Yatharth Hospital News : बारिश की राहत बनी बीमारी की आफत! नोएडा में वायरल संक्रमण का बढ़ता खतरा—बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा निशाने पर, अस्पतालों में रोज पहुंच रहे 30 से 40 मरीज; डॉक्टरों ने जारी की अहम हेल्थ एडवाइजरी, इन लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
नोएडा के सेक्टर-110 स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. प्रखर गर्ग ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में वायरल संक्रमण के मामलों में लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्तमान में अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज वायरल संक्रमण से संबंधित लक्षणों के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।

नोएडा, रफ़्तार टूडे। बरसात का मौसम जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर यह अपने साथ बीमारियों की लंबी फेहरिस्त भी लेकर पहुंचा है। लगातार हो रही बारिश, मौसम में अचानक हो रहे बदलाव, बढ़ती नमी और जलभराव की स्थिति ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पूरे एनसीआर में वायरल संक्रमण के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की है। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज तेज बुखार, सर्दी, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोगों ने समय रहते सावधानी नहीं बरती तो आने वाले दिनों में वायरल संक्रमण के मामलों में और वृद्धि हो सकती है।
यथार्थ हॉस्पिटल में बढ़ी मरीजों की संख्या, रोज पहुंच रहे 30 से 40 मरीज
नोएडा के सेक्टर-110 स्थित यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर (इंटरनल मेडिसिन) डॉ. प्रखर गर्ग ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में वायरल संक्रमण के मामलों में लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्तमान में अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज वायरल संक्रमण से संबंधित लक्षणों के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सबसे अधिक प्रभावित बच्चे, बुजुर्ग और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज हैं। इन वर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण संक्रमण तेजी से उन्हें अपनी चपेट में ले रहा है।

तेज बुखार से लेकर लगातार खांसी तक, यही हैं प्रमुख लक्षण
डॉ. प्रखर गर्ग के अनुसार इन दिनों आने वाले अधिकांश मरीजों में तेज बुखार, लगातार खांसी, नाक बहना, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द, अत्यधिक कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। कई मरीजों में भूख कम लगना और शरीर में पानी की कमी के लक्षण भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम में अचानक परिवर्तन होने पर शरीर को नए वातावरण के अनुसार खुद को ढालने में समय लगता है। इसी दौरान वायरस तेजी से सक्रिय होकर लोगों को संक्रमित करते हैं। यदि समय पर इलाज और सावधानी न बरती जाए तो सामान्य वायरल संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकता है।
बारिश में क्यों तेजी से फैल रहा संक्रमण?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन जाती हैं। जलभराव, गंदगी, दूषित पानी और तापमान में लगातार बदलाव संक्रमण फैलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संक्रमण तेजी से फैलता है। स्कूल, ऑफिस, बाजार और सार्वजनिक परिवहन में एक संक्रमित व्यक्ति कई अन्य लोगों तक वायरस पहुंचा सकता है। यही वजह है कि डॉक्टर इस मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
इन लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ वर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए— छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, मधुमेह के मरीज, हृदय रोगी, किडनी रोगी, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग इन लोगों में संक्रमण गंभीर रूप लेने की संभावना अधिक रहती है।

डॉक्टरों की सलाह: खुद दवा न लें, एंटीबायोटिक से बचें
डॉ. प्रखर गर्ग ने स्पष्ट किया कि वायरल संक्रमण होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकांश वायरल संक्रमण अपने निर्धारित समय में स्वयं ठीक हो जाते हैं और एंटीबायोटिक इन पर प्रभावी नहीं होती।
उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक एंटीबायोटिक लेने से भविष्य में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे आगे चलकर सामान्य संक्रमण का इलाज भी कठिन हो सकता है।
ऐसे करें अपना बचाव
डॉक्टरों ने लोगों को कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय अपनाने की सलाह दी है— पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पिएं।
पौष्टिक भोजन, ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन करें।
बारिश में भीगने से बचें।
भीगने पर तुरंत सूखे कपड़े पहनें।
साबुन से नियमित हाथ धोएं।
जरूरत पड़ने पर सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनें।
पर्याप्त नींद लें और शरीर को आराम दें।
खुले और दूषित खाद्य पदार्थों से बचें।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है?
विशेषज्ञों ने कहा कि यदि—
बुखार 2–3 दिन से अधिक बना रहे,
सांस लेने में तकलीफ हो,
लगातार कमजोरी महसूस हो,
शरीर में पानी की कमी हो,
या मरीज की हालत बिगड़ने लगे,
तो बिना देरी किए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर वायरल संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता है। घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना, जलभराव रोकना, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करना और व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। यथार्थ हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वायरल लक्षण को हल्के में न लें। समय पर चिकित्सकीय सलाह और सही उपचार न केवल मरीज को जल्दी स्वस्थ बनाता है, बल्कि संक्रमण को परिवार और समाज में फैलने से भी रोकता है। बरसात का यह मौसम भले ही राहत लेकर आया हो, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही बड़ी स्वास्थ्य समस्या में बदल सकती है। इसलिए स्वयं भी सतर्क रहें और अपने परिवार, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की अतिरिक्त देखभाल करें। जागरूकता, स्वच्छता और समय पर उपचार ही इस मौसम में स्वस्थ रहने का सबसे प्रभावी मंत्र है।



