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GB Nagar School Closed : ठंड से कांपे बच्चे, प्रशासन बना ढाल, गौतम बुद्ध नगर में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल 15 जनवरी तक बंद, डीएम मेधा रूपम का संवेदनशील फैसला, “बच्चों की सेहत से कोई समझौता नहीं”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। कड़ाके की ठंड, हड्डियां कंपा देने वाली शीत लहर और सुबह के वक्त छाए घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। ऐसे हालात में सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर पड़ता है। इसी चिंता को समझते हुए गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने एक अहम और संवेदनशील फैसला लेते हुए जिले के नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के सभी स्कूलों में 15 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है।
यह आदेश न केवल बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जिला प्रशासन मौसम की मार को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।


जब कोहरा बने खतरा, तब प्रशासन ने संभाली कमान
पिछले कई दिनों से गौतम बुद्ध नगर समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आते हैं और स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति बेहद जोखिम भरी हो जाती है। ऐसे में ठंड, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।
इन्हीं हालातों को देखते हुए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए यह आदेश जारी किया है।


सभी बोर्डों पर लागू होगा आदेश
जिला प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि यह आदेश सभी शिक्षा बोर्डों—चाहे वे सीबीएसई हों, आईसीएसई हों, यूपी बोर्ड या अन्य किसी बोर्ड से मान्यता प्राप्त हों—पर समान रूप से लागू होगा। सरकारी हो या निजी, कोई भी विद्यालय इस आदेश से बाहर नहीं रहेगा।

बच्चों की सेहत से कोई समझौता नहीं”
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिलाधिकारी का स्पष्ट मानना है कि शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चों का स्वास्थ्य उससे कहीं अधिक अहम है। ठंड और कोहरे के इस दौर में स्कूल जाने से बच्चों को होने वाले नुकसान की भरपाई संभव नहीं है।
यही वजह है कि पहले भी कई बार अवकाश घोषित किया गया और अब मौसम में सुधार न होने के कारण इसे 15 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।


बेसिक शिक्षा अधिकारी की सख्त चेतावनी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने बताया कि जिले के नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी विद्यालय 15 जनवरी तक बंद रहेंगे। उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधनों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि कोई विद्यालय इस आदेश की अनदेखी करता है और बच्चों को स्कूल बुलाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता पर कार्रवाई से लेकर कानूनी कदम भी शामिल हो सकते हैं।


अभिभावकों को मिली राहत
जिलाधिकारी के इस फैसले से अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है। कई माता-पिता का कहना है कि सुबह-सुबह बच्चों को कोहरे और ठंड में स्कूल भेजना मजबूरी बन गया था। अब अवकाश मिलने से वे निश्चिंत हैं कि उनके बच्चे सुरक्षित रहेंगे।

घर पर रहें, सुरक्षित रहें
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न भेजें, गर्म कपड़े पहनाएं और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। साथ ही, ऑनलाइन पढ़ाई या घर पर दोहराव के जरिए बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने की सलाह भी दी गई है।


प्रशासन का संदेश साफ
इस फैसले के जरिए जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आपदा जैसी परिस्थितियों में सख्ती नहीं, संवेदनशीलता जरूरी है। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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