Ryan International School : समाज सेवा, संवेदना और स्थायित्व का पाठ, रयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने 'गूंज' में सीखी जीवन बदलने वाली बातें!, एक दिवसीय इंटर्नशिप ने संवेदनशीलता, पुनर्चक्रण और सामाजिक जिम्मेदारी की नई परिभाषा दी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
देश के सबसे चर्चित सामाजिक संगठनों में शुमार गूंज में जब रयान इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेटर नोएडा के विद्यार्थियों ने कदम रखा, तो यह केवल एक औपचारिक इंटर्नशिप का मौका नहीं था, बल्कि मानवता, उद्यमिता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता की जीवंत पाठशाला में प्रवेश था।
शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार: अनुभव आधारित सीख का नया अध्याय
22 जुलाई 2025 को रयान स्कूल के छात्रों का यह दौरा केवल “देखने” तक सीमित नहीं था, बल्कि यह “समझने”, “महसूस करने” और “समाज के लिए सोचने” का गहन अनुभव था। स्कूल प्रबंधन, विशेषकर अध्यक्ष महोदय के निर्देश पर आयोजित इस एक दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में सामाजिक जागरूकता, उत्तरदायित्व और नवाचार की भावना को विकसित करना था।
गूंज में पुनर्चक्रण की कला: बेकार से बेहतरीन बनाने की प्रेरक कहानी
गूंज एनजीओ की कार्यशैली को देख छात्र दंग रह गए। कैसे एक पुराना कपड़ा, बेकार कागज़, टूटी चीजें – इन सबको नई ज़िंदगी दी जा रही है!
छात्रों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि पुराने कपड़ों से कैसे सुंदर बैग बनाए जाते हैं, हस्तनिर्मित कागज़ से किस तरह फ़ोल्डर और ग्रीटिंग कार्ड तैयार होते हैं, और पर्यावरण के अनुकूल मोमबत्तियाँ किस तरह बनाई जाती हैं।
यह कोई सामान्य कार्यशाला नहीं थी – यह एक “परिवर्तन की प्रयोगशाला” थी।
समाज सेवा से आत्मनिर्भरता तक: गूंज की मिशन-ड्रिवन उद्यमिता
गूंज केवल वस्तुएं बनाता नहीं, जीवन संवारता है। छात्रों ने जाना कि यह संस्था ग्रामीण समुदायों को न केवल रोजगार देती है, बल्कि उन्हें उद्यमी बनाती है।
प्रोडक्ट डेवेलपमेंट से लेकर मार्केटिंग और सेल्स तक, गूंज के मॉडल ने छात्रों को दिखाया कि कैसे एक एनजीओ खुद को आत्मनिर्भर बनाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। यह CSR या दान तक सीमित नहीं, बल्कि एक सशक्तिकरण की पूरी व्यवस्था है।
विचारों का विस्तार: संवाद, चिंतन और संवेदनशीलता की दिशा में कदम
छात्रों और गूंज प्रतिनिधियों के बीच अपशिष्ट प्रबंधन, टिकाऊ जीवनशैली, ग्रामीण विकास और जागरूक उपभोक्तावाद जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।
इन संवादों ने छात्रों को यह सोचने पर विवश किया कि “सक्सेस” केवल बड़ी नौकरी या बड़ी सैलरी नहीं होती, बल्कि समाज के लिए उपयोगी बनना और ज़मीन से जुड़ी समस्याओं को सुलझाना भी एक महान उपलब्धि है।

कक्षा से बाहर की कक्षा: सीख जो दिल और दिमाग दोनों को छू गई
रयान इंटरनेशनल स्कूल हमेशा से “बुक-बेस्ड लर्निंग” से आगे जाकर अनुभव-आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देता रहा है। यह इंटर्नशिप उसी सोच की एक बेजोड़ मिसाल थी।
छात्रों ने महसूस किया कि करुणा, रचनात्मकता और सामुदायिक जुड़ाव किसी पाठ्यक्रम में नहीं पढ़ाया जा सकता – यह अनुभवों से ही सीखा जा सकता है।
छात्र बोले – “यह सिर्फ एक दौरा नहीं था, यह हमारी सोच बदलने वाली यात्रा थी!”
एक छात्रा ने बताया –
“मैंने कभी नहीं सोचा था कि पुराने कपड़े या अख़बार भी किसी के लिए जीवन का सहारा बन सकते हैं। गूंज ने हमें बताया कि समाज में बदलाव के लिए बहुत बड़े संसाधन नहीं, बस संवेदनशील सोच चाहिए।”
एक अन्य छात्र ने कहा –
“हमें अब समझ आया कि रीसायक्लिंग केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आजीविका और आत्मसम्मान से भी जुड़ा हुआ है।”
भविष्य की दिशा तय करने वाला अनुभव
गूंज का यह दौरा विद्यार्थियों के लिए केवल एक डे-ट्रिप नहीं था, यह एक परिवर्तनकारी अनुभव था जिसने उनकी सोच को विस्तार दिया, उन्हें सामाजिक चुनौतियों के प्रति सजग बनाया और एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
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