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Noida Police News : नोएडा में 'पारिवारिक साइबर ठगी' का सबसे बड़ा खुलासा! पति-पत्नी चला रहे थे करोड़ों का फर्जी कॉल सेंटर, पार्ट-टाइम नौकरी और ऑनलाइन प्रमोशन के नाम पर लोगों से ऐंठते थे लाखों, 47 लोग पुलिस की गिरफ्त में, लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल और कॉलिंग डेटा बरामद

नोएडा, रफ़्तार टूडे। देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच नोएडा पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने साइबर ठगी को ही अपना ‘पारिवारिक बिजनेस’ बना लिया था। सेक्टर-63 थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पति-पत्नी समेत तीन मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। वहीं मौके से मिले 44 टेलीकॉलर्स को कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह लोगों को ‘ऑनलाइन प्रोडक्ट प्रमोशन’, ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ‘पार्ट-टाइम जॉब’ का झांसा देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। यह कार्रवाई नोएडा पुलिस के साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है।

गुप्त सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई, सेक्टर-63 में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि सेक्टर-63 क्षेत्र में एक कॉल सेंटर की आड़ में साइबर ठगी का संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि होने के बाद थाना सेक्टर-63 पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने मौके से कुल 47 लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कॉल सेंटर का संचालन पति-पत्नी द्वारा किया जा रहा था, जिन्होंने साइबर ठगी का पूरा नेटवर्क खड़ा कर रखा था। उनके साथ एक अन्य मुख्य आरोपी भी इस पूरे रैकेट का संचालन कर रहा था।

पार्ट-टाइम जॉब और ऑनलाइन प्रमोशन का लालच बनता था ठगी का हथियार

जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें बताया जाता था कि घर बैठे ऑनलाइन प्रोडक्ट प्रमोशन करके अच्छी कमाई की जा सकती है। शुरुआत में पीड़ितों को छोटे-छोटे भुगतान देकर उनका विश्वास जीता जाता था। इसके बाद उनसे विभिन्न शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट, अपग्रेडेशन फीस और अन्य निवेश के नाम पर बड़ी रकम जमा कराई जाती थी। जैसे ही पीड़ित अधिक पैसा जमा कर देते, आरोपियों द्वारा संपर्क समाप्त कर दिया जाता था और उनका पैसा हड़प लिया जाता था।

बेरोजगार युवाओं को नौकरी देकर बनवाते थे ठगी का हिस्सा

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह बेरोजगार युवाओं को कॉल सेंटर में नौकरी देता था। उन्हें आकर्षक वेतन और इंसेंटिव का लालच देकर भर्ती किया जाता था। इन कर्मचारियों का काम केवल लोगों को फोन कर योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करना था। प्रारंभिक जांच में अधिकांश कर्मचारियों की भूमिका केवल कॉलिंग तक सीमित पाई गई। इसी आधार पर 44 कर्मचारियों को आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया गया, जबकि पूरे रैकेट के संचालन में शामिल मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी गई।

लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल और कॉलिंग डेटा बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। इनमें कई लैपटॉप, डेस्कटॉप कंप्यूटर, मोबाइल फोन, कॉलिंग स्क्रिप्ट, डेटा शीट, ग्राहक सूची और अन्य इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज शामिल हैं। इन सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और कुल कितनी रकम इस नेटवर्क के माध्यम से एकत्र की गई।

बैंक खाते फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू

एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने बताया कि सेक्टर-63 स्थित फर्जी कॉल सेंटर से ऑनलाइन प्रोडक्ट प्रमोशन और पार्ट-टाइम कमाई का लालच देकर साइबर ठगी की जा रही थी। पुलिस ने पति-पत्नी समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि अपराध में प्रयुक्त बैंक खातों की पहचान की जा रही है और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत संबंधित खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।

लोगों से पुलिस की अपील

नोएडा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन नौकरी, पार्ट-टाइम कमाई, निवेश या प्रोडक्ट प्रमोशन के नाम पर मिलने वाले आकर्षक ऑफर पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के खाते में धनराशि जमा करने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच करें।

यदि किसी व्यक्ति के साथ इस प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं। नोएडा पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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