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DWPS School News : अग्नि, गीत और गूंजती खुशियाँ, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में लोहड़ी ने बाँधा संस्कृति और सौहार्द का सेतु, उत्‍सव पारंपरिक पंजाबी संगीत पर सभी ने लिया लोहड़ी का आनंद

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। नॉलेज पार्क स्थित दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल (DWPS), केपी-III में 13 जनवरी 2026 को लोहड़ी पर्व पूरे विधि-विधान, उल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ मनाया गया। ठिठुरन भरी सर्दी के बीच जब लोहड़ी की पावन अग्नि प्रज्वलित हुई, तो उसकी लौ के साथ ही परिसर में उमंग, ऊर्जा और संस्कृति की गरिमा भी जगमगा उठी। इस अवसर पर स्कूल की माननीय निदेशिका कंचन कुमारी, आदरणीय प्रधानाचार्या हीमा शर्मा, शिक्षकगण, कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत शुभ लोहड़ी अग्नि प्रज्वलन से हुई। अग्नि के चारों ओर पारंपरिक पंजाबी धुनों की ताल पर थिरकते कदमों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। ढोल की थाप, लोकगीतों की मधुरता और बच्चों की मुस्कान—हर दृश्य में पंजाब की लोक-संस्कृति की जीवंत झलक दिखाई दी।

विद्यार्थियों और शिक्षकों ने साथ मिलकर नृत्य किया, जिससे आपसी अपनत्व और सामूहिकता का भाव और सुदृढ़ हुआ।लोहड़ी की परंपरा के अनुसार रेवड़ी, मूंगफली और पॉपकॉर्न का प्रसाद वितरित किया गया। इन प्रतीकात्मक अर्पणों ने न केवल पर्व की सांस्कृतिक गरिमा को बढ़ाया, बल्कि साझेदारी और बाँटने की भावना को भी मजबूत किया। बच्चों ने उत्साह से प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएँ दीं।

विद्यालय परिसर में हर ओर हँसी-खुशी और उल्लास का वातावरण बना रहा।इस अवसर पर विद्यालय नेतृत्व ने लोहड़ी के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि फसल, प्रकृति, परिश्रम और सामूहिक आनंद का उत्सव है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और विविधताओं से भरे समाज में एकता का संदेश देता है। विद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों को अपनी लोक-परंपराओं के संरक्षण और सम्मान के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान यह भी देखने को मिला कि कैसे शिक्षा के साथ संस्कृति का संतुलन बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होता है। मंच सज्जा से लेकर संगीत चयन तक, हर तत्व में परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम दिखा। शिक्षक-शिक्षिकाओं की सक्रिय भागीदारी ने बच्चों में आत्मविश्वास और उत्साह को और बढ़ाया।दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल का यह आयोजन न केवल एक पर्व-समारोह था, बल्कि आपसी सौहार्द, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त उदाहरण भी रहा। विद्यार्थियों ने समूह में सहभागिता कर यह संदेश दिया कि स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों और सामाजिक मूल्यों का भी संवाहक है।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक शुभकामनाओं और सकारात्मक संकल्पों के साथ हुआ। ठंडी हवा में जलती लोहड़ी की अग्नि मानो यह कह रही थी कि परंपराएँ जब शिक्षा से से जुड़ती हैं, तो पीढ़ियाँ रोशन होती हैं। हर्षोल्लास से भरा यह उत्सव सभी के मन में यादगार बनकर दर्ज हो गया—जहाँ गीत, नृत्य और संस्कृति ने एक साथ मिलकर खुशियों की फसल काटी।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
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