GD Goenka Public School : "हेमलीज़ का जादुई सफर, जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल के नन्हें बच्चों ने गौर सिटी मॉल में किया मस्ती और सीख का संगम", बच्चों की मासूम खुशी बनी आकर्षण का केंद्र, हेमलीज़ का रंगीन प्ले ज़ोन बना बच्चों की दुनिया

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
विद्यालय जीवन केवल किताबों और कॉपियों तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि वास्तविक शिक्षा तब पूरी मानी जाती है जब बच्चों को कक्षा के बाहर जाकर अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) मिलती है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी, ग्रेटर नोएडा ने अपने नन्हें विद्यार्थियों के लिए एक अनोखा शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया। यह भ्रमण 28 अगस्त 2025 को गौर सिटी मॉल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित हेमलीज़ प्ले ज़ोन में हुआ।
इस अद्भुत सफर में प्री-नर्सरी से लेकर यूकेजी तक के छोटे-छोटे बच्चों ने भाग लिया। विद्यालय प्रशासन का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में सीखने और सामाजिक व्यवहार की समझ दिलाने के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास को भी बढ़ावा देना था।
हेमलीज़ का रंगीन प्ले ज़ोन बना बच्चों की दुनिया
जैसे ही नन्हें-मुन्ने बच्चों ने हेमलीज़ प्ले ज़ोन में प्रवेश किया, उनकी आँखों में चमक और चेहरों पर मुस्कान झलकने लगी।
वहाँ मौजूद स्लाइड्स, झूले, बॉल पूल और इंटरैक्टिव गेम्स ने बच्चों को उत्साह से भर दिया।
कुछ बच्चे झूलों पर झूम उठे, तो कुछ स्लाइड्स से बार-बार फिसलने का मजा लेने लगे। वहीं रंग-बिरंगे बॉल पूल में कूदने का आनंद बच्चों के लिए किसी जादुई अनुभव से कम नहीं था।
दोस्ती और टीमवर्क की शानदार सीख
इस भ्रमण का सबसे बड़ा उद्देश्य था – टीमवर्क और सहयोग की भावना को बच्चों में विकसित करना। खेलते समय बच्चों ने अपने दोस्तों की मदद की।
खिलौनों और खेल उपकरणों को साझा करने की आदत डाली। इंटरैक्टिव गेम्स के दौरान बच्चों ने समूह में काम करना सीखा। यह अनुभव न केवल मनोरंजक रहा बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास में भी सहायक सिद्ध हुआ।
सोचने और बनाने की क्षमता में बढ़ोतरी
खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह बच्चों की रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति को भी निखारता है।
हेमलीज़ प्ले ज़ोन में बच्चों ने विभिन्न प्रकार के खेलों और गतिविधियों में हिस्सा लेकर:
समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित की।
नई परिस्थितियों में ढलने का आत्मविश्वास पाया।
अपनी कल्पनाओं को खेल के माध्यम से अभिव्यक्त किया।
शारीरिक गतिविधियों ने बढ़ाई फुर्ती
आज के डिजिटल युग में जब छोटे बच्चे अक्सर मोबाइल और गैजेट्स की दुनिया में खो जाते हैं, ऐसे में इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय बनाती हैं।
झूले और स्लाइड्स ने उनकी मांसपेशियों को मजबूत किया।
बॉल पूल में खेलते समय उनकी ऊर्जा दोगुनी हुई।
दौड़ते-खेलते समय उनका संतुलन और लचीलापन बेहतर हुआ।
बच्चों की मासूम खुशी बनी आकर्षण का केंद्र
भ्रमण के दौरान बच्चों के चेहरे की मासूम मुस्कान ने सबका दिल जीत लिया।
शिक्षकों और अभिभावकों ने देखा कि कैसे बच्चे खेल-खेल में नई बातें सीख रहे थे और साथ ही अपनी खुशी को खुलकर व्यक्त कर रहे थे।
कुछ बच्चे अपने दोस्तों के साथ मिलकर स्लाइड्स पर बार-बार चढ़ते और उतरते, तो कुछ बच्चे रंगीन गेंदों के बीच कूदकर हंसी से लोटपोट हो जाते।
विद्यालय का उद्देश्य : शिक्षा का समग्र दृष्टिकोण
जी.डी. गोयनका पब्लिक स्कूल का सदैव मानना है कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
विद्यालय प्रशासन ने इस भ्रमण को इस सोच के साथ आयोजित किया कि बच्चे जीवन के मूल्यों, सामाजिक व्यवहार, सहयोग और रचनात्मकता को खेल-खेल में आत्मसात करें।
प्रधानाचार्या डॉ. रेणु सहगल ने भी कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को नए अनुभव, आत्मविश्वास और दोस्ती की गहराई प्रदान करते हैं।
मॉल का अनुभव भी रहा अनोखा
बच्चों ने न केवल हेमलीज़ में मस्ती की, बल्कि मॉल की चकाचौंध और विभिन्न स्टोर्स को देखकर भी आनंद लिया।
इस दौरान उन्हें सामाजिक शिष्टाचार, अनुशासन और पब्लिक प्लेस में व्यवहार करने की सीख भी दी गई।
यह अनुभव उनके जीवन में एक यादगार पल बनकर रहेगा।
मस्ती और सीख का अद्भुत संगम
“हेमलीज़ भ्रमण” बच्चों के लिए केवल एक मनोरंजक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह शिक्षा, मस्ती और जीवन मूल्यों का अद्भुत संगम था।
बच्चे खुश मन और नई सीख के साथ विद्यालय लौटे।
यह यात्रा उनके बचपन की उन सुनहरी यादों में शामिल हो गई जिन्हें वे लंबे समय तक संजोकर रखेंगे।



