Breaking News : ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से बढ़ा सियासी बवाल, गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव ने समाजवादी पार्टी से दिया इस्तीफा, कहा— “अधिवक्ता हित और सामाजिक सम्मान सर्वोपरि”, वकीलों के चैंबर निर्माण रोकने का भी लगाया आरोप

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। गौतमबुद्धनगर की राजनीति और अधिवक्ता समाज में उस समय हलचल मच गई, जब जनपद दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एडवोकेट मनोज भाटी (बोडाकी) और सचिव एडवोकेट शोभाराम चंदीला ने समाजवादी पार्टी से अपने सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। दोनों अधिवक्ताओं ने एक संयुक्त पत्र जारी करते हुए पार्टी के कुछ नेताओं और प्रवक्ताओं पर समाज में विभाजनकारी माहौल पैदा करने और अधिवक्ता समाज की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है।
जारी पत्र में कहा गया है कि हाल के दिनों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा मीडिया और सोशल मीडिया पर दिए गए कुछ बयानों से समाज में नकारात्मक संदेश गया है। विशेष रूप से ब्राह्मण समाज को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर अधिवक्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों में भारी रोष व्याप्त है।
“अधिवक्ता समाज सभी वर्गों को साथ लेकर चलता है”
अपने इस्तीफे में दोनों नेताओं ने स्पष्ट कहा कि अधिवक्ता समाज हमेशा सभी धर्मों, जातियों और समुदायों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखता है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारी होने के नाते उनकी जिम्मेदारी समाज में समरसता, सौहार्द और सम्मान बनाए रखने की है।
पत्र में उल्लेख किया गया कि राजनीतिक बयानबाजी और कटु टिप्पणियां न केवल अधिवक्ता समाज बल्कि पूरे क्षेत्र में सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज विशेष के प्रति अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी से बढ़ा आक्रोश
इस्तीफे में दावा किया गया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर की गई टिप्पणी से अधिवक्ताओं में गहरा असंतोष है। बार एसोसिएशन से जुड़े बड़ी संख्या में अधिवक्ता ब्राह्मण समाज से आते हैं और इस बयान के बाद उनमें रोष का माहौल है।
दोनों नेताओं ने कहा कि समाज में सम्मान और सद्भाव बनाए रखना राजनीति से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। ऐसे में अधिवक्ता हितों और सामाजिक सम्मान को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया।
वकीलों के चैंबर निर्माण रोकने का भी लगाया आरोप
पत्र में एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि कुछ राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों द्वारा करीब 600 अधिवक्ताओं के लिए बनाए जा रहे चैंबरों के निर्माण कार्य को प्रभावित करने और रुकवाने की कोशिश की जा रही है। इसे अधिवक्ता समाज के हितों के खिलाफ बताया गया।
दोनों नेताओं ने कहा कि इन परिस्थितियों के कारण पार्टी में बने रहना उनके लिए असहज होता जा रहा था और अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह बड़ा निर्णय लिया।
मनोज भाटी ने अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव पद से भी दिया इस्तीफा
एडवोकेट मनोज भाटी (बोडाकी) ने केवल पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ही नहीं छोड़ी, बल्कि समाजवादी पार्टी की अधिवक्ता सभा में राष्ट्रीय सचिव पद से भी इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब वह अपनी पूरी ऊर्जा अधिवक्ता समाज और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित करेंगे।
अधिवक्ता समाज में चर्चा का विषय बना इस्तीफा
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव के इस सामूहिक इस्तीफे के बाद अधिवक्ता समाज और स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक जानकार इसे आगामी समय में क्षेत्रीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं। वहीं अधिवक्ता समाज के कई लोगों ने इस फैसले को सामाजिक सम्मान और अधिवक्ता हितों से जुड़ा कदम बताया है।



