शिक्षाग्रेटर नोएडा

GL Bajaj College News : जी.एल. बजाज ने खोला अत्याधुनिक एआर/वीआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, छात्रों को मिलेगी इमर्सिव टेक्नोलॉजी की नई दुनिया, उद्योगों में AR/VR का बढ़ता महत्व, उद्घाटन समारोह बना उद्योग और अकादमिक का संगम

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा स्थित जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (GLBITM) ने एक बार फिर शिक्षा जगत में बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने अपने परिसर में अत्याधुनिक ऑगमेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। यह कदम न केवल तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि उद्योग-अकादमिक साझेदारी की दिशा में भी एक ऐतिहासिक पहल साबित होने वाला है।

उद्घाटन समारोह बना उद्योग और अकादमिक का संगम

इस भव्य अवसर पर देश-विदेश की दिग्गज कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें ThoughtWorks, LTIMindtree, Newgen, ServiceNow, Cisco Networking Academy, Ericsson, Palo Alto, Myntra, Coforge, Fidelity, Emerson और VVDN जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल रहीं।

इन कंपनियों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि AR/VR लैब सिर्फ एक शिक्षण स्थान नहीं, बल्कि इंडस्ट्री और शिक्षा का वास्तविक संगम बनने जा रही है। इस सहयोग से छात्रों को सीधे उद्योग से जुड़े प्रोजेक्ट्स और इनोवेशन पर काम करने का अवसर मिलेगा।

इस पहल के प्रशिक्षण भागीदार के रूप में Algorix सामने आया है, जो विद्यार्थियों को व्यावहारिक और प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग प्रदान करेगा।

छात्रों के लिए भविष्य की तकनीक का दरवाज़ा

AR/VR सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इस तरह से विकसित किया गया है कि यह छात्रों को इमर्सिव टेक्नोलॉजी में उन्नत और व्यावहारिक कौशल प्रदान करे।
यहां विद्यार्थी इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, ई-कॉमर्स, साइबर सुरक्षा और प्रोडक्ट डिजाइन जैसे क्षेत्रों के वास्तविक अनुप्रयोगों को अनुभव कर सकेंगे।

अत्याधुनिक उपकरण और वैश्विक मानकों पर आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर छात्रों को प्रयोग और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। इस लैब के जरिए छात्र न केवल इंडस्ट्री-रेडी बनेंगे, बल्कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की नई चुनौतियों के समाधान भी खुद तैयार करेंगे।

उद्योगों में AR/VR का बढ़ता महत्व

आज की दुनिया में AR/VR केवल गेमिंग तक सीमित नहीं है। यह तकनीक अब हर क्षेत्र में क्रांति ला रही है।

हेल्थकेयर में – डॉक्टर और मेडिकल छात्र वर्चुअल एनवायरनमेंट में जटिल सर्जरी का अभ्यास कर सकते हैं।मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग में – डिज़ाइन और प्रोटोटाइप को वास्तविक अनुभव के साथ समझा जा सकता है।

ई-कॉमर्स में – ग्राहक बिना प्रोडक्ट छुए वर्चुअल तरीके से उसे आज़मा सकते हैं। साइबर सुरक्षा में – सिमुलेशन के जरिए नए खतरों की पहचान और समाधान खोजे जा सकते हैं। GL Bajaj का यह AR/VR सेंटर छात्रों को इन सभी संभावनाओं की वास्तविक झलक और अभ्यास उपलब्ध कराएगा।

चेयरमैन पंकज अग्रवाल का विज़न

उद्घाटन के अवसर पर जी.एल. बजाज एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के वाइस चेयरमैन श्री पंकज अग्रवाल ने कहा:

> “जी.एल. बजाज में हमारा विज़न शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटते हुए विद्यार्थियों को सबसे उन्नत लर्निंग इकोसिस्टम उपलब्ध कराना है। एआर/वीआर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल एक लैब नहीं है, बल्कि एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जहां विचार और नवाचार एक साथ मिलते हैं। हमारे प्रतिष्ठित उद्योग साझेदारों के सहयोग से हम ऐसे भविष्य-तैयार प्रोफेशनल्स तैयार करना चाहते हैं जो तकनीकी परिवर्तन की अगली लहर का नेतृत्व करें।”

यह बयान स्पष्ट करता है कि यह सेंटर केवल प्रयोगशाला भर नहीं, बल्कि छात्रों के सपनों और उद्योग की जरूरतों का पुल बनने जा रहा है।

जी.एल. बजाज की बढ़ती पहचान

AR/VR सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उद्घाटन के साथ GL Bajaj ने यह साबित कर दिया है कि वह सिर्फ एक शिक्षण संस्थान नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इनोवेशन हब बन चुका है। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर छात्रों को अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) प्रदान करता है।

इंडस्ट्री-एकेडमिक सहयोग ने इसे छात्रों के लिए रोज़गार और इनोवेशन दोनों का केंद्र बना दिया है। संस्थान का यह कदम ग्रेटर नोएडा को भी टेक्नोलॉजी और शिक्षा के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिला रहा है।

आगे का रास्ता

इस सेंटर की स्थापना से छात्रों को न केवल शिक्षा बल्कि रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप्स के लिए भी मंच मिलेगा। कई कंपनियां यहां से निकलने वाले नए समाधानों और प्रोटोटाइप्स को सीधे अपने प्रोडक्ट डेवलपमेंट में इस्तेमाल कर सकती हैं।

आने वाले वर्षों में यह सेंटर AR/VR रिसर्च हब के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है।

क्यों खास है यह सेंटर?

1. इंडस्ट्री-रेडी ट्रेनिंग – छात्रों को सीधे कंपनियों से प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अवसर।

2. विविध अनुप्रयोग – हेल्थ, इंजीनियरिंग, साइबर सिक्योरिटी, ई-कॉमर्स तक विस्तृत दायरा।

3. नवाचार का मंच – छात्र अपने इनोवेटिव आइडियाज को वर्चुअल रूप देकर स्टार्टअप तक ले जा सकते हैं।

4. भविष्य की तैयारी – डिजिटल इंडिया और इंडस्ट्री 4.0 के अनुरूप ट्रेनिंग

रफ़्तार टुडे की न्यूज़

Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button