़े और यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे। इसके लिए प्राधिकरण विशेष वेंडिंग ज़ोन विकसित करने पर विचार कर रहा है।
शहरवासियों से सहयोग की अपील
प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़कों और चौराहों पर अतिक्रमण न करें और न ही ऐसे कार्यों को प्रोत्साहित करें। साथ ही, यदि कहीं अवैध अतिक्रमण नजर आता है, तो उसकी सूचना प्राधिकरण को दें।
अभियान के संभावित लाभ
- सड़क दुर्घटनाओं में कमी
- यातायात जाम से राहत
- पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग
- शहर की सौंदर्य में सुधार
- सार्वजनिक स्थलों का बेहतर उपयोग
निगरानी में तकनीक का इस्तेमाल
एसीईओ ने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही CCTV कैमरों और GPS-सक्षम निरीक्षण वाहनों का इस्तेमाल कर अतिक्रमण की निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी अवैध कब्जे की तुरंत पहचान और कार्रवाई हो सके।
ग्रेटर नोएडा – स्मार्ट सिटी की ओर
यह कदम ग्रेटर नोएडा को एक स्मार्ट, सुरक्षित और सुगम शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्राधिकरण का मानना है कि जब सड़कें और सार्वजनिक स्थल अतिक्रमण से मुक्त होंगे, तो न केवल यातायात सुधरेगा बल्कि शहर का समग्र विकास भी तेज़ी से होगा।
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