Greater Noida News : नारी शक्ति से आत्मनिर्भर भारत तक, ग्रेटर नोएडा की रेनू मेमोरियल ट्रस्ट लखनऊ में सम्मानित, महिला आत्मनिर्भरता को मिला बढ़ावा, सशक्तिकरण को मिली नई उड़ान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। सामाजिक संस्था रेनू मेमोरियल ट्रस्ट को समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए लखनऊ में सम्मानित किया गया। रविवार को सहकारिता भवन में आत्मनिर्भर भारत और मिशन मोदी अगेन पीएम के बैनर तले शिवी शिल्पग्राम द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में ट्रस्ट को यह सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पवन चौहान, एमएलसी (सीतापुर) रहे। समारोह में मिशन मोदी अगेन पीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम गोपाल ‘काका’ तथा आत्मनिर्भर भारत की ब्रांड एम्बेसडर पुनीता भटनागर ने रेनू मेमोरियल ट्रस्ट को मोमेंटो और शाल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर रेनू मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से महिला आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शिवी शिल्पग्राम को तीन सिलाई मशीनों हेतु 11,000 रुपये का चेक भी प्रदान किया गया। इस सहयोग को महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल बताया गया।
समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों में समाजसेवा के लिए सक्रिय फरजाना, रीना साहू, शालिनी सिंह, अरुणिमा श्रीवास्तव, नीमा पंत, वेद प्रकाश सक्सेना और ज्योत्स्ना को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ग्रेटर नोएडा की रेनू मेमोरियल ट्रस्ट जैसी संस्थाएं जमीनी स्तर पर कार्य कर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत कर रही हैं।
महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी रेनू मेमोरियल ट्रस्ट
रेनू मेमोरियल ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने, सिलाई, हस्तशिल्प, कढ़ाई, घरेलू उद्योग, प्रशिक्षण शिविर और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने का कार्य कर रही है।
ट्रस्ट का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करना है। यही कारण है कि संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयास आज प्रदेश स्तर पर सराहे जा रहे हैं।
सम्मान के साथ सहयोग की अनूठी पहल
इस समारोह की सबसे खास बात यह रही कि सम्मान ग्रहण करने के साथ-साथ रेनू मेमोरियल ट्रस्ट ने समाज को लौटाने की भावना को भी मंच से ही साकार किया।
महिला आत्मनिर्भरता को और मजबूती देने के उद्देश्य से ट्रस्ट की ओर से शिवी शिल्पग्राम को तीन सिलाई मशीनों हेतु 11,000 रुपये का चेक प्रदान किया गया।
इस सहयोग को उपस्थित वक्ताओं ने “सम्मान से भी बड़ी समाजसेवा” बताते हुए कहा कि यह पहल जरूरतमंद महिलाओं को रोजगार के साधन उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
आत्मनिर्भर भारत के सपने को जमीनी हकीकत में बदलती संस्थाएं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं, बल्कि इसके लिए रेनू मेमोरियल ट्रस्ट जैसी जमीनी संस्थाओं की भूमिका सबसे अहम है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना ही असल में परिवार, समाज और राष्ट्र को मजबूत करना है। इस दिशा में रेनू मेमोरियल ट्रस्ट का योगदान प्रशंसनीय ही नहीं, बल्कि प्रेरणादायक भी है।
ग्रेटर नोएडा के लिए गौरव का क्षण
रेनू मेमोरियल ट्रस्ट को मिला यह सम्मान केवल संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे ग्रेटर नोएडा के लिए गौरव का विषय है। यह साबित करता है कि ग्रेटर नोएडा अब केवल औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की प्रयोगशाला भी बनता जा रहा है।
वक्ताओं की एक राय: “महिला सशक्तिकरण ही सशक्त भारत की कुंजी”
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि—
“जब महिलाएं आत्मनिर्भर होती हैं, तो समाज स्वतः सशक्त हो जाता है। रेनू मेमोरियल ट्रस्ट जैसी संस्थाएं भारत के भविष्य की नींव मजबूत कर रही हैं।”



