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DM Gautambuddha Nagar News : जिलाधिकारी मेधा रूपम की सख्त निगरानी, शस्त्र अधिनियम और नियमावली पर अमल सुनिश्चित करने हेतु टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न, अवैध शस्त्रों पर लगेगा अंकुश, लाइसेंस धारकों पर भी कड़ी कार्रवाई

गौतम बुद्ध नगर, रफ़्तार टुडे।
जनपद गौतम बुद्ध नगर में कानून-व्यवस्था को मजबूत और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में शस्त्र अधिनियम 1959 एवं शस्त्र नियमावली 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस-प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए और अवैध हथियारों पर सख्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई।

बैठक का उद्देश्य – कानून की सख्त पालना और अवैध शस्त्रों पर रोक

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था कि जनपद में शस्त्र अधिनियम और शस्त्र नियमावली का शत-प्रतिशत पालन हो। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि—
“अवैध शस्त्र किसी भी समाज की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए सभी विभाग मिलकर ठोस और प्रभावी कार्रवाई करेंगे।”

उन्होंने कहा कि शस्त्र विक्रय की दुकानों की नियमित जांच होनी चाहिए ताकि कोई भी विक्रेता नियमों का उल्लंघन न कर सके।

पुलिस-प्रशासन की सघन निगरानी की तैयारी

बैठक में यह तय हुआ कि—

जनपद में अवैध शस्त्रों के निर्माण, खरीद-फरोख्त और परिवहन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

पुलिस और इंटेलिजेंस टीमें स्टिंग ऑपरेशन करके ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश करेंगी जो अवैध हथियारों की सप्लाई करते हैं। प्रत्येक हथियार दुकान का रजिस्टर, स्टॉक और लाइसेंस की समय-समय पर जांच होगी।

लाइसेंस धारकों पर भी कड़ी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—
“यदि कोई लाइसेंसी व्यक्ति अपने शस्त्र का दुरुपयोग करता है, तो उसके लाइसेंस को तत्काल निरस्त किया जाए। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

इससे संदेश साफ है कि सिर्फ अवैध ही नहीं, बल्कि लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग पर भी प्रशासन अब शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम करेगा।

इंटेलिजेंस टीम को मिले विशेष निर्देश

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इंटेलिजेंस टीम को आदेश दिए कि— गुप्त सूचनाओं पर नजर रखें।

संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्टिंग करें।

समय-समय पर स्टिंग ऑपरेशन चलाकर हथियारों की अवैध बिक्री और खरीद पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

आम जनता को भी किया जाएगा जागरूक

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि केवल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ जन-जागरूकता भी बेहद जरूरी है।

इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि—

गांवों और शहरों में लोगों को बताया जाए कि अवैध हथियार रखना गंभीर अपराध है।

लोगों को यह समझाया जाए कि यदि उनके आसपास कोई अवैध गतिविधि होती है तो वे तुरंत पुलिस को सूचना दें।

शस्त्र नियमों की जानकारी आम नागरिकों तक सरल भाषा में पहुंचाई जाए।

जिलाधिकारी की सख्त मंशा – अपराध पर पूरी तरह नकेल

जिलाधिकारी मेधा रूपम की कार्यशैली हमेशा से ही पारदर्शी और सख्त मानी जाती रही है। उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि—
“जनपद में अपराध और अवैध गतिविधियों को जड़ से खत्म करना हमारी प्राथमिकता है। शस्त्र अधिनियम का पालन कराना और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाना इसी दिशा में अहम कदम है।”

बैठक में शामिल रहे ये अधिकारी

बैठक में प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे—

अपर जिला अधिकारी (प्रशासन)

संयुक्त पुलिस आयुक्त

अपर पुलिस आयुक्त (सुरक्षा एवं अभिसूचना)

अन्य संबंधित अधिकारी और सदस्य

इन सभी ने जिलाधिकारी के निर्देशों को संज्ञान में लेते हुए ठोस रणनीति पर अमल करने का आश्वासन दिया।

सुरक्षित गौतमबुद्धनगर की ओर कदम

बैठक का निष्कर्ष साफ रहा कि अब जिले में अवैध शस्त्रों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।

दुकानों की जांच होगी।

दुरुपयोग करने वालों के लाइसेंस निरस्त होंगे। पुलिस और इंटेलिजेंस की टीम लगातार सक्रिय रहेगी। और जनता को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।

यह कदम न केवल अपराध पर अंकुश लगाने में मदद करेगा बल्कि जिले में शांति और सुरक्षा की भावना को और मजबूत करेगा।

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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