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NIET College News : ग्रेटर नोएडा से मलेशिया तक ज्ञान का “एजुकेशन एक्सप्रेसवे”!, NIET ने विदेशी यूनिवर्सिटियों से मिलाया हाथ, अब छात्रों को मिलेगा इंटरनेशनल क्लासरूम, ग्लोबल रिसर्च और विदेश में पढ़ाई का सुनहरा मौका, NIET प्रबंधन ने बताया ऐतिहासिक कदम

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा का शैक्षणिक माहौल अब केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह तेजी से “ग्लोबल एजुकेशन हब” के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में नॉलेज पार्क स्थित नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (NIET) ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मलेशिया के प्रतिष्ठित SEGI University और UCSI University के साथ रणनीतिक शैक्षणिक एवं शोध सहयोग समझौता (MoU) किया है। यह करार केवल एक औपचारिक समझौता नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उड़ान देने वाला कदम माना जा रहा है। इस साझेदारी के जरिए अब NIET के छात्रों और फैकल्टी को वैश्विक स्तर पर सीखने, रिसर्च करने और आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिलेगा। शिक्षा जगत में इस समझौते को “ग्रेटर नोएडा से ग्लोबल कैंपस तक का नया रास्ता” कहा जा रहा है।

विदेश में पढ़ाई का सपना अब होगा आसान

आज के दौर में छात्र केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं चाहते, बल्कि वे इंटरनेशनल एक्सपोजर, आधुनिक रिसर्च और ग्लोबल इंडस्ट्री की समझ भी हासिल करना चाहते हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए NIET ने यह महत्वपूर्ण साझेदारी की है।इस करार के तहत छात्र अब केवल भारत में पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें मलेशिया के विश्वविद्यालयों में जाकर अध्ययन करने, नए शोध प्रोजेक्ट्स में भाग लेने और वैश्विक शिक्षा प्रणाली को करीब से समझने का मौका मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग ही छात्रों के करियर को नई दिशा देंगे। यही वजह है कि इस घोषणा के बाद NIET के छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

छात्र आदान-प्रदान से मिलेगा इंटरनेशनल एक्सपीरियंस

इस साझेदारी का सबसे बड़ा आकर्षण स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम माना जा रहा है। इसके अंतर्गत NIET के छात्र मलेशिया के विश्वविद्यालयों में जाकर पढ़ाई और प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, वहीं विदेशी छात्र भी NIET में आकर भारतीय शिक्षा प्रणाली को समझेंगे।इससे छात्रों को अलग-अलग देशों की संस्कृति, तकनीक, शिक्षण पद्धति और कॉर्पोरेट वातावरण को समझने का मौका मिलेगा।शिक्षाविदों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में—आत्मविश्वास बढ़ाते हैंवैश्विक सोच विकसित करते हैं कम्युनिकेशन स्किल मजबूत करते हैंऔर उन्हें मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए बेहतर तैयार करते हैं।

फैकल्टी को भी मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच
यह करार केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा। NIET और मलेशिया के दोनों विश्वविद्यालयों के बीच फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे। इसके जरिए शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च करने, नई शिक्षण तकनीकों को सीखने और वैश्विक शिक्षा मानकों के अनुरूप खुद को अपडेट करने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि जब फैकल्टी मजबूत और आधुनिक होगी, तभी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। यही कारण है कि NIET इस साझेदारी को “फ्यूचर-रेडी एजुकेशन मॉडल” की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है।

रिसर्च और इनोवेशन को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
आज दुनिया तेजी से Artificial Intelligence, Data Science, Cyber Security, Robotics और Sustainable Technology जैसे क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है। ऐसे में रिसर्च और इनोवेशन की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। MoU के तहत संयुक्त शोध (Joint Research) और इंटरनेशनल पब्लिकेशन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। छात्र और शिक्षक मिलकर नई तकनीकों पर रिसर्च करेंगे और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में अपने शोध प्रकाशित कर सकेंगे। इससे NIET के छात्रों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि ग्लोबल रिसर्च एक्सपोजर भी मिलेगा, जो भविष्य में उनके करियर के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।

इंडस्ट्री-ओरिएंटेड एजुकेशन पर रहेगा फोकस
इस साझेदारी के अंतर्गत उद्योग आधारित पाठ्यक्रम (Industry-Oriented Curriculum) तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा।
इसके तहत— आधुनिक टेक्नोलॉजी आधारित ट्रेनिंग, इंटरनेशनल वर्कशॉप, टेक्निकल सेमिनार, ग्लोबल स्किल, डेवलपमेंट प्रोग्राम, इंडस्ट्री बेंचमार्किंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक इंडस्ट्री चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

NIET प्रबंधन ने बताया ऐतिहासिक कदम
इस अवसर पर NIET के निदेशक डॉ. विनोद एम काप्से ने कहा कि SEGI University और UCSI University के साथ यह समझौता संस्थान की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा— “यह साझेदारी हमारे छात्रों और फैकल्टी के लिए वैश्विक मंच पर सीखने, शोध करने और अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर लेकर आई है। हमारा उद्देश्य छात्रों को केवल अकादमिक शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में NIET और अधिक विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करेगा।


ग्रेटर नोएडा बन रहा एजुकेशन और रिसर्च हब
पिछले कुछ वर्षों में ग्रेटर नोएडा ने शिक्षा क्षेत्र में तेज़ी से विकास किया है। यहां मौजूद निजी विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान अब केवल डिग्री सेंटर नहीं, बल्कि रिसर्च और ग्लोबल एजुकेशन नेटवर्क का हिस्सा बनते जा रहे हैं।
NIET की यह पहल भी उसी बदलती तस्वीर का हिस्सा मानी जा रही है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय करार भविष्य में भारतीय छात्रों को विदेशों के बराबर अवसर दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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