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Kailash College News : "सेवा, श्रद्धा और संकल्प का संगम", कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेस में संस्थापक स्वर्गीय श्री एस.के. गोयल जी की पुण्यतिथि पर भंडारा, हवन और रक्तदान शिविर के साथ मानवता को समर्पित हुआ दिन, ‘कर्मयोग’ की जीवंत मिसाल बना संस्थान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा स्थित कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेस ने 7 नवंबर को अपने संस्थापक कर्मयोगी स्वर्गीय श्री एस.के. गोयल जी एवं संजीव गोयल जी की द्वितीय पुण्यतिथि पर एक भव्य श्रद्धांजलि समारोह, रक्तदान शिविर और भंडारे का आयोजन किया। यह अवसर केवल स्मरण का नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की परंपरा को आगे बढ़ाने का भी रहा।

श्रद्धांजलि समारोह से शुरू हुआ ‘सेवा का पर्व’

समारोह की शुरुआत श्रद्धा और भावनाओं से ओतप्रोत हवन यज्ञ से हुई, जिसमें वातावरण पूरी तरह भक्ति और पवित्रता से भर गया। इस अवसर पर संस्थान की अध्यक्षा श्रीमती संतोष गोयल, शिक्षा निदेशक श्रीमती बिंदिया गोयल, परिवार के अन्य सदस्य, प्राचार्य, शिक्षकगण, अतिथिगण और सैकड़ों छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
सभी ने हवन में आहुति देकर संस्थापक के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। हवन उपरांत प्रसाद वितरण के दौरान छात्रों और स्टाफ सदस्यों में भावुकता और गर्व का मिश्रण दिखाई दिया।

रक्तदान शिविर: मानवता की मिसाल बना आयोजन

संस्थान परिसर में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों और स्टाफ ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कई छात्रों ने अपने पहले रक्तदान का अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह “मानवता की सबसे बड़ी सेवा” है। शिविर के दौरान दर्जनों यूनिट रक्त एकत्र किया गया, जो अस्पतालों और जरूरतमंद मरीजों के काम आएगा।
इस दौरान संस्थान प्रशासन ने यह संदेश दिया कि “सेवा सबसे बड़ा धर्म है और रक्तदान सबसे बड़ी दानशीलता।”

भंडारे में उमड़ा श्रद्धा और सेवा का सैलाब

पुण्यतिथि कार्यक्रम का अगला चरण भंडारे के रूप में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मैनेजिंग डायरेक्टर श्री संदीप गोयल अपने परिवार सहित वृद्धाश्रम पहुंचे, जहाँ उन्होंने बुजुर्गों को भोजन कराया और उनके साथ समय बिताया। यह दृश्य सभी उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा — जहां संस्थापक के आदर्श “करुणा, सेवा और मानवता” को उनके अपने परिवार और संस्थान ने कर्म के रूप में साकार किया।
भंडारे में बड़ी संख्या में छात्र, स्टाफ सदस्य और स्थानीय लोग शामिल हुए।

संस्थापक की स्मृति में सेवा का संकल्प

कार्यक्रम के समापन पर संस्थान परिवार ने एकमत होकर संकल्प लिया कि वे स्वर्गीय श्री एस.के. गोयल जी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर निरंतर चलते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि “हमारा हर कदम समाजसेवा, करुणा और शिक्षा के उत्थान को समर्पित रहेगा।” संस्थान की अध्यक्षा संतोष गोयल ने अपने भावपूर्ण शब्दों में कहा “संस्थापक जी का जीवन त्याग और सेवा की प्रेरणा है। आज हम सब उनके आदर्शों को अपनाकर समाज को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे।”

कर्मयोग’ की जीवंत मिसाल बना संस्थान

कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेस, संजीव मेमोरियल फाउंडेशन के अंतर्गत वर्षों से स्वास्थ्य शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। संस्थान के विद्यार्थी न केवल शिक्षा में, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी आगे रहते हैं। रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सहायता और वृद्धाश्रम सेवा जैसे आयोजन संस्थान की पहचान बन चुके हैं।
इस अवसर पर प्राचार्य ने भी कहा कि “संस्थापक जी ने सिर्फ संस्था नहीं, एक विचारधारा की नींव रखी थी — जो समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा से जोड़ती है।”

पुण्यतिथि पर ‘सेवा ही श्रद्धांजलि’ का सन्देश

इस आयोजन ने साबित किया कि श्रद्धांजलि केवल फूलों या शब्दों से नहीं, बल्कि कर्म और सेवा से दी जाती है।
दिन भर चले कार्यक्रम में छात्रों की सहभागिता, अध्यापकों का समर्पण और परिवार की विनम्रता ने इसे एक आदर्श ‘मानवता दिवस’ का रूप दे दिया। संस्थान परिसर में हर ओर यही भावना थी कि “जो दूसरों की सेवा में जीवन लगाता है, वही सच्चा कर्मयोगी है।”

कैलाश परिवार का समाज के नाम वचन

कैलाश संस्थान परिवार ने घोषणा की कि आने वाले वर्षों में भी वे रक्तदान, हेल्थ कैंप, नर्सिंग ट्रेनिंग और ग्रामीण सेवा जैसे कार्यक्रमों को और सशक्त करेंगे।
साथ ही संस्थापक की स्मृति में हर वर्ष इसी प्रकार सेवा शिविर और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

7 नवंबर का यह दिन केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि “सेवा, श्रद्धा और संकल्प” का उत्सव बन गया। स्वर्गीय श्री एस.के. गोयल जी के आदर्शों की ज्योति ने संस्थान को एक नई ऊर्जा दी — एक ऐसी ऊर्जा जो शिक्षा को सेवा से जोड़ती है, और मानवता को कर्म से

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Raftar Today
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