Dronacharya College News : ग्रेटर नोएडा का द्रोणाचार्य कॉलेज बाल-बाल बचा भीषण हादसे से, एसी में लगी आग से मचा हड़कंप, छात्र फंसा अंदर वीडियो हुआ वायरल, हाल ही के हॉस्टल हादसे की भी यादें ताज़ा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा का नॉलेज पार्क क्षेत्र इन दिनों लगातार आग की घटनाओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है। ताज़ा मामला द्रोणाचार्य कॉलेज का है, जहां एचओडी (HOD) के कमरे में लगे एसी में अचानक आग लग गई। आग लगते ही कॉलेज परिसर में भगदड़ मच गई और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान एक छात्र आग के बीच में फंस गया। गनीमत रही कि आग को समय रहते काबू में ले लिया गया, वरना हादसा बड़ा रूप ले सकता था।
कैसे लगी आग?
सूत्रों के मुताबिक, घटना सुबह लगभग 8 बजे की है। उस समय कॉलेज का स्टाफ और छात्र-छात्राएँ परिसर में पहुंचना शुरू ही हुए थे। अचानक एचओडी रूम में एसी में चिंगारी उठी और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। हालांकि आग लगने के पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि यह शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ।
आग में फंसा छात्र – वीडियो वायरल
आग लगने के तुरंत बाद जब कॉलेज में अफरा-तफरी मची, तभी एक छात्र उस कमरे के पास ही फंस गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्र बुरी तरह से घबराया हुआ अपने आप को आग से बचाने की कोशिश कर रहा है। कॉलेज स्टाफ और अन्य छात्र बाहर निकल चुके थे, लेकिन यह छात्र अंदर ही रह गया। गनीमत रही कि वह लपटों की चपेट में नहीं आया और समय रहते सुरक्षित बाहर निकल पाया।
फायर विभाग को मिली सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत फायर ब्रिगेड विभाग को सूचना दी गई। हालांकि फायर ब्रिगेड की टीम के पहुंचने से पहले ही कॉलेज प्रबंधन और मौजूद लोगों ने मिलकर आग पर काबू पा लिया। यदि आग थोड़ी और फैलती तो यह एक बड़ा हादसा बन सकता था, क्योंकि उस समय कॉलेज में बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर चर्चा
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कई लोग कॉलेज प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कॉलेज भवन में सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा। वहीं कुछ लोग इसे फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी का नतीजा बता रहे हैं।
हाल ही के हॉस्टल हादसे की यादें ताज़ा
गौरतलब है कि हाल ही में नॉलेज पार्क के एक गर्ल्स हॉस्टल में भी आग लगने की घटना सामने आई थी। उस हादसे में कई छात्राएँ फंस गई थीं। जान बचाने के लिए दो छात्राओं को ऊपरी मंज़िल से कूदना पड़ा, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इस घटना ने कॉलेज प्रशासन और नगर प्राधिकरण पर सवाल खड़े किए थे कि आखिर सुरक्षा के इतने बड़े इंतज़ामों के बावजूद लगातार आग की घटनाएँ क्यों हो रही हैं।
सवालों के घेरे में कॉलेज प्रशासन
यह पहली बार नहीं है जब कॉलेज या हॉस्टल में आग लगी हो। लगातार हो रही घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि –
- क्या कॉलेज प्रबंधन ने फायर सेफ्टी उपकरणों को सही स्थिति में रखा है?
- क्या छात्रों को ऐसे हादसों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल करवाई जाती है?
- क्या बिजली की वायरिंग और एसी जैसी मशीनों की नियमित मेंटेनेंस जांच होती है?
इन सवालों का जवाब कॉलेज प्रशासन को देना होगा, क्योंकि छात्रों की ज़िंदगी से बड़ा कोई मुद्दा नहीं हो सकता।
गनीमत और सीख
इस घटना में सबसे बड़ी गनीमत यह रही कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी भी छात्र की जान नहीं गई। लेकिन यह भी सच है कि यदि आग कुछ देर और फैलती, तो यह हादसा भयावह हो सकता था।
इस घटना से यह सीख मिलती है कि कॉलेज और हॉस्टल प्रशासन को फायर सेफ्टी सिस्टम, नियमित जांच और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
छात्रों और अभिभावकों की चिंता
घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में डर और चिंता का माहौल है। वे प्रशासन से लगातार सवाल कर रहे हैं कि उनके बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। कुछ अभिभावकों का कहना है कि जब कॉलेज और हॉस्टल फीस के नाम पर लाखों रुपये वसूलते हैं, तो क्या उनमें सुरक्षा इंतज़ामों के लिए बजट नहीं रखा जाता?
नॉलेज पार्क स्थित द्रोणाचार्य कॉलेज में लगी आग ने एक बार फिर से सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। यदि कॉलेज प्रशासन अब भी नहीं चेता तो भविष्य में ऐसे हादसे और भी भयावह हो सकते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों और कॉलेज प्रबंधन को तुरंत फायर सेफ्टी सिस्टम को दुरुस्त करना होगा और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
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