‘अब बोलेगा सिस्टम, नहीं होगी मिसकम्युनिकेशन की गुंजाइश’, गलगोटिया यूनिवर्सिटी का जिम्मेदार सूचना साझाकरने पर जोर, संचार ढांचे को किया री-कैलिब्रेट

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में आगे बढ़ते हुएGalgotias University ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने अपने आंतरिक औरबाहरी संचार तंत्र (Communication Framework) को पूरी तरह से री–कैलिब्रेट करते हुए एक नया औरसुव्यवस्थित ढांचा लागू किया है। इस पहल का उद्देश्य विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर स्पष्ट, सुसंगत, नैतिकऔर जिम्मेदार संचार सुनिश्चित करना है, जिससे सभी हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
“नई कम्युनिकेशन पॉलिसी—हर विभाग, हर प्लेटफॉर्म पर एकरूपता का लक्ष्य”
विश्वविद्यालय द्वारा जारी इस नई रूपरेखा में विभागीय स्तर से लेकर केंद्रीय प्रशासन तक संचार प्रक्रियाओं कोस्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। यह ढांचा न केवल सूचना प्रवाह को सरल और पारदर्शी बनाएगा, बल्किअकादमिक और प्रशासनिक इकाइयों के बीच बेहतर संरेखण (Alignment) भी स्थापित करेगा। इस पहल सेयह सुनिश्चित किया जाएगा कि विश्वविद्यालय का हर संदेश—चाहे वह आंतरिक हो या बाहरी—संरचित, विश्वसनीय और एकरूप हो।
“कुलपति के. मल्लिकार्जुन बाबू की पहल—सिस्टम में लाएंगे स्पष्टता और जवाबदेही”
इस संचार ढांचे को कुलपति K. Mallikarjun Babu द्वारा जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज केसमय में जब विश्वविद्यालयों को अकादमिक पार्टनर्स, इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स और पब्लिक ऑडियंस से लगातारसंवाद करना पड़ता है, तब एक मजबूत और स्पष्ट संचार प्रणाली बेहद आवश्यक हो जाती है। उनके अनुसार, यहपहल संस्थान के भीतर जवाबदेही (Accountability) और पारदर्शिता को भी मजबूत करेगी।
“मेगा ट्रेनिंग इनिशिएटिव—स्टूडेंट्स से लेकर फैकल्टी तक सबको मिलेगा प्रोफेशनल कम्युनिकेशन काप्रशिक्षण”
सिर्फ नीति बनाने तक ही सीमित न रहकर विश्वविद्यालय ने इसके साथ–साथ एक मेगा ट्रेनिंग इनिशिएटिव भीशुरू किया है। इस पहल के तहत छात्रों, फैकल्टी और प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए संरचित ट्रेनिंग सेशंसआयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं। मीडिया एंगेजमेंट प्रोटोकॉल पब्लिक स्पीकिंग और प्रेजेंटेशन स्किल्सइंटरपर्सनल कम्युनिकेशन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदार सहभागिता हाई–प्रोफाइल इवेंट्स में प्रोफेशनलप्रतिनिधित्व इन सत्रों का उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावसायिक और समकालीन संचार कौशल से लैस करना है।
“इंडस्ट्री और मीडिया एक्सपर्ट्स की भागीदारी—रियल वर्ल्ड एक्सपोजर”
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें इंडस्ट्री प्रैक्टिशनर्स और मीडिया प्रोफेशनल्स को भी शामिलकिया गया है।
इन विशेषज्ञों के अनुभव से छात्रों और स्टाफ को रियल वर्ल्ड कम्युनिकेशन चैलेंजेस को समझने और उनसे निपटनेकी रणनीति सीखने का अवसर मिल रहा है। इससे विश्वविद्यालय का संचार तंत्र केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्किव्यावहारिक और प्रभावी भी बन सकेगा।
“नई PR हेड की भर्ती—2 हफ्तों में पूरी होगी प्रक्रिया”
संचार ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने एक समर्पित जनसंपर्क प्रमुख (PR Head) की भर्तीप्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
प्रशासन का लक्ष्य है कि इस पद को अगले दो सप्ताह के भीतर भर लिया जाए, जिससे संचार रणनीतियों को औरअधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
“जिम्मेदार सूचना साझा करने पर जोर—डिजिटल युग की जरूरत”
इस पहल के तहत विश्वविद्यालय ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी स्तरों पर जिम्मेदार सूचना साझा करने कीसंस्कृति विकसित हो।
आज के डिजिटल युग में जहां जानकारी तेजी से फैलती है, वहां फैक्ट–चेक, एथिक्स और स्पष्टता अत्यंतआवश्यक हो जाते हैं। नई नीति इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
“कम्युनिकेशन में सुधार से बढ़ेगा संस्थान का प्रभाव”
Galgotias University की यह पहल केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक स्ट्रेटेजिक ट्रांसफॉर्मेशनहै, जो आने वाले समय में विश्वविद्यालय की छवि, कार्यक्षमता और प्रभाव को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।कुलपति K. Mallikarjun Babu के शब्दों में, “यह पहल हाल ही में पहचाने गए अंतराल को पाटने और एकमजबूत, पारदर्शी और विश्वसनीय संचार पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।” स्पष्ट हैकि इस बदलाव के साथ गैलगोटियास यूनिवर्सिटी अब केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि प्रभावी संवाद और नेतृत्वक्षमता के क्षेत्र में भी एक नई मिसाल स्थापित करने की ओर बढ़ रही है।



